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Kargil Vijay Diwas 2026: 'कारगिल की हर रात आज भी याद है... ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने सुनाई जंग की अनकही कहानी
Sun, 26 Jul 2026 09:32 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 26 Jul 2026 09:32 AM IST
सार
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कारगिल युद्ध के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि तोलोलिंग पर कब्जा सबसे कठिन मिशन था, जहां 25 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना अत्याधुनिक तकनीक और ड्रोन जैसी आधुनिक क्षमताओं से पहले से अधिक मजबूत है तथा भविष्य के युद्धों में तकनीक की भूमिका और बढ़ेगी। पढ़ें पूरी खबर...
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कारगिल विजय दिवस पर ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने अपने अनुभव साझा किए।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध के नायक और पूर्व सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने युद्ध के दिनों को याद करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध लड़ना उनके जीवन का सबसे बड़ा गर्व है। उन्होंने कहा कि विकट परिस्थितियों और दुश्मन की लगातार गोलाबारी के बावजूद भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए विजय हासिल की और देश का तिरंगा शान से लहराया।
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ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने बताया कि तोलोलिंग की पहाड़ी पर कब्जा करना कारगिल युद्ध का सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण मिशन था। उस समय वह 18 ग्रेनेडियर्स का नेतृत्व कर रहे थे। इस मिशन में 25 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसके बाद हम्प और टाइगर हिल पर भी भारतीय सेना ने विजय हासिल की।
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माइनस तापमान में लड़ी गई निर्णायक लड़ाई
उन्होंने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों पर माइनस तापमान, सिर छिपाने तक की जगह नहीं और ऊपर से दुश्मन की लगातार फायरिंग जैसी परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिक पीछे नहीं हटे। सैनिकों के साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ने असंभव दिखने वाले मिशन को भी सफल बना दिया। उन्होंने कहा कि आज भी युद्ध का हर दृश्य और हर पल उनकी स्मृतियों में ताजा है।
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आज पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है भारतीय सेना
ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि कारगिल युद्ध के समय और आज के दौर में काफी अंतर है। आज भारतीय सेना पहले की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक, सशक्त और तकनीकी रूप से सक्षम है। वर्तमान समय में चीन और पाकिस्तान जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय सेना हर स्थिति का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है।
भविष्य के युद्धों में तकनीक निभाएगी बड़ी भूमिका
उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल आमने-सामने की लड़ाई तक सीमित नहीं हैं। आधुनिक तकनीक युद्ध की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक के प्रभावी उपयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में युद्धों में अत्याधुनिक तकनीक और ड्रोन की भूमिका और बढ़ेगी।
ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि कारगिल युद्ध के समय और आज के दौर में काफी अंतर है। आज भारतीय सेना पहले की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक, सशक्त और तकनीकी रूप से सक्षम है। वर्तमान समय में चीन और पाकिस्तान जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय सेना हर स्थिति का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है।
भविष्य के युद्धों में तकनीक निभाएगी बड़ी भूमिका
उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल आमने-सामने की लड़ाई तक सीमित नहीं हैं। आधुनिक तकनीक युद्ध की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक के प्रभावी उपयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में युद्धों में अत्याधुनिक तकनीक और ड्रोन की भूमिका और बढ़ेगी।