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Kullu News: सफेद वादियों में काला खेल, 18 किमी का वसूला 4000 किराया
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:09 PM IST
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मनाली में बर्फ के बीच अपने गंतव्य की तरफ जाते पर्यटक। संवाद
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मनाली में बर्फ नहीं सिस्टम जमा... मेहमानों की जेब पर भारी पड़ी चालकों की मनमानी
पर्यटकों की मजबूरी को बनाया कमाई का जरिया, पतलीकूहल के प्रति सवार लिए हजारों
सैलानी बोले- मजबूरी में देना पड़ा किराया, ऐसी स्थिति में प्रशासन को करनी चाहिए थी मदद
रोशन ठाकुर
मनाली। पर्यटन नगरी में बर्फबारी ने सैलानियों की राह रोक दी तो कुछ फोर बाई फोर टैक्सी चालकों ने उनकी इस मजबूरी को कमाई का जरिया बना लिया है। 18 किलोमीटर का सफर पर्यटकों को हजारों रुपये चुकाकर पूरा करना पड़ रहा है।
18 किलोमीटर के सफर के लिए हर सवारी से 4,000 रुपये किराया वसूला जा रहा है। मनाली से पतलीकूहल तक सफर के लिए सैलानियों को इसी तरह लूटा जा रहा है।
शनिवार को सुबह कई पर्यटक होटल से बर्फ के बीच पैदल भारी-भरकम सामान लेकर निकले। अधिकतर पर्यटक वोल्वो बसों से मनाली पहुंचे हैं। चालक एहतियात के तौर पर बर्फबारी से पहले ही वोल्वो बसों को पतलीकूहल ले गए थे। ऐसे में पर्यटकों को बस पकड़ने के लिए फोर बाई फोर टैक्सियों में भारी-भरकम किराया देना। कई टैक्सी और निजी चालकों ने 18 किलोमीटर के सफर का किराया मनमाने तरीके से प्रति सवारी 4,000 रुपये वसूला। इसमें एक परिवार को 12,000 से 16,000 रुपये तक किराया देने पर मजबूर होना पड़ा। पर्यटकों को होटल के कमरे से निकलने के बाद 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर फोर बाई फोर टैक्सियां करनी पड़ीं। कई सैलानियों ने इस मनमानी पर भारी रोष जताया।
मनाली से लौट रहे बंगाल के पर्यटक प्रेम मजूमदार, संगीता, दिल्ली के हितेंद्र सिंह और पंजाब से आए राज दीप ने कहा कि वे चार दिन से मनाली में रुके थे। उनका तीन दिन रुकने का था। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए एक दिन और रुकना पड़ा। वे वोल्वो बस में आए हैं। बस पतलीकूहल में खड़ी है। उन्हें 4,000 रुपये प्रति सवारी किराया देकर आना पड़ा। यह बहुत ज्यादा है। उन्होंने किराया कम करने की भी मांग की लेकिन टैक्सी चालक नहीं माने। ऐसी स्थिति में प्रशासन को पर्यटकों को निकालने में मदद करनी चाहिए थी। उधर, टैक्सी चालकों की इस मनमानी को मनाली के कई पर्यटन कारोबारियों ने भी गलत बताया है। नाम न छापने पर कई कारोबारियों ने कहा कि इस तरह की मनमर्जी से मनाली का नाम बदनाम होता है।
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टैक्सी चालकों को पहले ही बताया है कि वे किसी भी पर्यटक से मनमाना किराया न वसूलें। इसमें कई निजी फोर बाई फोर वाहन भी शामिल रहते हैं। ये इस तरह का किराया लेते हैं। - राज कमल राजा, प्रधान मनाली टैक्सी यूनियन
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विभाग एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी
मनाली में फोर बाई फोर टैक्सी चालकों की मनमानी को लेकर सरकारी विभागों ने अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर एक-दूसरे जिम्मेदारी थोपी है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह पर्यटन विभाग के अधीन आता है। जिला पर्यटन अधिकारी ने कहा कि यह मामला आरटीओ कार्यालय के अधीन है। उधर, आरटीओ राजेश भंडारी ने कहा कि उन्हें इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई टैक्सी चालक इस तरह का मनमाना किराया वसूल करता है तो पर्यटकों को इसकी सूचना विभाग को देनी चाहिए।
