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Rampur Bushahar News: आनी क्षेत्र में सेब उत्पादन 75 फीसदी घटा, खेगसू मंडी में कारोबार प्रभावित
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खेगसू मंडी में घटी सेब की आमद, व्यापारियों की बढ़ी परेशानियां। संवाद
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. बीते वर्ष रोजाना पहुंच रही थी 20 हजार पेटियां, इस बार 5 हजार पहुंचा आंकड़ा
. मंडी में बैठे 22 आढ़ती झेल रहे परेशानियां, अपेक्षा से कम कारोबार होने से बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर(कुल्लू)। आनी, दलाश और निरमंड क्षेत्र में इस वर्ष सेब का उत्पादन काफी कम हुआ है। ओलावृष्टि, मौसम की मार और तापमान न बनने के कारण पैदावार में भारी गिरावट आई है। क्षेत्र की मुख्य खेगसू सेब मंडी में कारोबार 75 फीसदी तक घट गया है, जिससे कारोबारी मंदी झेल रहे हैं। पिछले वर्ष जहां मंडी में रोजाना 20 हजार पेटियां पहुंच रही थीं, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 5 हजार पेटियों तक सिमट गया है। उत्पादन घटने से मंडी में बैठे आढ़ती भी मंदी की मार झेल रहे हैं। उपतहसील नित्थर के निचले क्षेत्रों शानी, घोरला और रेची में इस बार सेब की फसल ही नहीं हो पाई है। इससे बागवानों को अपना खर्चा भी निकालना मुश्किल हो गया है। उत्पादन में भारी गिरावट के कारण इस वर्ष आनी, दलाश और निरमंड में सेब की पैदावार अपेक्षा से काफी कम रही। ओलावृष्टि, प्रतिकूल मौसम और उचित तापमान न मिलने से फसल को भारी नुकसान हुआ। नित्थर के निचले इलाकों में तो सेब की फसल लगभग न के बराबर हुई है। इससे बागवानों के लिए अपनी लागत निकालना भी कठिन हो गया है। आढ़तियों को उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में ऊपरी इलाकों में सेब का सीजन शुरू हो जाएगा।
-खेगसू मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्मचंद ठाकुर ने कहा कि बीते साल हर दिन 20 हजार सेब की पेटियां मंडी पहुंच रही थीं लेकिन इस बार यह संख्या आधे से भी कम होकर 5 हजार के करीब रह गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार सेब के दाम अच्छे मिल रहे हैं। इस वजह मंडियों में माल की कमी है।
-सेब व्यापारी सुरेंद्र परमार ने कहा कि खेगसू मंडी में 22 सेब के आढ़ती बैठते हैं। इस बार सेब की कमी के कारण मंदी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आनी विधानसभा क्षेत्र के ऊपरी इलाकों से सेब का सीजन शुरू होने पर मंदी का यह दौर समाप्त हो जाएगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की पैदावार कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की अपेक्षा बेहतर हुई है।
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-नित्थर के ढमाह निवासी सेब व्यापारी जय सुख के अनुसार, नित्थर के ऊपरी सेब बहुल क्षेत्रों जैसे एडशी और बुआई में फसल अच्छी है। इन इलाकों में 25 अगस्त के बाद कभी भी सेब सीजन शुरू हो सकता है। इसके बाद ही खेगसू मंडी में रौनक वापस लौटने की संभावना है।
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. मंडी में बैठे 22 आढ़ती झेल रहे परेशानियां, अपेक्षा से कम कारोबार होने से बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर(कुल्लू)। आनी, दलाश और निरमंड क्षेत्र में इस वर्ष सेब का उत्पादन काफी कम हुआ है। ओलावृष्टि, मौसम की मार और तापमान न बनने के कारण पैदावार में भारी गिरावट आई है। क्षेत्र की मुख्य खेगसू सेब मंडी में कारोबार 75 फीसदी तक घट गया है, जिससे कारोबारी मंदी झेल रहे हैं। पिछले वर्ष जहां मंडी में रोजाना 20 हजार पेटियां पहुंच रही थीं, वहीं इस वर्ष यह आंकड़ा 5 हजार पेटियों तक सिमट गया है। उत्पादन घटने से मंडी में बैठे आढ़ती भी मंदी की मार झेल रहे हैं। उपतहसील नित्थर के निचले क्षेत्रों शानी, घोरला और रेची में इस बार सेब की फसल ही नहीं हो पाई है। इससे बागवानों को अपना खर्चा भी निकालना मुश्किल हो गया है। उत्पादन में भारी गिरावट के कारण इस वर्ष आनी, दलाश और निरमंड में सेब की पैदावार अपेक्षा से काफी कम रही। ओलावृष्टि, प्रतिकूल मौसम और उचित तापमान न मिलने से फसल को भारी नुकसान हुआ। नित्थर के निचले इलाकों में तो सेब की फसल लगभग न के बराबर हुई है। इससे बागवानों के लिए अपनी लागत निकालना भी कठिन हो गया है। आढ़तियों को उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में ऊपरी इलाकों में सेब का सीजन शुरू हो जाएगा।
-खेगसू मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्मचंद ठाकुर ने कहा कि बीते साल हर दिन 20 हजार सेब की पेटियां मंडी पहुंच रही थीं लेकिन इस बार यह संख्या आधे से भी कम होकर 5 हजार के करीब रह गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार सेब के दाम अच्छे मिल रहे हैं। इस वजह मंडियों में माल की कमी है।
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-सेब व्यापारी सुरेंद्र परमार ने कहा कि खेगसू मंडी में 22 सेब के आढ़ती बैठते हैं। इस बार सेब की कमी के कारण मंदी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आनी विधानसभा क्षेत्र के ऊपरी इलाकों से सेब का सीजन शुरू होने पर मंदी का यह दौर समाप्त हो जाएगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब की पैदावार कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों की अपेक्षा बेहतर हुई है।
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-नित्थर के ढमाह निवासी सेब व्यापारी जय सुख के अनुसार, नित्थर के ऊपरी सेब बहुल क्षेत्रों जैसे एडशी और बुआई में फसल अच्छी है। इन इलाकों में 25 अगस्त के बाद कभी भी सेब सीजन शुरू हो सकता है। इसके बाद ही खेगसू मंडी में रौनक वापस लौटने की संभावना है।

खेगसू मंडी में घटी सेब की आमद, व्यापारियों की बढ़ी परेशानियां। संवाद

खेगसू मंडी में घटी सेब की आमद, व्यापारियों की बढ़ी परेशानियां। संवाद

खेगसू मंडी में घटी सेब की आमद, व्यापारियों की बढ़ी परेशानियां। संवाद