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Rampur Bushahar News: दो दिन से धधक रहे झालटू-बशला के जंगल, चारों ओर फैला धुआं
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झालटू बशला बीट के जंगल मे आग लगने से मंडलगड़ क्षेत्र में फैला धुंआ। संवाद
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. ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग के कर्मियों ने आग को किया काबू
. वन्य प्राणियों समेत चीड़, कायल, देवदार के पेड़ जले
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
झालटू-बशला बीट के जंगल में आग लगने से मंडलगड़ क्षेत्र में धुआं ही धुआं फैल गया है। झालटू-बशला के जंगल दो दिन से धधक रहे हैं। इससे जंगल में वन्य प्राणियों के मारे जाने की भी आशंका है। कई चीड़, कायल और देवदार के पेड़ भी नष्ट हो चुके हैं। आग को बुझाने के लिए वन विभाग की टीम दिनरात कार्य कर रही है। इस कार्य में स्थानीय लोग भी वन विभाग का सहयोग कर रहे हैं। सोमवार को भी रात 2:00 बजे तक वन विभाग के कर्मचारियों के साथ 50 समाज सेवी और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग को काबू करने के लिए जुटे रहे। आग कि लपटें इतनी भयानक थी कि आग पर रात को नियंत्रण करना कठिन हो गया। मंगलवार सुबह को भी 20 से 25 महिलाएं और वन विभाग की टीम आग को बुझाने का प्रयास करती रही। इस जंगल में यह आग दो दिन से लगी हुई है, जो मंगलवार दोपहर तक कुछ हद तक नियंत्रण में आ चुकी है। आग लोगों कि लापरवाही से फैली है। वन विभाग का कहना है कि इस जंगल में आग लगने का यह सिलसिला कई साल से चल रहा है, जिसे रोकने के लिए स्थानीय लोगो को समय समय पर जागरूक भी किया जाता रहा है। फिर भी लोग अपने बगीचों के साथ लगते वन क्षेत्र में आग लगाने से परहेज नहीं करते हैं। वन मंडल अधिकारी रोहड़ू रवि शंकर शर्मा ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग कि टीम मौके पर है। लोगों के सहयोग से आग पर मंगलवार दोपहर तक काबू पा लिया है।
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. वन्य प्राणियों समेत चीड़, कायल, देवदार के पेड़ जले
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
झालटू-बशला बीट के जंगल में आग लगने से मंडलगड़ क्षेत्र में धुआं ही धुआं फैल गया है। झालटू-बशला के जंगल दो दिन से धधक रहे हैं। इससे जंगल में वन्य प्राणियों के मारे जाने की भी आशंका है। कई चीड़, कायल और देवदार के पेड़ भी नष्ट हो चुके हैं। आग को बुझाने के लिए वन विभाग की टीम दिनरात कार्य कर रही है। इस कार्य में स्थानीय लोग भी वन विभाग का सहयोग कर रहे हैं। सोमवार को भी रात 2:00 बजे तक वन विभाग के कर्मचारियों के साथ 50 समाज सेवी और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी आग को काबू करने के लिए जुटे रहे। आग कि लपटें इतनी भयानक थी कि आग पर रात को नियंत्रण करना कठिन हो गया। मंगलवार सुबह को भी 20 से 25 महिलाएं और वन विभाग की टीम आग को बुझाने का प्रयास करती रही। इस जंगल में यह आग दो दिन से लगी हुई है, जो मंगलवार दोपहर तक कुछ हद तक नियंत्रण में आ चुकी है। आग लोगों कि लापरवाही से फैली है। वन विभाग का कहना है कि इस जंगल में आग लगने का यह सिलसिला कई साल से चल रहा है, जिसे रोकने के लिए स्थानीय लोगो को समय समय पर जागरूक भी किया जाता रहा है। फिर भी लोग अपने बगीचों के साथ लगते वन क्षेत्र में आग लगाने से परहेज नहीं करते हैं। वन मंडल अधिकारी रोहड़ू रवि शंकर शर्मा ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग कि टीम मौके पर है। लोगों के सहयोग से आग पर मंगलवार दोपहर तक काबू पा लिया है।