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Kangra News: राजनीति में घिरी कांगड़ा घाटी रेल सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 20 Mar 2026 06:43 AM IST
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नौ मार्च को बहाल होने वाली ट्रेेनें आज तक नहीं हो पाईं शुरू
राजनीतिक दबाव में शुरू नहीं हो पा रही रेल सेवा : विश्वकर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरियाल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली कांगड़ा घाटी रेल सेवा एक बार फिर राजनीति में घिरती नजर आ रही है। पीसी विश्वकर्मा और अन्य लोगों के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद इस ऐतिहासिक रेल सेवा को फिर से शुरू करने की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। जबकि समयसारिणी भी जारी कर दी गई थी और 9 मार्च से तीन रेलगाड़ियों के नियमित संचालन की घोषणा भी कर दी गई थी।
ऐसे में अचानक इसे रातोंरात बंद करने का फैसला हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अचंभित करने वाला है। कहा जा रहा है कि यह फैसला भारत सरकार के रेल राज्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद लिया गया है, जिसने प्रदेश के लाखों लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। भारत जोड़ो अभियान एवं लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि कांगड़ा घाटी के नैरो गेज ट्रैक पर ट्रेनों को चलाने में बिलंब राजनीतिक दबाव में किया जा रहा।
जबकि कांगड़ा और हमीरपुर से दोनों सांसद ट्रेनों को चलाने के लिए दबाव नहीं बना पा रहे हैं, क्योंकि रेल राज्य मंत्री खुद पठानकोट वासियों के दबाव में अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं कि जितना विलंब हो सके किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सांसद कह रहे हैं कि चक्की खड्ड रेलवे पुल का पुनर्निर्माण हो चुका है और पठानकोट से जोगिंद्रनगर ट्रैक को ट्रेन संचालन के उपयुक्त घोषित कर दिया गया है तो फिर प्रश्न यही कि ट्रेनों को क्यों नहीं चलाया जा रहा और दूसरा यह कि जब 9 मार्च से ट्रेनें बहाल करने को तैयार हो गए थे तो अचानक क्या हो गया कि ट्रेनें नहीं चलीं।
पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि कांगड़ा चंबा सांसद भी जनता को रेलवे बहाली की सही स्थिति नहीं बता रहे, सांसद ने पहले बताया कि ब्रॉड गेज का 30 हजार करोड़ का बजट बना है, अब फिर सर्वे की ही बात कर रहे हैं। इससे पहले बताया कि सर्वे पूरा हो चुका था। वहीं, हमीरपुर के सांसद कह रहे हैं कि पठानकोट से जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेलवे ट्रैक को ब्रॉड गेज में बदलने की तैयारी हो रही है सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी है।
पीसी विश्वकर्मा ने दोनों सांसदों डॉ. राजीव भारद्वाज और अनुराग ठाकुर से कहा कि वे ज्यादा सपने न दिखाएं, पहले रेल राज्य मंत्री से मिलकर ट्रेनों की बहाली करवाएं। क्योंकि ऐसे सर्वे मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब से हो रहे हैं, चंद्र कुमार जब सांसद थे उन्होंने ने भी तब के रेल मंत्री से सर्वे करवाया था, जिसका कोई फलादेश नहीं मिला।
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राजनीतिक दबाव में शुरू नहीं हो पा रही रेल सेवा : विश्वकर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरियाल (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली कांगड़ा घाटी रेल सेवा एक बार फिर राजनीति में घिरती नजर आ रही है। पीसी विश्वकर्मा और अन्य लोगों के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद इस ऐतिहासिक रेल सेवा को फिर से शुरू करने की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। जबकि समयसारिणी भी जारी कर दी गई थी और 9 मार्च से तीन रेलगाड़ियों के नियमित संचालन की घोषणा भी कर दी गई थी।
ऐसे में अचानक इसे रातोंरात बंद करने का फैसला हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अचंभित करने वाला है। कहा जा रहा है कि यह फैसला भारत सरकार के रेल राज्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद लिया गया है, जिसने प्रदेश के लाखों लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। भारत जोड़ो अभियान एवं लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि कांगड़ा घाटी के नैरो गेज ट्रैक पर ट्रेनों को चलाने में बिलंब राजनीतिक दबाव में किया जा रहा।
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जबकि कांगड़ा और हमीरपुर से दोनों सांसद ट्रेनों को चलाने के लिए दबाव नहीं बना पा रहे हैं, क्योंकि रेल राज्य मंत्री खुद पठानकोट वासियों के दबाव में अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं कि जितना विलंब हो सके किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सांसद कह रहे हैं कि चक्की खड्ड रेलवे पुल का पुनर्निर्माण हो चुका है और पठानकोट से जोगिंद्रनगर ट्रैक को ट्रेन संचालन के उपयुक्त घोषित कर दिया गया है तो फिर प्रश्न यही कि ट्रेनों को क्यों नहीं चलाया जा रहा और दूसरा यह कि जब 9 मार्च से ट्रेनें बहाल करने को तैयार हो गए थे तो अचानक क्या हो गया कि ट्रेनें नहीं चलीं।
पीसी विश्वकर्मा ने कहा कि कांगड़ा चंबा सांसद भी जनता को रेलवे बहाली की सही स्थिति नहीं बता रहे, सांसद ने पहले बताया कि ब्रॉड गेज का 30 हजार करोड़ का बजट बना है, अब फिर सर्वे की ही बात कर रहे हैं। इससे पहले बताया कि सर्वे पूरा हो चुका था। वहीं, हमीरपुर के सांसद कह रहे हैं कि पठानकोट से जोगिंद्रनगर नैरोगेज रेलवे ट्रैक को ब्रॉड गेज में बदलने की तैयारी हो रही है सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी है।
पीसी विश्वकर्मा ने दोनों सांसदों डॉ. राजीव भारद्वाज और अनुराग ठाकुर से कहा कि वे ज्यादा सपने न दिखाएं, पहले रेल राज्य मंत्री से मिलकर ट्रेनों की बहाली करवाएं। क्योंकि ऐसे सर्वे मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब से हो रहे हैं, चंद्र कुमार जब सांसद थे उन्होंने ने भी तब के रेल मंत्री से सर्वे करवाया था, जिसका कोई फलादेश नहीं मिला।