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Rampur Bushahar News: कुष्ठ रोग के बारे में किया जागरूक
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। लेलन में शनिवार को विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उप प्रधान कलम सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। स्वास्थ्य शिक्षिका कमला ठाकुर ने कहा कि कुष्ठ रोग को हैनसेन रोग के नाम से भी जाना जाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करना है। कुष्ठ रोग का उपचार पूरी तरह संभव है। कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लैप्री नामक रोगाणु से होता है, जो त्वचा, नसों, आंखों और श्वसन नली को प्रभावित करता है। यह सुन्नता घाव और विकलांगता पैदा कर सकता है। धीरे-धीरे विकसित होने वाला रोग है और इसके लक्षण दिखने में कई साल लग सकते हैं। त्वचा पर हल्के रंग के दाग, धब्बे, प्रभावित त्वचा में सुन्नता, सनसनी कम होना, मांसपेशियों में कमजोरी और तंत्रिका क्षति इसके लक्षण हैं। यह छूने से नहीं फैलता है। कुष्ठ रोग का इलाज मल्टी ड्रग थेरेपी दवाइयां हैं। छह माह और एक वर्ष के लिए दवाइयां खिलाई जाती हैं। कार्यक्रम में आशा वर्कर आरती ने भी लोगों को रोग के बारे में जागरूक किया। उन्होंने लोगों से भ्रांतियों से दूर रहने का आह्वान किया।
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रामपुर बुशहर। लेलन में शनिवार को विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उप प्रधान कलम सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। स्वास्थ्य शिक्षिका कमला ठाकुर ने कहा कि कुष्ठ रोग को हैनसेन रोग के नाम से भी जाना जाता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को समाप्त करना है। कुष्ठ रोग का उपचार पूरी तरह संभव है। कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लैप्री नामक रोगाणु से होता है, जो त्वचा, नसों, आंखों और श्वसन नली को प्रभावित करता है। यह सुन्नता घाव और विकलांगता पैदा कर सकता है। धीरे-धीरे विकसित होने वाला रोग है और इसके लक्षण दिखने में कई साल लग सकते हैं। त्वचा पर हल्के रंग के दाग, धब्बे, प्रभावित त्वचा में सुन्नता, सनसनी कम होना, मांसपेशियों में कमजोरी और तंत्रिका क्षति इसके लक्षण हैं। यह छूने से नहीं फैलता है। कुष्ठ रोग का इलाज मल्टी ड्रग थेरेपी दवाइयां हैं। छह माह और एक वर्ष के लिए दवाइयां खिलाई जाती हैं। कार्यक्रम में आशा वर्कर आरती ने भी लोगों को रोग के बारे में जागरूक किया। उन्होंने लोगों से भ्रांतियों से दूर रहने का आह्वान किया।
