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Mandi News: एमटेक, एमएससी भी 13,500 रुपये की नौकरी के लिए मजबूर
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जोगिंद्रनगर के मच्छयाल में आयोजित रोजगार मेले में बेहद कम वेतन के बावजूद रोजगार हासिल करने पहुं
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युवा बोले, योग्यता और हुनर से करना पड़ रहा समझौता
जोगिंद्रनगर रोजगार मेले ने दिखाई बेरोजगारी की तस्वीर
350 युवाओं ने किया पंजीकरण, 124 का चयन, 200 से अधिक लौटे निराश
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। प्रदेश में बढ़ती शिक्षित बेरोजगारी की एक और तस्वीर शनिवार को जोगिंद्रनगर के मच्छयाल में आयोजित रोजगार मेले में देखने को मिली। महज 13,500 रुपये प्रतिमाह वेतन वाली निजी क्षेत्र की नौकरियों के लिए एमएससी, एमटेक, बीटेक, डिप्लोमा और स्नातक डिग्रीधारी युवा घंटों तक कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते रहे। उच्च शिक्षा और तकनीकी योग्यता के बावजूद बेहतर रोजगार के अवसर नहीं मिलने से युवा कम वेतन पर भी नौकरी स्वीकार करने को मजबूर दिखे।रोजगार मेले में टेक्सटाइल, परिवहन, फार्मास्यूटिकल और ऑटोमोबाइल क्षेत्र की विभिन्न निजी कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया आयोजित की। सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक चले मेले में करीब 350 युवाओं ने भाग लिया। साक्षात्कार और दस्तावेजों की जांच के बाद 124 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि 200 से अधिक युवाओं को बिना नौकरी के लौटना पड़ा।
मेले में पहुंचे एमएससी पासआउट आंचल, बीटेक (सिविल) के असलम, विक्की और सौरव तथा स्नातक पास प्रवीण और शिव सहित कई युवाओं ने बताया कि प्रदेश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी के कारण अब 13 से 14 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी भी स्वीकार करनी पड़ रही है। उनका कहना था कि वर्षों की पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के बावजूद योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कई निजी कंपनियों में सीमित पदों और आरक्षित सीटों के कारण भी अनेक अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका।
चयनित अभ्यर्थियों में आशीष, अमित, अभिषेक, नयनित, राकेश, डिप्लोमा धारक राजेश, बीटेक पास राकेश, स्नातक की छात्रा अंजना, तकनीकी प्रशिक्षु आशीष, रोहित, कुमकुम, नेहा, प्रियंका, आयांश, मीनाक्षी और सौरव सहित अन्य युवाओं ने कहा कि रोजगार के सीमित अवसरों के कारण उन्हें अपनी योग्यता और हुनर से समझौता करना पड़ रहा है।
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रोजगार मेले की मुख्य आयोजक एवं जिला परिषद सदस्य बिंदु बाला ने बताया कि जोगिंद्रनगर क्षेत्र में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए इस मेले का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि चयनित युवाओं को विभिन्न निजी कंपनियों में 13,500 रुपये से लेकर 21,800 रुपये प्रतिमाह तक के वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराया गया।
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जोगिंद्रनगर रोजगार मेले ने दिखाई बेरोजगारी की तस्वीर
350 युवाओं ने किया पंजीकरण, 124 का चयन, 200 से अधिक लौटे निराश
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। प्रदेश में बढ़ती शिक्षित बेरोजगारी की एक और तस्वीर शनिवार को जोगिंद्रनगर के मच्छयाल में आयोजित रोजगार मेले में देखने को मिली। महज 13,500 रुपये प्रतिमाह वेतन वाली निजी क्षेत्र की नौकरियों के लिए एमएससी, एमटेक, बीटेक, डिप्लोमा और स्नातक डिग्रीधारी युवा घंटों तक कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते रहे। उच्च शिक्षा और तकनीकी योग्यता के बावजूद बेहतर रोजगार के अवसर नहीं मिलने से युवा कम वेतन पर भी नौकरी स्वीकार करने को मजबूर दिखे।रोजगार मेले में टेक्सटाइल, परिवहन, फार्मास्यूटिकल और ऑटोमोबाइल क्षेत्र की विभिन्न निजी कंपनियों ने भर्ती प्रक्रिया आयोजित की। सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक चले मेले में करीब 350 युवाओं ने भाग लिया। साक्षात्कार और दस्तावेजों की जांच के बाद 124 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि 200 से अधिक युवाओं को बिना नौकरी के लौटना पड़ा।
मेले में पहुंचे एमएससी पासआउट आंचल, बीटेक (सिविल) के असलम, विक्की और सौरव तथा स्नातक पास प्रवीण और शिव सहित कई युवाओं ने बताया कि प्रदेश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी के कारण अब 13 से 14 हजार रुपये मासिक वेतन वाली नौकरी भी स्वीकार करनी पड़ रही है। उनका कहना था कि वर्षों की पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण के बावजूद योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पा रहा है। वहीं, कई निजी कंपनियों में सीमित पदों और आरक्षित सीटों के कारण भी अनेक अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका।
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चयनित अभ्यर्थियों में आशीष, अमित, अभिषेक, नयनित, राकेश, डिप्लोमा धारक राजेश, बीटेक पास राकेश, स्नातक की छात्रा अंजना, तकनीकी प्रशिक्षु आशीष, रोहित, कुमकुम, नेहा, प्रियंका, आयांश, मीनाक्षी और सौरव सहित अन्य युवाओं ने कहा कि रोजगार के सीमित अवसरों के कारण उन्हें अपनी योग्यता और हुनर से समझौता करना पड़ रहा है।
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रोजगार मेले की मुख्य आयोजक एवं जिला परिषद सदस्य बिंदु बाला ने बताया कि जोगिंद्रनगर क्षेत्र में बढ़ती बेरोजगारी को देखते हुए इस मेले का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि चयनित युवाओं को विभिन्न निजी कंपनियों में 13,500 रुपये से लेकर 21,800 रुपये प्रतिमाह तक के वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराया गया।