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अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड का शीघ्र गठन करें : सुरेंद्र
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रामपुर के नोगली में अर्धसैनिक कल्याण समिति की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत : समिति
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नोगली में अर्धसैनिक बल कल्याण समिति की बैठक में उठाए मुद्दे
शहीद का दर्जा देने, पेंशन बहाल करने और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग
लंबित मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरकार अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड का शीघ्र गठन करे और अर्धसैनिक बल के कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। यह मांग अर्धसैनिक बल कल्याण समिति की बैठक में समिति अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने उठाई।
अर्धसैनिक बल कल्याण समिति इकाई नोगली की त्रैमासिक बैठक सशस्त्र सीमा बल नोगली स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने की। बैठक में अर्धसैनिक बल से लंबित समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कर्मचारियों ने एक स्वर में सरकार से अर्धसैनिक बल के शहीदों को शहीद का दर्जा देने, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड का गठन करने, 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों की पेंशन बहाल करने, कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रदेश के शहीदों की विधवाओं और बच्चों को उचित सम्मान सुविधाएं देने, 2004 के बाद से सेवा में रहे कर्मियों की पेंशन बहाल की जाए तथा स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाई।
बैठक में कहा कि हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्य अध्यक्ष वीके शर्मा समय-समय पर इन मांगों को प्रदेश और केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकांश कल्याणकारी सुविधाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं और धरातल पर अभी तक कुछ भी लागू नहीं किया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि सुविधाओं के अभाव में सेवारत और पेंशनधारी अर्धसैनिक कर्मी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लंबित समस्याओं का समाधान न होने पर बैठक में रोष भी व्यक्त किया गया। सभी सदस्यों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से मांग की कि अर्धसैनिक बल के कर्मियों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को शीघ्र प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
बैठक में कर्मचारियों से भी आग्रह किया गया कि वे आगामी बैठकों में अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि आगे की रणनीति तैयार कर आंदोलनात्मक कदमों पर भी विचार किया जा सके। इस अवसर पर हरजीत सिंह, ज्ञान चंद, धर्मजीत, श्मतू राम, तारा चंद, कुंभ दास, त्रिलोक चंद, संतोष, निहाल चंद, दीवान चंद, हीरा नंद और विमल सहित कई अन्य अर्धसैनिक कर्मी उपस्थित रहे।
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शहीद का दर्जा देने, पेंशन बहाल करने और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग
लंबित मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। सरकार अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड का शीघ्र गठन करे और अर्धसैनिक बल के कर्मचारियों को शहीद का दर्जा दिया जाए। यह मांग अर्धसैनिक बल कल्याण समिति की बैठक में समिति अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने उठाई।
अर्धसैनिक बल कल्याण समिति इकाई नोगली की त्रैमासिक बैठक सशस्त्र सीमा बल नोगली स्थित दुर्गा माता मंदिर परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने की। बैठक में अर्धसैनिक बल से लंबित समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कर्मचारियों ने एक स्वर में सरकार से अर्धसैनिक बल के शहीदों को शहीद का दर्जा देने, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, अर्धसैनिक कल्याण बोर्ड का गठन करने, 2004 के बाद नियुक्त कर्मियों की पेंशन बहाल करने, कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रदेश के शहीदों की विधवाओं और बच्चों को उचित सम्मान सुविधाएं देने, 2004 के बाद से सेवा में रहे कर्मियों की पेंशन बहाल की जाए तथा स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाई।
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बैठक में कहा कि हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्य अध्यक्ष वीके शर्मा समय-समय पर इन मांगों को प्रदेश और केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाते रहे हैं, लेकिन अब तक इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकांश कल्याणकारी सुविधाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं और धरातल पर अभी तक कुछ भी लागू नहीं किया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि सुविधाओं के अभाव में सेवारत और पेंशनधारी अर्धसैनिक कर्मी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। लंबित समस्याओं का समाधान न होने पर बैठक में रोष भी व्यक्त किया गया। सभी सदस्यों ने प्रदेश और केंद्र सरकार से मांग की कि अर्धसैनिक बल के कर्मियों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं को शीघ्र प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
बैठक में कर्मचारियों से भी आग्रह किया गया कि वे आगामी बैठकों में अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि आगे की रणनीति तैयार कर आंदोलनात्मक कदमों पर भी विचार किया जा सके। इस अवसर पर हरजीत सिंह, ज्ञान चंद, धर्मजीत, श्मतू राम, तारा चंद, कुंभ दास, त्रिलोक चंद, संतोष, निहाल चंद, दीवान चंद, हीरा नंद और विमल सहित कई अन्य अर्धसैनिक कर्मी उपस्थित रहे।
