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Kangra News: सड़कों पर डैथ ट्रैप बने टूटे मेटल क्रैश बैरियर, आंखों को मूंदकर बैठे जिम्मेदार
Mon, 29 Jun 2026 07:38 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 29 Jun 2026 07:38 AM IST
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क्षतिग्रस्त हुए कांगड़ा-धर्मशाला सड़क के किनारे लगे मेटल क्रैश बैरियर। -संवाद
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धर्मशाला। लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद न तो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और न ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सबक लेने को तैयार दिख रहे हैं। कई मुख्य सड़कों पर हादसे को रोकने के लिए पैरापिट की जगह अब आधुनिक मेटल क्रैश बैरियर लगाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ये सुरक्षा इंतजाम अब सिर्फ कागजों और फाइलों में ही मजबूत नजर आते हैं।
अमर उजाला के लिए संवाद न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर ने रविवार को धरातल पर सुरक्षा इंतजामों को जांचने के लिए कांगड़ा से नंदरूल-राजल वाया पुराना कांगड़ा और कांगड़ा से वाया सकोह होते हुए धर्मशाला तक के मुख्य सड़क मार्गों का जायजा लिया। इस दौरान जो तस्वीरें सामने आईं वे बेहद चिंताजनक हैं। कई संवेदनशील मोड़ों और खतरनाक ढलानों पर लगे मेटल क्रैश बैरियर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
नंदरूल-राजल वाया पुराना कांगड़ा सड़क पर जगह-जगह मेटल क्रैश बैरियर मिट्टी और मलबे के कारण सड़क के बिल्कुल बराबर हो गया है।सड़क किनारे की मिट्टी धंसने और मलबे के कारण बैरियर पूरी तरह झाड़ियों में ओझल हो चुका है। अगर कोई वाहन अनियंत्रित होता है तो यह बैरियर उसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रहेगा और गाड़ी सीधे गहरी खाई में जा गिरेगी।
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ऐसे ही स्थिति कांगड़ा से वाया सकोह-धर्मशाला सड़क पर भी रही। सकोह मार्ग के तीखे मोड़ों पर भी सुरक्षा की पोल खुलती नजर आई। यहां साफ देखा जा सकता है, एक बेहद खतरनाक और अंधे मोड़ पर लगा क्रैश बैरियर पूरी तरह नीचे धंस चुका है। इसके आगे बढ़ने पर क्रैश बैरियर्स की स्थिति और भी खौफनाक मिली। एक अन्य स्थान पर लगा भारी-भरकम मेटल क्रैश बैरियर बीच से टूटकर पूरी तरह उखड़ चुका है और हवा में लटका हुआ है।
यह स्थिति दर्शाती है कि या तो किसी पूर्व हादसे के बाद इसे ठीक नहीं किया गया या फिर इसके निर्माण में घोर लापरवाही बरती गई है। ऐसे में जरा सी भी मानवीय चूक सीधे मौत के सफर में बदल सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
संवेदनशील मोड़ों और खतरनाक ढलानों पर क्रैश बैरियरों की हालत हादसे को न्योता है। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई गंभीर पहल नहीं दिख रही। आखिर विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही क्यों जागता है। -गोपाल दास, निवासी कांगड़ा
पिछली बरसात में जो सुरक्षा ढांचे और क्रैश बैरियर क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें आज दिन तक नहीं सुधारा गया है। इस लापरवाही के बारे में कई बार संबंधित विभागों को अवगत करवाया गया, लेकिन कोई उचित कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। -राज कपूर, निवासी धमेड़
नंदरुल सड़क किनारे लगे सुरक्षा इंतजाम बरसात में ढहकर जमीन के बराबर हो गए हैं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है। विभाग से अपील है कि इन्हें दोबारा सही ऊंचाई पर और मजबूत तरीके से लगाया जाए। -संजीव कुमार, निवासी नंदरुल
क्रैश बैरियरों और पैरापिटों के क्षतिग्रस्त होने तथा उनके सड़क के बराबर धंसने की समस्या हमारे ध्यान में आई है। जहां-जहां भी ये सुरक्षा इंतजाम टूटे हैं, उन्हें जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। -रविभूषण, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, कांगड़ा
