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जाइका परियोजना से सशक्त हो रहीं ग्रामीण महिलाएं : कमलेश
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 09 Mar 2026 08:24 AM IST
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बचत भवन देहरा में प्रदर्शनी का अवलोकन करतीं विधायक कमलेश ठाकुर। -स्रोत: विभाग
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देहरा के बचत भवन में विशेष समारोह में हुआ। इस दौरान विधायक कमलेश ठाकुर ने जाइका वानिकी परियोजना से जुड़कर महिलाएं सशक्तीकरण की नई मिसाल पेश कर रही हैं। जाइका परियोजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं न केवल वनों का संरक्षण कर रही हैं, बल्कि स्वरोजगार अपनाकर पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने वन मंडल देहरा, धर्मशाला, नूरपुर और पालमपुर के अंतर्गत बेहतरीन कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त 18 अन्य वन मंडलों की महिलाओं को ऑनलाइन माध्यम से प्रशस्ति पत्र दिए गए। समारोह में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन करते हुए कमलेश ठाकुर ने महिलाओं के हुनर और उनके द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की जमकर तारीफ की।
जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डॉ. संजय सूद ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के कौशल विकास के माध्यम से उनकी आजीविका में सुधार करना है। कार्यक्रम में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ की प्रो. डॉ. मिनाक्षी सूद ने भी महिलाओं को संबोधित कर तकनीकी मार्गदर्शन दिया। जाइका के माध्यम से आज प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपनी पारिवारिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।
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कार्यक्रम के दौरान विधायक ने वन मंडल देहरा, धर्मशाला, नूरपुर और पालमपुर के अंतर्गत बेहतरीन कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त 18 अन्य वन मंडलों की महिलाओं को ऑनलाइन माध्यम से प्रशस्ति पत्र दिए गए। समारोह में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अवलोकन करते हुए कमलेश ठाकुर ने महिलाओं के हुनर और उनके द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की जमकर तारीफ की।
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जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डॉ. संजय सूद ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के कौशल विकास के माध्यम से उनकी आजीविका में सुधार करना है। कार्यक्रम में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ की प्रो. डॉ. मिनाक्षी सूद ने भी महिलाओं को संबोधित कर तकनीकी मार्गदर्शन दिया। जाइका के माध्यम से आज प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपनी पारिवारिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।