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वीबीजी रामजी योजना : निजी भूमि पर बनवा सकेंगे पशु शेड

Sun, 02 Aug 2026 06:37 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 06:37 AM IST
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VBG Ramji Scheme: Cattle sheds can be built on private land.
ग्रामीण विकास विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
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पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सीमा तक मिलेगी वित्तीय सहायता
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। ग्रामीण विकास विभाग हिमाचल प्रदेश ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत कई प्रकार की विकासात्मक गतिविधियों को मंजूरी दी है। विभाग ने सभी उपायुक्तों और जिला कार्यक्रम समन्वयकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार अब पात्र लाभार्थियों की निजी भूमि पर मेसनरी बंड (पत्थर की मेड़), कैटल शेल्टर (पशु शेड) और जल संचयन एवं जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण भी योजना के अंतर्गत करवाया जा सकेगा।
व्यक्तिगत भूमि पर मेसनरी बंड निर्माण को स्वीकृत कार्यों की सूची में शामिल किया गया है। प्रत्येक लाभार्थी के लिए इस कार्य पर अधिकतम दो लाख रुपये तक की लागत स्वीकृत की जा सकेगी। प्राकृतिक आपदा अथवा विशेष परिस्थितियों में ग्राम सभा की बैठक संभव न होने पर जिला कार्यक्रम समन्वयक भी नियमानुसार स्वीकृति प्रदान कर सकेंगे। कार्यों के दौरान मजदूरी और सामग्री का 60:40 अनिवार्य रूप से बनाए रखना होगा।
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इसी प्रकार व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए कैटल शेल्टर निर्माण की भी अनुमति दी गई है। इसके लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक की राशि निर्धारित की गई है। पशु शेड का मानक आकार 7 मीटर × 4 मीटर रखा गया है। यदि लाभार्थी इससे छोटा शेड बनाना चाहता है तो स्वीकृत राशि भी उसी अनुपात में कम होगी। विभाग ने स्थानीय निर्माण सामग्री के उपयोग पर विशेष जोर दिया है, ताकि निर्धारित मजदूरी-सामग्री अनुपात का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
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इसके अलावा व्यक्तिगत स्तर पर वर्षा जल संचयन एवं जल भंडारण संरचना के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस कार्य के लिए अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की लागत राशि स्वीकृत होगी। निर्धारित मानक आकार लगभग 31 घन मीटर क्षमता का रखा गया है। यदि लाभार्थी इससे बड़ा ढांचा बनवाना चाहता है तो अतिरिक्त खर्च स्वयं वहन करना होगा।

ग्रामीण विकास विभाग ने सभी उपायुक्तों, जिला कार्यक्रम समन्वयकों, खंड विकास अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों और अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों की स्वीकृति, तकनीकी परीक्षण, माप, भुगतान और अभिलेखों का रखरखाव निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाए। कांगड़ा के जिला विकास अधिकारी अभिनीत कात्यायन ने खबर की पुष्टि की है।
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