{"_id":"69b2a72a0b66e168f60fa515","slug":"family-members-carrying-disabled-children-and-patients-on-their-backs-mandi-news-c-90-1-ssml1045-188920-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: दिव्यांग बच्चों और मरीजों को पीठ पर ढो रहे परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: दिव्यांग बच्चों और मरीजों को पीठ पर ढो रहे परिजन
विज्ञापन
विज्ञापन
चार साल से बंद है भवाणा फोरलेन पुल से दवारडू बल्ही एंबुलेंस मार्ग
कई बार एनएचएआई से मार्ग निर्माण की उठाई मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। सुंदरनगर उपमंडल के भवाणा पुल से दवारडू और बल्ही गांव को जोड़ने वाला पुश्तैनी रास्ता पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि बल्ही गांव के दिव्यांग बच्चों और बीमार मरीजों को उपचार के लिए परिजन पीठ पर उठाकर सड़क तक ले जाने को मजबूर हैं। कई बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक मार्ग बहाल नहीं हो सका है।
स्थानीय मंदिर के पुजारी दिले राम, बल्ही निवासी मस्त राम, राधा देवी, काहन चंद और नरोतम राम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन भवाणा पुल के निर्माण के दौरान उनके गांवों के पुराने रास्ते बंद हो गए थे। उस समय एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के परियोजना निदेशक और प्रशासन की ओर से संयुक्त निरीक्षण कर ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्ता बनाने का आश्वासन दिया गया था। पुल बनने के बाद एक कोने से रास्ता जोड़ भी दिया गया था, जिससे एंबुलेंस की सुविधा बल्ही गांव तक पहुंचने लगी थी।
ग्रामीणों के अनुसार करीब चार वर्ष पहले भारी भूस्खलन के कारण यह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया। एनएचएआई ने फोरलेन मार्ग को तो बहाल कर दिया, लेकिन गांव की ओर जाने वाले रास्ते की मरम्मत या पुनर्निर्माण की कोई पहल नहीं की गई। इससे दवारडू-सलवाणा पंचायत और बल्ही-जडोल पंचायत के इस गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बल्ही निवासी बेली राम ने बताया कि गांव तक सड़क न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव से पहले ही अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ रहा है, ताकि बाद में आपात स्थिति में उन्हें दिक्कत न झेलनी पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार एनएचएआई से मार्ग निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सुंदरनगर प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक रास्ता बनाया जाए या क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर लोगों को राहत दी जाए। इस संबंध में एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने कहा कि लोगों की समस्या प्रशासन के संज्ञान में है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
कई बार एनएचएआई से मार्ग निर्माण की उठाई मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
डैहर (मंडी)। सुंदरनगर उपमंडल के भवाणा पुल से दवारडू और बल्ही गांव को जोड़ने वाला पुश्तैनी रास्ता पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि बल्ही गांव के दिव्यांग बच्चों और बीमार मरीजों को उपचार के लिए परिजन पीठ पर उठाकर सड़क तक ले जाने को मजबूर हैं। कई बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक मार्ग बहाल नहीं हो सका है।
स्थानीय मंदिर के पुजारी दिले राम, बल्ही निवासी मस्त राम, राधा देवी, काहन चंद और नरोतम राम सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन भवाणा पुल के निर्माण के दौरान उनके गांवों के पुराने रास्ते बंद हो गए थे। उस समय एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के परियोजना निदेशक और प्रशासन की ओर से संयुक्त निरीक्षण कर ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्ता बनाने का आश्वासन दिया गया था। पुल बनने के बाद एक कोने से रास्ता जोड़ भी दिया गया था, जिससे एंबुलेंस की सुविधा बल्ही गांव तक पहुंचने लगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार करीब चार वर्ष पहले भारी भूस्खलन के कारण यह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बंद हो गया। एनएचएआई ने फोरलेन मार्ग को तो बहाल कर दिया, लेकिन गांव की ओर जाने वाले रास्ते की मरम्मत या पुनर्निर्माण की कोई पहल नहीं की गई। इससे दवारडू-सलवाणा पंचायत और बल्ही-जडोल पंचायत के इस गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बल्ही निवासी बेली राम ने बताया कि गांव तक सड़क न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को संभावित प्रसव से पहले ही अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ रहा है, ताकि बाद में आपात स्थिति में उन्हें दिक्कत न झेलनी पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार एनएचएआई से मार्ग निर्माण की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सुंदरनगर प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक रास्ता बनाया जाए या क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर लोगों को राहत दी जाए। इस संबंध में एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने कहा कि लोगों की समस्या प्रशासन के संज्ञान में है और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।