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Kangra News: अब पंचायतों में लगेगा कचरा टैक्स, निर्देश जारी
Sun, 12 Jul 2026 07:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 12 Jul 2026 07:06 AM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अब ग्राम पंचायतों में घरेलू और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से यूजर चार्ज (कचरा संग्रहण शुल्क) वसूला जाएगा। मॉडल उप नियम-2026 के तहत जारी विभागीय निर्देशों के अनुपालन में बीडीओ देहरा ने सभी पंचायत सचिवों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
बीडीओ ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर संबंधित पंचायत सचिव सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे। निर्देशों के अनुसार जिन पंचायतों में अब तक शुल्क निर्धारित नहीं हुआ है, वहां ग्रामसभा या पंचायत बैठक में प्रस्ताव पारित कर इसे तय किया जाएगा। इसके बाद पंचायतें अपने क्षेत्र के सभी परिवारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे कर सूची तैयार करेंगी।
पंचायतों को हर महीने नियमित रूप से यूजर चार्ज की वसूली कर उसकी प्रगति रिपोर्ट विकास खंड कार्यालय को भेजनी होगी। इसके लिए प्रत्येक पंचायत को एक अलग बैंक खाता खोलना होगा, जिसमें एकत्रित राशि अगले कार्य दिवस पर जमा करानी अनिवार्य होगी। इस राशि का उपयोग केवल स्वच्छता कार्यों, सफाई मित्रों के मानदेय और कचरा प्रबंधन पर ही किया जाएगा।
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पंचायत सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जसरोटिया ने बताया कि बीडीओ की ओर से इस संदर्भ में निर्देश मिले हैं, जिसके बाद यूजर चार्ज एकत्र करने को लेकर ग्राम सभाओं में चर्चा कर लोगों के सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामसभा की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही पंचायतों में यूजर चार्ज वसूलने की प्रक्रिया को धरातल पर शुरू किया जाएगा।
50 से लेकर 3000 रुपये वसूला जाएगा शुल्क
विभाग की ओर से विभिन्न श्रेणियों के लिए मासिक दरें भी तय की गई हैं, जिसमें सामान्य ग्रामीण परिवारों से 50 रुपये और सामान्य दुकानों, ढाबों, चाय व मिठाई की दुकानों व छोटे कार्यालयों से 100 रुपये मासिक शुल्क लिया जाएगा। वहीं, फल-सब्जी के थोक व्यापारियों, बड़े कार्यालयों, बेकरी निर्माण इकाइयों व वाहन मरम्मत कार्यशालाओं से 500 रुपये, जबकि बैंक, रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल, सिनेमा हॉल और 50 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पतालों जैसी बड़ी संस्थाओं से 1000 से 3000 रुपये तक मासिक शुल्क वसूला जाएगा।
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बीडीओ ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर संबंधित पंचायत सचिव सीधे तौर पर जवाबदेह होंगे। निर्देशों के अनुसार जिन पंचायतों में अब तक शुल्क निर्धारित नहीं हुआ है, वहां ग्रामसभा या पंचायत बैठक में प्रस्ताव पारित कर इसे तय किया जाएगा। इसके बाद पंचायतें अपने क्षेत्र के सभी परिवारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सर्वे कर सूची तैयार करेंगी।
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पंचायतों को हर महीने नियमित रूप से यूजर चार्ज की वसूली कर उसकी प्रगति रिपोर्ट विकास खंड कार्यालय को भेजनी होगी। इसके लिए प्रत्येक पंचायत को एक अलग बैंक खाता खोलना होगा, जिसमें एकत्रित राशि अगले कार्य दिवस पर जमा करानी अनिवार्य होगी। इस राशि का उपयोग केवल स्वच्छता कार्यों, सफाई मित्रों के मानदेय और कचरा प्रबंधन पर ही किया जाएगा।
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पंचायत सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जसरोटिया ने बताया कि बीडीओ की ओर से इस संदर्भ में निर्देश मिले हैं, जिसके बाद यूजर चार्ज एकत्र करने को लेकर ग्राम सभाओं में चर्चा कर लोगों के सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामसभा की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही पंचायतों में यूजर चार्ज वसूलने की प्रक्रिया को धरातल पर शुरू किया जाएगा।
50 से लेकर 3000 रुपये वसूला जाएगा शुल्क
विभाग की ओर से विभिन्न श्रेणियों के लिए मासिक दरें भी तय की गई हैं, जिसमें सामान्य ग्रामीण परिवारों से 50 रुपये और सामान्य दुकानों, ढाबों, चाय व मिठाई की दुकानों व छोटे कार्यालयों से 100 रुपये मासिक शुल्क लिया जाएगा। वहीं, फल-सब्जी के थोक व्यापारियों, बड़े कार्यालयों, बेकरी निर्माण इकाइयों व वाहन मरम्मत कार्यशालाओं से 500 रुपये, जबकि बैंक, रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल, सिनेमा हॉल और 50 से अधिक बिस्तरों वाले अस्पतालों जैसी बड़ी संस्थाओं से 1000 से 3000 रुपये तक मासिक शुल्क वसूला जाएगा।