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Mandi News: बरोट घटासनी सड़क पर गुराला में लगातार दरक रहा पहाड़
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अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाना भूला प्रशासन, चेतावनी बोर्डों की भी दरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। चौहारघाटी की बरोट-घटासनी सड़क पर गुराला के समीप लगातार दरक रहे पहाड़ से हादसों का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी से लगातार पत्थर और पेड़ गिरने के कारण कई बार यातायात बाधित हो चुका है। बीते दो वर्षों से क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन का वैज्ञानिक सर्वेक्षण न होने से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। कीचड़ और दलदल में तब्दील सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी जोखिम भरी हो गई है।
चौहारघाटी निवासी दुनी चंद, मुनीष, विवेक और हरीश ने बताया कि करीब 100 मीटर क्षेत्र में पहाड़ लगातार दरक रहा है लेकिन यहां अभी तक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित नहीं किया गया है। दो दिन पहले पेड़ गिरने से एक कार बाल-बाल बची। सड़क बाधित होने से किसानों, बागवानों और पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ी। किसानों को कृषि उत्पाद मंडियों और मुख्य बाजारों तक पहुंचाने में भी दिक्कतें आईं। लोक निर्माण विभाग झंटीगरी उपमंडल के सहायक अभियंता भगत राम ने बताया कि भूस्खलन संभावित क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बॉक्स
बरोट-घटासनी सड़क पर गुराला और देवढांक के समीप भूस्खलन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिक से अधिक चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। दरकते पहाड़ों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाने के साथ अति संवेदनशील क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन से विचार-विमर्श किया जाएगा। -सुरजीत, एसडीएम पधर
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। चौहारघाटी की बरोट-घटासनी सड़क पर गुराला के समीप लगातार दरक रहे पहाड़ से हादसों का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी से लगातार पत्थर और पेड़ गिरने के कारण कई बार यातायात बाधित हो चुका है। बीते दो वर्षों से क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन का वैज्ञानिक सर्वेक्षण न होने से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। कीचड़ और दलदल में तब्दील सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी जोखिम भरी हो गई है।
चौहारघाटी निवासी दुनी चंद, मुनीष, विवेक और हरीश ने बताया कि करीब 100 मीटर क्षेत्र में पहाड़ लगातार दरक रहा है लेकिन यहां अभी तक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित नहीं किया गया है। दो दिन पहले पेड़ गिरने से एक कार बाल-बाल बची। सड़क बाधित होने से किसानों, बागवानों और पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ी। किसानों को कृषि उत्पाद मंडियों और मुख्य बाजारों तक पहुंचाने में भी दिक्कतें आईं। लोक निर्माण विभाग झंटीगरी उपमंडल के सहायक अभियंता भगत राम ने बताया कि भूस्खलन संभावित क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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बरोट-घटासनी सड़क पर गुराला और देवढांक के समीप भूस्खलन वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिक से अधिक चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। दरकते पहाड़ों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करवाने के साथ अति संवेदनशील क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन से विचार-विमर्श किया जाएगा। -सुरजीत, एसडीएम पधर
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