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Kullu News: भूस्खलन से जां गांव को खतरा, ग्रामीण चिंतित
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कुल्लू के जां के समीप पिछली बरसात से जारी भूस्खलन से गांव को खतरा पैदा हो गया है।-संवाद
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कुल्लू। भूस्खलन के कारण पार्वती घाटी के जां गांव को खतरा पैदा हो गया है। बारिश से अब भूस्खलन की दरारें गांव से करीब 100 फीट नीचे पहुंच गई हैं। इससे ग्रामीण चिंतित हो गए हैं। मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर बागन गांव में वर्ष 2025 की बरसात में काफी अधिक नुकसान हुआ था। गांव की जमीन ही पूरी खिसक गई थी। बागन गांव में 40 मकानों में दरारें आई थीं।
अब ग्राम पंचायत जां के जां गांव को भी खतरा पैदा हो गया है। 2023 की आपदा में पार्वती नदी में बाढ़ आई थी। बाढ़ से जां गांव के ठीक नीचे पार्वती नदी ने जमीन का नुकसान पहुंचाया था। अब गांव के नीचे काफी बड़े हिस्से में भूस्खलन जारी है। भूस्खलन न रुकने से ग्रामीणों को चिंता सता रही है।
ग्रामीणों की मानें तो पार्वती नदी के किनारे तटीकरण के प्रयास नहीं किए गए तो जां गांव भूस्खलन की जद में आ सकता है। मजबूरी में ग्रामीणों को विस्थापित भी होना पड़ सकता है। ग्राम पंचायत जां के पूर्व उपप्रधान सेस राम ने कहा कि पार्वती नदी से शुरू हुआ भूस्खलन का सिलसिला नहीं थम रहा है। अब गांव से 100 मीटर नीचे तक दरारें पहुंच गई हैं। ग्रामीणों के साथ जल्द ही एक बैठक की जाएगी। इसके बाद उपायुक्त कुल्लू के समक्ष मामले को उठाया जाएगा। नायब तहसीलदार जरी हेमराज शर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में है।
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जां गांव में है करीब 50 परिवार
ग्राम पंचायत जां के जां गांव में करीब 50 परिवार हैं। यह गांव भुंतर-मणिकर्ण सड़क में जरी से पीछे कुछ दूरी पर पड़ता है। ग्रामीणों की ओर से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य के समक्ष भी यह समस्या रखी थी। अभी तक समस्या का हल नहीं हो पाया है।
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अब ग्राम पंचायत जां के जां गांव को भी खतरा पैदा हो गया है। 2023 की आपदा में पार्वती नदी में बाढ़ आई थी। बाढ़ से जां गांव के ठीक नीचे पार्वती नदी ने जमीन का नुकसान पहुंचाया था। अब गांव के नीचे काफी बड़े हिस्से में भूस्खलन जारी है। भूस्खलन न रुकने से ग्रामीणों को चिंता सता रही है।
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ग्रामीणों की मानें तो पार्वती नदी के किनारे तटीकरण के प्रयास नहीं किए गए तो जां गांव भूस्खलन की जद में आ सकता है। मजबूरी में ग्रामीणों को विस्थापित भी होना पड़ सकता है। ग्राम पंचायत जां के पूर्व उपप्रधान सेस राम ने कहा कि पार्वती नदी से शुरू हुआ भूस्खलन का सिलसिला नहीं थम रहा है। अब गांव से 100 मीटर नीचे तक दरारें पहुंच गई हैं। ग्रामीणों के साथ जल्द ही एक बैठक की जाएगी। इसके बाद उपायुक्त कुल्लू के समक्ष मामले को उठाया जाएगा। नायब तहसीलदार जरी हेमराज शर्मा ने कहा कि मामला ध्यान में है।
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जां गांव में है करीब 50 परिवार
ग्राम पंचायत जां के जां गांव में करीब 50 परिवार हैं। यह गांव भुंतर-मणिकर्ण सड़क में जरी से पीछे कुछ दूरी पर पड़ता है। ग्रामीणों की ओर से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य के समक्ष भी यह समस्या रखी थी। अभी तक समस्या का हल नहीं हो पाया है।
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