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Rampur Bushahar News: मंडदेवरी में सेब बगीचे के काट दिए 80 पेड़
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बागवान ने अज्ञात लोगों पर लगाया आरोप, घटना पांच दिन पहले की, अब दी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल रोहड़ू की करासा पंचायत के मंडदेवरी में रात को शरारती तत्वों ने एक बागवान के बगीचे में सेब के करीब 80 फलदार पेड़ काट दिए। यह घटना पांच दिन पहले की है। पीड़ित बागवान ने सोमवार को इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। शिकायत में स्थानीय निवासी कमलेश कश्यप ने बताया कि अज्ञात लोगों ने रात को बगीचे में घुसकर करीब दस से बारह साल के सेब के 80 फलदार पेड़ काट दिए। इन पेड़ों के नष्ट होने से किसान को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह बगीचा परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की असामाजिक गतिविधियां क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे तत्वों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। शिकायत के बाद पुलिस को भी अभी तक इस मामले में पुख्ता सुराग नहीं मिला है। इस घटना से किसान की वर्षों की मेहनत को नुकसान पहुंचा है। कमलेश कश्यप ने बताया कि बगीचे को वर्ष 2014 को उनके बड़े बेटे ने तैयार किया था। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। परिवार का किसी पर न तो शक है न ही किसी के साथ रंजिश है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल रोहड़ू की करासा पंचायत के मंडदेवरी में रात को शरारती तत्वों ने एक बागवान के बगीचे में सेब के करीब 80 फलदार पेड़ काट दिए। यह घटना पांच दिन पहले की है। पीड़ित बागवान ने सोमवार को इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई है। शिकायत में स्थानीय निवासी कमलेश कश्यप ने बताया कि अज्ञात लोगों ने रात को बगीचे में घुसकर करीब दस से बारह साल के सेब के 80 फलदार पेड़ काट दिए। इन पेड़ों के नष्ट होने से किसान को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह बगीचा परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की असामाजिक गतिविधियां क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे तत्वों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। शिकायत के बाद पुलिस को भी अभी तक इस मामले में पुख्ता सुराग नहीं मिला है। इस घटना से किसान की वर्षों की मेहनत को नुकसान पहुंचा है। कमलेश कश्यप ने बताया कि बगीचे को वर्ष 2014 को उनके बड़े बेटे ने तैयार किया था। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। परिवार का किसी पर न तो शक है न ही किसी के साथ रंजिश है।