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Kangra News: आशा कार्यकर्ताओं के पंचायत चुनाव लड़ने पर असमंजस
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 12 Apr 2026 06:41 AM IST
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प्रदेश सरकार से चुनाव को लेकर नहीं आई कोई अधिसूचना
चुनाव लड़ने की इच्छा जताने वाली कार्यकर्ताओं में संशय की स्थिति
पहले सरकार चुनाव लड़ने के लिए जारी करती थी नोटिफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर आशा कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार की ओर से अब तक चुनाव लड़ने संबंधी कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाली कार्यकर्ताओं में संशय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में कई आशा कार्यकर्ताओं ने पंचायत चुनाव में भाग लेने की इच्छा जताई है। हालांकि नियमों और शर्तों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश न मिलने से वे अंतिम निर्णय लेने में असमर्थ हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में सरकार की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर अधिसूचना जारी की जाती थी, जिससे स्थिति स्पष्ट हो जाती थी और इच्छुक कार्यकर्ता समय रहते अपनी तैयारियां शुरू कर देते थे।
इस बार अधिसूचना जारी न होने से कार्यकर्ताओं में असमंजस है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि चुनाव लड़ने की अनुमति है या नहीं, और यदि है तो किन शर्तों के तहत। इस अनिश्चितता का असर उनकी चुनावी तैयारियों पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है।
आशा कार्यकर्ताएं लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं और पंचायत स्तर पर प्रतिनिधित्व कर क्षेत्र के विकास में भी योगदान देना चाहती हैं। लेकिन स्पष्ट नीति के अभाव में उनकी उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द अधिसूचना जारी कर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि इच्छुक आशा कार्यकर्ता समय रहते निर्णय लेकर चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
कोट्स...
- हर बार प्रदेश सरकार की ओर से आशा कार्यकर्ताओं के चुनाव लड़ने को लेकर अधिसूचना जारी की जाती थी, क्योंकि आशा कार्यकर्ता सरकार का हिस्सा नहीं हैं। मगर अब सरकार की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को फंडिंग भी की जा रही है। ऐसे में वे चुनाव लड़ सकती हैं या नहीं इसके लेकर अभी कर कोई अधिसूचना नहीं आई है। - डॉ. विवेक करोल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा
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चुनाव लड़ने की इच्छा जताने वाली कार्यकर्ताओं में संशय की स्थिति
पहले सरकार चुनाव लड़ने के लिए जारी करती थी नोटिफिकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर आशा कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार की ओर से अब तक चुनाव लड़ने संबंधी कोई स्पष्ट अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाली कार्यकर्ताओं में संशय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार प्रदेशभर में कई आशा कार्यकर्ताओं ने पंचायत चुनाव में भाग लेने की इच्छा जताई है। हालांकि नियमों और शर्तों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश न मिलने से वे अंतिम निर्णय लेने में असमर्थ हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व में सरकार की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर अधिसूचना जारी की जाती थी, जिससे स्थिति स्पष्ट हो जाती थी और इच्छुक कार्यकर्ता समय रहते अपनी तैयारियां शुरू कर देते थे।
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इस बार अधिसूचना जारी न होने से कार्यकर्ताओं में असमंजस है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि चुनाव लड़ने की अनुमति है या नहीं, और यदि है तो किन शर्तों के तहत। इस अनिश्चितता का असर उनकी चुनावी तैयारियों पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है।
आशा कार्यकर्ताएं लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं और पंचायत स्तर पर प्रतिनिधित्व कर क्षेत्र के विकास में भी योगदान देना चाहती हैं। लेकिन स्पष्ट नीति के अभाव में उनकी उम्मीदें अधर में लटकी हुई हैं। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द अधिसूचना जारी कर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि इच्छुक आशा कार्यकर्ता समय रहते निर्णय लेकर चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
कोट्स...
- हर बार प्रदेश सरकार की ओर से आशा कार्यकर्ताओं के चुनाव लड़ने को लेकर अधिसूचना जारी की जाती थी, क्योंकि आशा कार्यकर्ता सरकार का हिस्सा नहीं हैं। मगर अब सरकार की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को फंडिंग भी की जा रही है। ऐसे में वे चुनाव लड़ सकती हैं या नहीं इसके लेकर अभी कर कोई अधिसूचना नहीं आई है। - डॉ. विवेक करोल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा