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Rampur Bushahar News: ठियोग में पांच दिन से गहराया पेयजल संकट
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गिरि खड्ड में गाद और पंपों की खराबी से जलापूर्ति ठप, आज आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद
ठियोग में पांच दिन से गहराया पेयजल संकट, अमृत-2 योजना अधूरी रहने से बढ़ी मुश्किलें
.योजना समय पर पूरी हो जाती तो जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता
स्थानीय लोगों में जल संकट को लेकर भारी नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। नगर परिषद ठियोग के पांचों वार्डों में पांच दिनों से पेयजल संकट गहरा गया है। लगातार जलापूर्ति बाधित रहने से हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्हें पीने के पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। गिरि खड्ड में गाद बढ़ने और पंपिंग मशीनरी में आई तकनीकी खराबियों के कारण यह स्थिति बनी है।
लोगों का आरोप है कि जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि अमृत-2 पेयजल योजना की टेस्टिंग 31 मार्च को पूरी हो चुकी थी, लेकिन करोड़ों रुपये की धनराशि जारी न होने के कारण योजना अब भी अधूरी है। यदि इसे समय पर पूरा कर लिया जाता तो शहर को मौजूदा जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
लगातार बारिश से गिरि नदी में अत्यधिक गाद आने के कारण पंपिंग प्रभावित हुई। इससे पानी उठाना संभव नहीं हो सका। इसके बाद सेकंड स्टेज कंडा में पंपिंग मशीन की बेयरिंग खराब हो गई। बुधवार को सबमर्सिबल पंप में खराबी आने से पूरी जलापूर्ति व्यवस्था ठप हो गई। इन तकनीकी समस्याओं के चलते शहर के अधिकांश हिस्सों में पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
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अमृत-2 योजना के तहत प्रतिदिन 1.9 एमएलडी पानी उठाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए ट्यूब सेटलर और रैपिड सैंड फिल्टर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं तथा पांच किलोमीटर लंबी पाइपलाइन भी बिछाई गई है। डीएवी स्कूल, हिमुडा कॉलोनी, कोर्ट कॉलोनी, बासा ठियोग, चुंडू और छईधाला के जल भंडारण टैंक तैयार हैं, लेकिन इन्हें मुख्य व्यवस्था से जोड़ने का कार्य पिछले चार महीनों से लंबित है।
जल संकट को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने सरकार और जल शक्ति विभाग से खराब पंपों की तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की है। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता संजीत मेहता ने बताया कि गिरी नदी में गाद कम हो गई है और मशीनरी भी दुरुस्त कर दी गई है। उन्होंने मंगलवार से पेयजल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जताई है।
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ठियोग में पांच दिन से गहराया पेयजल संकट, अमृत-2 योजना अधूरी रहने से बढ़ी मुश्किलें
.योजना समय पर पूरी हो जाती तो जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता
स्थानीय लोगों में जल संकट को लेकर भारी नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। नगर परिषद ठियोग के पांचों वार्डों में पांच दिनों से पेयजल संकट गहरा गया है। लगातार जलापूर्ति बाधित रहने से हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्हें पीने के पानी के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। गिरि खड्ड में गाद बढ़ने और पंपिंग मशीनरी में आई तकनीकी खराबियों के कारण यह स्थिति बनी है।
लोगों का आरोप है कि जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि अमृत-2 पेयजल योजना की टेस्टिंग 31 मार्च को पूरी हो चुकी थी, लेकिन करोड़ों रुपये की धनराशि जारी न होने के कारण योजना अब भी अधूरी है। यदि इसे समय पर पूरा कर लिया जाता तो शहर को मौजूदा जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
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लगातार बारिश से गिरि नदी में अत्यधिक गाद आने के कारण पंपिंग प्रभावित हुई। इससे पानी उठाना संभव नहीं हो सका। इसके बाद सेकंड स्टेज कंडा में पंपिंग मशीन की बेयरिंग खराब हो गई। बुधवार को सबमर्सिबल पंप में खराबी आने से पूरी जलापूर्ति व्यवस्था ठप हो गई। इन तकनीकी समस्याओं के चलते शहर के अधिकांश हिस्सों में पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
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अमृत-2 योजना के तहत प्रतिदिन 1.9 एमएलडी पानी उठाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए ट्यूब सेटलर और रैपिड सैंड फिल्टर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं तथा पांच किलोमीटर लंबी पाइपलाइन भी बिछाई गई है। डीएवी स्कूल, हिमुडा कॉलोनी, कोर्ट कॉलोनी, बासा ठियोग, चुंडू और छईधाला के जल भंडारण टैंक तैयार हैं, लेकिन इन्हें मुख्य व्यवस्था से जोड़ने का कार्य पिछले चार महीनों से लंबित है।
जल संकट को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उन्होंने सरकार और जल शक्ति विभाग से खराब पंपों की तत्काल मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारु करने की मांग की है। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता संजीत मेहता ने बताया कि गिरी नदी में गाद कम हो गई है और मशीनरी भी दुरुस्त कर दी गई है। उन्होंने मंगलवार से पेयजल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद जताई है।