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Rampur Bushahar News: 108 एंबुलेंस बनी जीवनदायिनी, एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव
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नारकंडा में 108 टीम ने एंबुलेंस में करवाया सुरक्षित प्रसव। स्रोत : जागरूक पाठक
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रास्ते में बढ़ी प्रसव पीड़ा, एंबुलेंस में ही कराया सफल प्रसव
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, अस्पताल में की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई है। नारकंडा क्षेत्र के जिम्मू गांव में मंगलवार सुबह एक आपात स्थिति में 108 टीम ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए मां और नवजात दोनों की जान बचाई।
जिम्मू गांव की नंदा, पत्नी विजय को मंगलवार तड़के करीब 4:00 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस पायलट रमन डोगरा और ईएमटी आदर्श ठाकुर मौके पर पहुंचे और गर्भवती को एंबुलेंस में शिफ्ट कर ठियोग अस्पताल के लिए रवाना हुए। अस्पताल से कुछ किलोमीटर पहले ही प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। ऐसे में ईएमटी आदर्श ठाकुर ने एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करवाने का निर्णय लिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने सावधानी और कुशलता के साथ प्रसव सफलतापूर्वक कराया। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया है। लोगों ने भी टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कर्मियों की बदौलत ही पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं समय पर लोगों तक पहुंच पा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा एक बार फिर गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई है। नारकंडा क्षेत्र के जिम्मू गांव में मंगलवार सुबह एक आपात स्थिति में 108 टीम ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए मां और नवजात दोनों की जान बचाई।
जिम्मू गांव की नंदा, पत्नी विजय को मंगलवार तड़के करीब 4:00 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस पायलट रमन डोगरा और ईएमटी आदर्श ठाकुर मौके पर पहुंचे और गर्भवती को एंबुलेंस में शिफ्ट कर ठियोग अस्पताल के लिए रवाना हुए। अस्पताल से कुछ किलोमीटर पहले ही प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। ऐसे में ईएमटी आदर्श ठाकुर ने एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव करवाने का निर्णय लिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने सावधानी और कुशलता के साथ प्रसव सफलतापूर्वक कराया। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया है। लोगों ने भी टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कर्मियों की बदौलत ही पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं समय पर लोगों तक पहुंच पा रही हैं।
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