{"_id":"69b83fd0cd944d56bf08bc76","slug":"snowfall-in-the-hills-rain-in-the-plains-darkness-prevails-during-the-day-mandi-news-c-90-1-ssml1025-189396-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: पहाड़ियों पर हिमपात, मैदानों में बारिश, दिन में छाया अंधेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: पहाड़ियों पर हिमपात, मैदानों में बारिश, दिन में छाया अंधेरा
विज्ञापन
ताजा बर्फबारी के बाद सराज घाटी का बूंग गांव का नजारा।
विज्ञापन
थुनाग (मंडी)। जिले के उपमंडल थुनाग के तहत आने वाली शिकारी देवी की पहाड़ी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार को दूसरे दिन भी बर्फबारी हुई। दो दिनों में औसतन छह इंच से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई है। मगरुगला में तीन इंच बर्फ गिरी है। गाड़ागुशैण, संगलबाड़ा, शिवाकुठेहड़, भाटकीधार आदि क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है। हालांकि, बर्फबारी से यातायात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। तापमान में गिरावट आई है। स्थानीय प्रशासन ने शिकारी माता सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्यटकों और अन्य लोगों को न जाने की सलाह दी है। आपातकाल के लिए प्रशासन की ओर से 9317207038 नंबर भी जारी किया गया है।
बल्हघाटी समेत अन्य मैदानी क्षेत्रों में दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। जिला मुख्यालय में दोपहर 12 बजे के करीब तेज हवा चलने से शहर में कई स्थानों पर बैनर होर्डिंग उखड़ कर नीचे गिर गए। जिला पुस्तकालय के सामने अस्थायी दुकानों के तिरपाल फट गए। बल्हघाटी में रिमझिम बारिश से किसानों को हालांकि कुछ राहत मिली है लेकिन टमाटर की रोपाई के लिए सिंचाई योजना से पानी न मिलने से उनकी परेशानी बनी हुई है। इन दिनों घाटी में टमाटर की रोपाई का कार्य जोरों पर है लेकिन राइट बैंक इरीगेशन स्कीम के लिए बीएसएल नहर से पानी लिफ्ट नहीं होने के कारण समस्या पैदा हुई है। डैहर पावर हाउस में तकनीकी खराबी के कारण बीते करीब 10 दिन से बीएसएल परियोजना की नहर में पानी की आमद बहुत कम कर दी गई है। इस कारण घाटी के किसानों को पानी नहीं मिल रहा है।
बर्फबारी और बारिश होने से किसानों- बागवानों में खुशी
थाची (मंडी)। जिले की ऊंची चोटियों शिकारी देवी, शैटाधार, सपेहणीधार, शिकारी देवी, कमरूघाटी और चौहारघाटी में ताजा हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई है। बर्फबारी और बारिश होने से किसानों-बागवानों में खुशी की लहर है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक है। सराज घाटी में आजकल किसालों ने मटर और आलू की बिजाई की है। बारिश होने से किसानों को अच्छी फसल होने की उम्मीद है। बागवान भी इसे अच्छा मान रहे हैं। मार्च के पहले सप्ताह अधिक गर्मी होने से बागवानों ने सेब पौधों पर सुरक्षा के लिए जालियां लगा दी हैं। अचानक हुई बर्फबारी होने पर बागवानों को बर्फ के भार से जालियां टूटने का अंदेशा बना है। किसान केवली राम, चमन लाल, तुले राम, डोले राम और सत्य प्रकाश का कहना है कि सही समय पर हुई बारिश फसलों के लिए अच्छी साबित होगी।
Trending Videos
बल्हघाटी समेत अन्य मैदानी क्षेत्रों में दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। जिला मुख्यालय में दोपहर 12 बजे के करीब तेज हवा चलने से शहर में कई स्थानों पर बैनर होर्डिंग उखड़ कर नीचे गिर गए। जिला पुस्तकालय के सामने अस्थायी दुकानों के तिरपाल फट गए। बल्हघाटी में रिमझिम बारिश से किसानों को हालांकि कुछ राहत मिली है लेकिन टमाटर की रोपाई के लिए सिंचाई योजना से पानी न मिलने से उनकी परेशानी बनी हुई है। इन दिनों घाटी में टमाटर की रोपाई का कार्य जोरों पर है लेकिन राइट बैंक इरीगेशन स्कीम के लिए बीएसएल नहर से पानी लिफ्ट नहीं होने के कारण समस्या पैदा हुई है। डैहर पावर हाउस में तकनीकी खराबी के कारण बीते करीब 10 दिन से बीएसएल परियोजना की नहर में पानी की आमद बहुत कम कर दी गई है। इस कारण घाटी के किसानों को पानी नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बर्फबारी और बारिश होने से किसानों- बागवानों में खुशी
थाची (मंडी)। जिले की ऊंची चोटियों शिकारी देवी, शैटाधार, सपेहणीधार, शिकारी देवी, कमरूघाटी और चौहारघाटी में ताजा हिमपात और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई है। बर्फबारी और बारिश होने से किसानों-बागवानों में खुशी की लहर है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक है। सराज घाटी में आजकल किसालों ने मटर और आलू की बिजाई की है। बारिश होने से किसानों को अच्छी फसल होने की उम्मीद है। बागवान भी इसे अच्छा मान रहे हैं। मार्च के पहले सप्ताह अधिक गर्मी होने से बागवानों ने सेब पौधों पर सुरक्षा के लिए जालियां लगा दी हैं। अचानक हुई बर्फबारी होने पर बागवानों को बर्फ के भार से जालियां टूटने का अंदेशा बना है। किसान केवली राम, चमन लाल, तुले राम, डोले राम और सत्य प्रकाश का कहना है कि सही समय पर हुई बारिश फसलों के लिए अच्छी साबित होगी।