हाल ही में इस पूरे सड़क मार्ग का ब्यौरा और रिपोर्ट हमारे पास आई है। जहां भी क्रैश बैरियर क्षतिग्रस्त हैं या मलबे में दबे हैं, उनका जल्द ही एस्टीमेट बनाकर आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। -अंकित गिल, साइट इंजीनियर, एनएचएआई
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अमर उजाला के लिए संवाद न्यूज एजेंसी के रिपोर्टर ने रविवार को धरातल पर सुरक्षा इंतजामों को जांचने के लिए कांगड़ा से नंदरूल-राजल वाया पुराना कांगड़ा और कांगड़ा से वाया सकोह होते हुए धर्मशाला तक के मुख्य सड़क मार्गों का जायजा लिया। इस दौरान जो तस्वीरें सामने आईं वे बेहद चिंताजनक हैं। कई संवेदनशील मोड़ों और खतरनाक ढलानों पर लगे मेटल क्रैश बैरियर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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नंदरूल-राजल वाया पुराना कांगड़ा सड़क पर जगह-जगह मेटल क्रैश बैरियर मिट्टी और मलबे के कारण सड़क के बिल्कुल बराबर हो गया है।सड़क किनारे की मिट्टी धंसने और मलबे के कारण बैरियर पूरी तरह झाड़ियों में ओझल हो चुका है। अगर कोई वाहन अनियंत्रित होता है तो यह बैरियर उसे रोकने में पूरी तरह नाकाम रहेगा और गाड़ी सीधे गहरी खाई में जा गिरेगी।
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ऐसे ही स्थिति कांगड़ा से वाया सकोह-धर्मशाला सड़क पर भी रही। सकोह मार्ग के तीखे मोड़ों पर भी सुरक्षा की पोल खुलती नजर आई। यहां साफ देखा जा सकता है, एक बेहद खतरनाक और अंधे मोड़ पर लगा क्रैश बैरियर पूरी तरह नीचे धंस चुका है। इसके आगे बढ़ने पर क्रैश बैरियर्स की स्थिति और भी खौफनाक मिली। एक अन्य स्थान पर लगा भारी-भरकम मेटल क्रैश बैरियर बीच से टूटकर पूरी तरह उखड़ चुका है और हवा में लटका हुआ है।
यह स्थिति दर्शाती है कि या तो किसी पूर्व हादसे के बाद इसे ठीक नहीं किया गया या फिर इसके निर्माण में घोर लापरवाही बरती गई है। ऐसे में जरा सी भी मानवीय चूक सीधे मौत के सफर में बदल सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
संवेदनशील मोड़ों और खतरनाक ढलानों पर क्रैश बैरियरों की हालत हादसे को न्योता है। आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई गंभीर पहल नहीं दिख रही। आखिर विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही क्यों जागता है। -गोपाल दास, निवासी कांगड़ा
पिछली बरसात में जो सुरक्षा ढांचे और क्रैश बैरियर क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें आज दिन तक नहीं सुधारा गया है। इस लापरवाही के बारे में कई बार संबंधित विभागों को अवगत करवाया गया, लेकिन कोई उचित कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। -राज कपूर, निवासी धमेड़
नंदरुल सड़क किनारे लगे सुरक्षा इंतजाम बरसात में ढहकर जमीन के बराबर हो गए हैं, जिससे रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है। विभाग से अपील है कि इन्हें दोबारा सही ऊंचाई पर और मजबूत तरीके से लगाया जाए। -संजीव कुमार, निवासी नंदरुल
क्रैश बैरियरों और पैरापिटों के क्षतिग्रस्त होने तथा उनके सड़क के बराबर धंसने की समस्या हमारे ध्यान में आई है। जहां-जहां भी ये सुरक्षा इंतजाम टूटे हैं, उन्हें जल्द ही दुरुस्त कर दिया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। -रविभूषण, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, कांगड़ा
हाल ही में इस पूरे सड़क मार्ग का ब्यौरा और रिपोर्ट हमारे पास आई है। जहां भी क्रैश बैरियर क्षतिग्रस्त हैं या मलबे में दबे हैं, उनका जल्द ही एस्टीमेट बनाकर आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। -अंकित गिल, साइट इंजीनियर, एनएचएआई

क्षतिग्रस्त हुए कांगड़ा-धर्मशाला सड़क के किनारे लगे मेटल क्रैश बैरियर। -संवाद

क्षतिग्रस्त हुए कांगड़ा-धर्मशाला सड़क के किनारे लगे मेटल क्रैश बैरियर। -संवाद

क्षतिग्रस्त हुए कांगड़ा-धर्मशाला सड़क के किनारे लगे मेटल क्रैश बैरियर। -संवाद