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Kullu News: 24 वर्ष बाद आज प्रीणी आएंगे देवता श्रृंगा ऋषि
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जमलू देवता के साथ भव्य देव मिलन के साक्षी बनेंगे हजारों श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। उपमंडल बंजार की पांच कोठी के आराध्य देवता श्रृंगा ऋषि 24 वर्ष बाद धार्मिक स्थल हामटा की पवित्र यात्रा पर हैं। 125 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करते हुए देवता रविवार को प्रीणी गांव पहुंचेंगे। यहां जमलू देवता के साथ भव्य देव मिलन होगा। इसमें हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।
शनिवार को देवता श्रृंगा ऋषि सैकड़ों हारियानों और कारकूनों के साथ ऊझी घाटी के जगतसुख स्थित गायत्री मंदिर से दोपहर बाद बाहणू के लिए रवाना हुए। इससे पहले शुक्रवार को जगतसुख में ऋषि का माता संध्या गायत्री के साथ मिलन हुआ। देवता देर शाम बाहणू गांव पहुंचे, जहां एक श्रद्धालु के घर में देवता का रात्रि विश्राम होगा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवता का स्वागत किया। रविवार को देवता श्रृंगा ऋषि प्रीणी गांव स्थित प्राचीन जमलू देवता मंदिर पहुंचेंगे। देवता श्रृंगा ऋषि के कारदार देवेंद्र कुमार और पुजारी चानन सिंह शर्मा ने बताया कि देवता 24 वर्ष बाद हामटा यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक देव यात्रा को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। उपमंडल बंजार की पांच कोठी के आराध्य देवता श्रृंगा ऋषि 24 वर्ष बाद धार्मिक स्थल हामटा की पवित्र यात्रा पर हैं। 125 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करते हुए देवता रविवार को प्रीणी गांव पहुंचेंगे। यहां जमलू देवता के साथ भव्य देव मिलन होगा। इसमें हजारों श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।
शनिवार को देवता श्रृंगा ऋषि सैकड़ों हारियानों और कारकूनों के साथ ऊझी घाटी के जगतसुख स्थित गायत्री मंदिर से दोपहर बाद बाहणू के लिए रवाना हुए। इससे पहले शुक्रवार को जगतसुख में ऋषि का माता संध्या गायत्री के साथ मिलन हुआ। देवता देर शाम बाहणू गांव पहुंचे, जहां एक श्रद्धालु के घर में देवता का रात्रि विश्राम होगा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार देवता का स्वागत किया। रविवार को देवता श्रृंगा ऋषि प्रीणी गांव स्थित प्राचीन जमलू देवता मंदिर पहुंचेंगे। देवता श्रृंगा ऋषि के कारदार देवेंद्र कुमार और पुजारी चानन सिंह शर्मा ने बताया कि देवता 24 वर्ष बाद हामटा यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। श्रद्धालुओं में इस ऐतिहासिक देव यात्रा को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है। संवाद
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