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Kullu News: बिना कार्ड बस में सफर करने पर चुकाना पड़ा पूरा किराया

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Apr 2026 11:04 AM IST
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Travelling on the bus without a card required paying the full fare.
सवारियों से भरी बागासराहन-कुल्लू रूट पर संचालित हिमाचल पथ ​परिवहन निगम की बस।
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कुल्लू। जिले में महिलाओं को हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सफर करना महंगा पड़ा। महिलाओं को दिनभर बसों में किराये को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। परिवहन निगम ने एक अप्रैल से हिम कार्ड सेवा आरंभ कर दी है। इससे अब जिन महिलाओं के पास हिम कार्ड नहीं हैं, उन्हें पूरा किराया चुकाकर ही बसों में सफर करना पड़ेगा।
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समय सुबह 07:30 बजे। दिन बुधवार। बस रूट बागा सराहन से कुल्लू। निगम की बस में सवार महिलाओं को हिम कार्ड न होने की वजह से 100 फीसदी किराया चुकाना पड़ा। महिलाएं इसके बारे में परिचालक से पूछती हैं। उन्हें बताया जाता है कि प्रदेश सरकार के आदेश के बाद परिवहन निगम ने हिम कार्ड सेवा आरंभ कर दी है। कार्ड धारक महिला ही किराये में 50 फीसदी छूट के लिए पात्र है। अन्य सभी को पूरा किराया चुकाना होगा। हालांकि, इस रूट पर 25 से अधिक महिला यात्री बस में सवार थीं, जिन्होंने रामपुर से कुल्लू तक का लंबा सफर किया। इस रूट पर आनी, खनाग, सोझा, बंजार, बालीचौकी और औट से भी महिला यात्री बस में सवार हुईं। इनमें दो से चार महिलाओं के पास ही हिम कार्ड थे, जबकि अन्य को पूरा किराया चुकाना पड़ा। इसके अलावा सुबह आठ बजे बिजली महादेव से अंतरराज्यीय बस अड्डा कुल्लू की ओर आने वाली महिला यात्रियों को पूरा किराया देना पड़ा। इससे महिलाओं और छात्राओं को परेशान होना पड़ा। दोपहर 12:20 बजे अंतरराज्यीय बस अड्डा से मनाली की ओर सफर करने वाली महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में बिना कार्ड पूरा किराया चुकाकर सफर करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत ग्रामीण रूटों में सफर करने वाली महिलाओं और छात्राओं को झेलनी पड़ी। जानकारी के अभाव में उन्हें असमंजस में रहना पड़ा। इस संबंध में एचआरटीसी के उपमंडलीय प्रबंधक डीके नारंग ने कहा कि हिम कार्ड योजना के तहत 31 मई तक कार्ड बनाने की तिथि को बढ़ाया गया है। उन्होंने सभी महिलाओं से निर्धारित समय अवधि में कार्ड बनवाने की अपील की है।
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प्रदेश सरकार को हिम कार्ड योजना शुरू करने से पहले महिलाओं को जागरूक करना चाहिए था। जागरूकता के अभाव में महिलाओं को परेशान होना पड़ा है। -किरण शर्मा, यात्री
ग्रामीण महिलाओं के पास इतना समय नहीं है कि वे कार्ड बनवा सकें। कामकाज में उलझीं महिलाएं बस अड्डों का चक्कर काटने कब बैठेंगी। -किरण सूर्यवंशी, यात्री
प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन पूर्व की भांति बिना हिम कार्ड महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट प्रदान करे ताकि उन्हें परेशान न होना पड़े। -हेमलता, यात्री
बिना हिम कार्ड यात्रा करने पर महिलाओं से पूरा किराया वसूलने का फैसला गलत है। सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन पूर्व व्यवस्था को लागू करें। -यमुना ठाकुर, यात्री
सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन जब पहले बिना किसी कार्ड महिलाओं को किराये में 50 फीसदी छूट प्रदान कर रहा था, तो अब महिलाओं की दिक्कतें बढ़ाने के लिए कार्ड योजना लागू करना गलत नीति है। -निर्मला, यात्री
जिले में अब तक 4,853 महिलाओं ने बनवाए कार्ड
जिले में अब तक महज 4,853 महिलाओं ने ही हिम कार्ड बनवाए हैं। इसके अलावा 11,00 दिव्यांग, 79 पुलिस जवानों, 54 दृष्टिबाधितों, 572 विद्यार्थियों और 13 कारागार स्टाफ ने हिम कार्ड बनवाए हैं।
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