सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   General Manager to provide the customer with the mobile number of his choice

Mandi News: उपभोक्ता को उसकी पसंद का मोबाइल नंबर दें महाप्रबंधक

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 05:49 AM IST
विज्ञापन
General Manager to provide the customer with the mobile number of his choice
विज्ञापन
जिला उपभोक्ता आयोग की पीठ ने आदेश किया पारित
Trending Videos

25,000 रुपये हर्जाना, 5,000 रुपये मुकदमेबाजी देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की पीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के महाप्रबंधक को आदेश दिया है कि वह उस उपभोक्ता को उसकी पसंद का नंबर दें जिसे बिना किसी सूचना के दूसरे उपभोक्ता को आवंटित कर दिया गया था। बीएसएनएल अधिकारियों को शिकायतकर्ता को 25,000 रुपये का हर्जाना और 5,000 रुपये मुकदमेबाजी के रूप में देने का भी आदेश दिया गया है।

उपभोक्ता महेश चंद्र शर्मा की ओर से दायर शिकायत के मुताबिक उनके पास दो सिम 9418113350 और 9418770007 थे। इनमें दूसरा नंबर वह पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से अपने कार्यालय में दैनिक उपयोग में ला रहे थे। शिकायतकर्ता मंडी के जिला न्यायालयों में एक वकील हैं। वह वर्तमान में मंडी से प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। कोविड काल के दौरान उनके गांव में नेटवर्क की समस्या के कारण फोन रिचार्ज नहीं हो सका। बाद में उन्हें बताया गया कि उनका नंबर बंद है। जब शिकायतकर्ता ने बीएसएनएल अधिकारी से पता किया तो उन्हें बताया गया कि उनका नंबर नए ग्राहक को आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने 13 दिसंबर 2021 को पत्र लिखकर नंबर बहाल करने का अनुरोध किया, लेकिन न तो नंबर बहाल किया गया और न ही उस व्यक्ति का नाम बताया गया। बीएसएनएल की ओर से जवाब दिया गया कि चूंकि नंबर 90 दिन से अधिक समय से रिचार्ज नहीं किया गया था, इसलिए टीआरएआई (भारतीय टेलीफोन नियामक प्राधिकरण) के मानदंडों के अनुसार इसे स्वचालित रूप से नए उपभोक्ता को आवंटित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि टीआरएआई के मानदंडों के अनुसार निष्क्रियकरण के बाद उपभोक्ताओं को 15 दिन की मोहलत दी जानी चाहिए और इसकी सूचना उपभोक्ता को दी जानी चाहिए जिससे उपभोक्ता नंबर को पुनः सक्रिय कर सके, लेकिन वर्तमान मामले में बीएसएनएल ने मोहलत के लिए 15 दिन की सूचना नहीं दी और स्वयं टीआरएआई के मानदंडों का उल्लंघन किया। उपभोक्ता आयोग ने दलीलें सुनने के बाद पाया कि बीएसएनएल ने शिकायतकर्ता को आवश्यक नोटिस नहीं भेजा है, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवा में कमी है। आयोग ने बीएसएनएल मंडी के महाप्रबंधक को शिकायतकर्ता की पसंद का नया मोबाइल नंबर निःशुल्क आवंटित करने का निर्देश दिया। आयोग ने बीएसएनएल को उत्पीड़न के लिए 25,000 रुपये का हर्जाना और मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में 5,000 रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed