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Mandi News: पेड़ों की पत्तियों से संवारी जिंदगी की राहें

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:19 AM IST
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The paths of life are paved with the leaves of trees
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बिहनधार की महिलाओं की मेहनत रंग लाई, बनीं आत्मनिर्भर
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समूह की हेती देवी पत्तल के काम से महीने का कमा रहीं दस हजार
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। ग्रामीण परिवेश में रहने वाली महिलाएं सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर सशक्त और स्वावलंबी बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक महिला हैं हेती देवी, जो विशेष पेड़ों की पत्तियों से पत्तल (थाली) बनाकर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं।
मंडी जिला मुख्यालय के समीप बिहनधार गांव की रहने वाली हेती देवी ज्योति स्वयं सहायता समूह की सचिव हैं। वे बताती हैं कि वर्ष 2018 से वह इस समूह से जुड़ी हुई हैं। उनका समूह पत्तल बनाने का कार्य करता है। शुरुआत में वे हाथ से पत्तल बनाती थीं और लगभग 5,000 रुपये प्रति माह कमा लेती थीं। वर्ष 2023 के बाद उन्होंने मशीन की सहायता से पत्तल बनाना शुरू किया। विकास खंड मंडी से पत्तल बनाने की मशीन मिलने के बाद उनकी आय दोगुनी हो गई। अब वे मशीन से पत्तल बनाकर लगभग 10,000 रुपये प्रति माह कमा रही हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई पत्तल गुणवत्ता के मामले में अन्य पत्तलों से बेहतर होती हैं। हाथ से बनी पत्तल 200 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से बिकती हैं, जबकि मशीन से बनी पत्तल 400 रुपये प्रति सैकड़ा में बिकती हैं। इसी प्रकार हाथ से बनाए गए डोने 100 रुपये प्रति सैकड़ा और मशीन से बने डोने 200 रुपये प्रति सैकड़ा में बिकते हैं। समूह की महिलाएं अब डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग कर रही हैं। उन्हें मोबाइल के जरिए ऑर्डर मिल जाते हैं, जिससे उनका कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।
समूह की प्रधान तृप्ता देवी ने बताया कि उनके समूह का गठन वर्ष 2018 में हुआ था और इसमें छह महिलाएं शामिल हैं। सरकार की ओर से समूह को 40,000 रुपये का रिवॉल्विंग फंड मिला है, जिसका उपयोग इंटर-लोनिंग के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पत्तल बनाने के कार्य से वे सालाना 1 से 1.5 लाख रुपये तक कमा रही हैं, जिससे उनके परिवार का खर्च सुचारु रूप से चल रहा है। उन्हें सरकार द्वारा पत्तल बनाने की मशीन भी उपलब्ध करवाई गई है। उधर, उपायुक्त अपूर्व देवगन का कहना है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर महिला स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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