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पर्यटकों की मजबूरी को बनाया कमाई का जरिया, पतलीकूहल के प्रति सवार लिए हजारों
सैलानी बोले- मजबूरी में देना पड़ा किराया, ऐसी स्थिति में प्रशासन को करनी चाहिए थी मदद
रोशन ठाकुर
मनाली। पर्यटन नगरी में बर्फबारी ने सैलानियों की राह रोक दी तो कुछ फोर बाई फोर टैक्सी चालकों ने उनकी इस मजबूरी को कमाई का जरिया बना लिया है। 18 किलोमीटर का सफर पर्यटकों को हजारों रुपये चुकाकर पूरा करना पड़ रहा है।
18 किलोमीटर के सफर के लिए हर सवारी से 4,000 रुपये किराया वसूला जा रहा है। मनाली से पतलीकूहल तक सफर के लिए सैलानियों को इसी तरह लूटा जा रहा है।
शनिवार को सुबह कई पर्यटक होटल से बर्फ के बीच पैदल भारी-भरकम सामान लेकर निकले। अधिकतर पर्यटक वोल्वो बसों से मनाली पहुंचे हैं। चालक एहतियात के तौर पर बर्फबारी से पहले ही वोल्वो बसों को पतलीकूहल ले गए थे। ऐसे में पर्यटकों को बस पकड़ने के लिए फोर बाई फोर टैक्सियों में भारी-भरकम किराया देना। कई टैक्सी और निजी चालकों ने 18 किलोमीटर के सफर का किराया मनमाने तरीके से प्रति सवारी 4,000 रुपये वसूला। इसमें एक परिवार को 12,000 से 16,000 रुपये तक किराया देने पर मजबूर होना पड़ा। पर्यटकों को होटल के कमरे से निकलने के बाद 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर फोर बाई फोर टैक्सियां करनी पड़ीं। कई सैलानियों ने इस मनमानी पर भारी रोष जताया।
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मनाली से लौट रहे बंगाल के पर्यटक प्रेम मजूमदार, संगीता, दिल्ली के हितेंद्र सिंह और पंजाब से आए राज दीप ने कहा कि वे चार दिन से मनाली में रुके थे। उनका तीन दिन रुकने का था। बर्फबारी का आनंद लेने के लिए एक दिन और रुकना पड़ा। वे वोल्वो बस में आए हैं। बस पतलीकूहल में खड़ी है। उन्हें 4,000 रुपये प्रति सवारी किराया देकर आना पड़ा। यह बहुत ज्यादा है। उन्होंने किराया कम करने की भी मांग की लेकिन टैक्सी चालक नहीं माने। ऐसी स्थिति में प्रशासन को पर्यटकों को निकालने में मदद करनी चाहिए थी। उधर, टैक्सी चालकों की इस मनमानी को मनाली के कई पर्यटन कारोबारियों ने भी गलत बताया है। नाम न छापने पर कई कारोबारियों ने कहा कि इस तरह की मनमर्जी से मनाली का नाम बदनाम होता है।
टैक्सी चालकों को पहले ही बताया है कि वे किसी भी पर्यटक से मनमाना किराया न वसूलें। इसमें कई निजी फोर बाई फोर वाहन भी शामिल रहते हैं। ये इस तरह का किराया लेते हैं। - राज कमल राजा, प्रधान मनाली टैक्सी यूनियन
विभाग एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी
मनाली में फोर बाई फोर टैक्सी चालकों की मनमानी को लेकर सरकारी विभागों ने अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर एक-दूसरे जिम्मेदारी थोपी है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह पर्यटन विभाग के अधीन आता है। जिला पर्यटन अधिकारी ने कहा कि यह मामला आरटीओ कार्यालय के अधीन है। उधर, आरटीओ राजेश भंडारी ने कहा कि उन्हें इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई टैक्सी चालक इस तरह का मनमाना किराया वसूल करता है तो पर्यटकों को इसकी सूचना विभाग को देनी चाहिए।