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डे-बोर्डिंग स्कूल सिर्फ कागजों और घोषणाओं तक सीमित : शौरी
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बंजार के विधायक सुरेंद्र ने सरकार पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल योजना का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग नजर आ रही है। यह बात बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति यह है कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में ये स्कूल केवल कागजों और घोषणाओं तक ही सीमित रह गए हैं। सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन धरातल पर न तो ठोस प्रगति दिखाई दे रही है और न ही समयबद्ध कार्यान्वयन हो रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि योजना को गंभीरता से लागू करने के बजाय महज राजनीतिक घोषणा के रूप में प्रस्तुत किया गया।
बंजार विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां भी डे-बोर्डिंग स्कूल के लिए स्थान चिह्नित किया गया था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उस भूमि की एफसीए की ऑनलाइन प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की अधिकांश घोषणाएं केवल कागजी साबित हो रही हैं। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल योजना का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग नजर आ रही है। यह बात बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने कही।
उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति यह है कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में ये स्कूल केवल कागजों और घोषणाओं तक ही सीमित रह गए हैं। सरकार द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन धरातल पर न तो ठोस प्रगति दिखाई दे रही है और न ही समयबद्ध कार्यान्वयन हो रहा है। इससे स्पष्ट होता है कि योजना को गंभीरता से लागू करने के बजाय महज राजनीतिक घोषणा के रूप में प्रस्तुत किया गया।
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बंजार विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां भी डे-बोर्डिंग स्कूल के लिए स्थान चिह्नित किया गया था, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उस भूमि की एफसीए की ऑनलाइन प्रक्रिया तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की अधिकांश घोषणाएं केवल कागजी साबित हो रही हैं। संवाद