{"_id":"6a58e58979682f8bd90d535d","slug":"illegal-property-worth-rs-228-crore-acquired-through-drug-trafficking-seized-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1003-164953-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: नशा तस्करी से अर्जित 2.28 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: नशा तस्करी से अर्जित 2.28 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के दो मामलों की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शिमला जिला पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के दो मामलों में विस्तृत वित्तीय जांच के आधार पर नशा तस्करी से अर्जित 2.28 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त है। जब्त संपति में चल और अचल दोनों प्रकार की संपति शामिल है।
पुलिस थाना कोटखाई में 19 सितंबर 2024 को मादक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत दर्ज मामले में पहली कार्रवाई हुई है।
इस मामले में 17 आरोपियों के विरुद्ध विस्तृत वित्तीय जांच अमल में लाई गई। जांच में यह भी स्थापित हुआ कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से 16 वाहन, सोलन स्थित चोपड़ा अपार्टमेंट्स में दो रेजिडेंशियल फ्लैट जो आरोपी हरिंदर सिंह और प्रदीप कुमार की ओर से खरीदे गए और एक आवासीय भवन सहित कुल 2.05 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अर्जित की गई थीं। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपियों की ओर से अर्जित उक्त संपत्तियां उनकी ज्ञात एवं वैध आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती थीं।
उक्त सभी चल एवं अचल संपत्तियों को पुलिस की ओर से विधि अनुसार जब्त कर लिया गया है।
दूसरा कार्रवाई पुलिस थाना बालुगंज में 21अप्रैल को दर्ज मामले में की गई है। पुलिस ने तारा देवी मार्ग पर आरोपी ऋषभ कुमार के कब्जे से 8 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की थी। मामले की जांच के दौरान 25 अप्रैल को आरोपी बादल उर्फ टिटला को भी मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 29 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया। इस अभियोग में कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
मामले में विस्तृत वित्तीय जांच अमल में लाई गई। जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन, राजस्व अभिलेख एवं अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण से पाया गया कि आरोपी ऋषभ कुमार ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से मौजा भरोई, जिला शिमला में एक भूमि प्लॉट और एक कार खरीदी थी।
जांच में पाया गया कि उक्त संपत्तियों का कुल मूल्य 23.23 लाख रुपये है, जो आरोपी की वैध आय से मेल नहीं खाता और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। उक्त भूमि एवं वाहन को पुलिस ने विधि अनुसार जब्त कर लिया है।
इन दोनों मामलों में कुल मिलाकर लगभग 2.28 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध चल एवं अचल संपत्तियां जिला पुलिस शिमला की ओर से जब्त की गई है।
वर्ष 2026 में जिला पुलिस शिमला ने वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अब तक 6 मामलों में 24 आरोपियों की कुल 4.11 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की है, जो पूरे हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस की ओर से सर्वाधिक संपत्ति जब्ती की कार्रवाई है। वहीं वर्ष 2024 और वर्ष 2025 में जिला शिमला में वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अवैध संपत्तियों की जब्ती की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि जिला पुलिस शिमला का स्पष्ट संदेश है कि मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध केवल गिरफ्तारी ही नहीं की जाएगी, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी विधि अनुसार जब्त किया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शिमला जिला पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम के दो मामलों में विस्तृत वित्तीय जांच के आधार पर नशा तस्करी से अर्जित 2.28 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त है। जब्त संपति में चल और अचल दोनों प्रकार की संपति शामिल है।
पुलिस थाना कोटखाई में 19 सितंबर 2024 को मादक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत दर्ज मामले में पहली कार्रवाई हुई है।
इस मामले में 17 आरोपियों के विरुद्ध विस्तृत वित्तीय जांच अमल में लाई गई। जांच में यह भी स्थापित हुआ कि मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से 16 वाहन, सोलन स्थित चोपड़ा अपार्टमेंट्स में दो रेजिडेंशियल फ्लैट जो आरोपी हरिंदर सिंह और प्रदीप कुमार की ओर से खरीदे गए और एक आवासीय भवन सहित कुल 2.05 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अर्जित की गई थीं। जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपियों की ओर से अर्जित उक्त संपत्तियां उनकी ज्ञात एवं वैध आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती थीं।
विज्ञापन
उक्त सभी चल एवं अचल संपत्तियों को पुलिस की ओर से विधि अनुसार जब्त कर लिया गया है।
दूसरा कार्रवाई पुलिस थाना बालुगंज में 21अप्रैल को दर्ज मामले में की गई है। पुलिस ने तारा देवी मार्ग पर आरोपी ऋषभ कुमार के कब्जे से 8 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की थी। मामले की जांच के दौरान 25 अप्रैल को आरोपी बादल उर्फ टिटला को भी मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 29 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया। इस अभियोग में कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
मामले में विस्तृत वित्तीय जांच अमल में लाई गई। जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन, राजस्व अभिलेख एवं अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण से पाया गया कि आरोपी ऋषभ कुमार ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से मौजा भरोई, जिला शिमला में एक भूमि प्लॉट और एक कार खरीदी थी।
जांच में पाया गया कि उक्त संपत्तियों का कुल मूल्य 23.23 लाख रुपये है, जो आरोपी की वैध आय से मेल नहीं खाता और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं। उक्त भूमि एवं वाहन को पुलिस ने विधि अनुसार जब्त कर लिया है।
इन दोनों मामलों में कुल मिलाकर लगभग 2.28 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध चल एवं अचल संपत्तियां जिला पुलिस शिमला की ओर से जब्त की गई है।
वर्ष 2026 में जिला पुलिस शिमला ने वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अब तक 6 मामलों में 24 आरोपियों की कुल 4.11 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की है, जो पूरे हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस की ओर से सर्वाधिक संपत्ति जब्ती की कार्रवाई है। वहीं वर्ष 2024 और वर्ष 2025 में जिला शिमला में वित्तीय अन्वेषण के आधार पर अवैध संपत्तियों की जब्ती की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि जिला पुलिस शिमला का स्पष्ट संदेश है कि मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध केवल गिरफ्तारी ही नहीं की जाएगी, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी विधि अनुसार जब्त किया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के आर्थिक तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।