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Rampur Bushahar News: 400 विद्यार्थियों का भविष्य दो कमरों में, 10 साल से अपने भवन का इंतजार
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10 साल से जनजातीय छात्रावास में चल रही वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी। संवाद
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10 साल से ट्राइबल हॉस्टल में चल रही वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी
जगह की कमी से पढ़ाई प्रभावित, 11वीं में 117 विद्यार्थी कर रहे अध्ययन
उपमंडल मुख्यालय स्थित स्कूल में आधुनिक सुविधाएं और नए भवन का जल्द हो निर्माण : शर्मा
हरिकृष्ण शर्मा
आनी(कुल्लू)। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी पिछले 10 वर्षों से जनजातीय छात्रावास के भवन में संचालित हो रही है। कभी सीमित छात्र संख्या वाले इस विद्यालय में अब विद्यार्थियों की संख्या 400 के पार पहुंच चुकी है। इसके बावजूद आज भी स्कूल अपने भवन का इंतजार कर रहा है। हालत यह है कि जगह की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति 11वीं कक्षा की है। इस वर्ष 11वीं में 117 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि जिस हॉल में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, उसकी अधिकतम क्षमता करीब 80 विद्यार्थियों की ही है। मजबूरी में एक ही कक्षा को दो कमरों में संचालित करना पड़ रहा है, जिससे शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चलाना मुश्किल हो गया है।
यह विद्यालय करीब नौ वर्षों तक कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के रूप में संचालित होता रहा। पिछले वर्ष सरकार की नई अधिसूचना के बाद इसे सहशिक्षा (को-एजुकेशन) विद्यालय बनाया गया। इसके बाद छात्र संख्या में तेजी से वृद्धि हुई और अब यह 400 से अधिक हो चुकी है। विद्यालय में केवल कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई हो रही है, जबकि भवन की कमी के कारण वर्षों से चली आ रही विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग आज भी अधूरी है।
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वर्ष 2022 में नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया गया था। इससे पहले पूर्व सरकार के कार्यकाल में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण की आधारशिला भी रखी गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया। परिणामस्वरूप विद्यालय आज भी अस्थायी व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चमन शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सुक्खू से भी मिल चुका है। इस विद्यालय में दूरदराज से बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसलिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन का निर्माण अब भविष्य की नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता बन चुका है। प्रधानाचार्य जवाहर ठाकुर ने बताया कि नए भवन निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए हैं।
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जगह की कमी से पढ़ाई प्रभावित, 11वीं में 117 विद्यार्थी कर रहे अध्ययन
उपमंडल मुख्यालय स्थित स्कूल में आधुनिक सुविधाएं और नए भवन का जल्द हो निर्माण : शर्मा
हरिकृष्ण शर्मा
आनी(कुल्लू)। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला आनी पिछले 10 वर्षों से जनजातीय छात्रावास के भवन में संचालित हो रही है। कभी सीमित छात्र संख्या वाले इस विद्यालय में अब विद्यार्थियों की संख्या 400 के पार पहुंच चुकी है। इसके बावजूद आज भी स्कूल अपने भवन का इंतजार कर रहा है। हालत यह है कि जगह की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति 11वीं कक्षा की है। इस वर्ष 11वीं में 117 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि जिस हॉल में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, उसकी अधिकतम क्षमता करीब 80 विद्यार्थियों की ही है। मजबूरी में एक ही कक्षा को दो कमरों में संचालित करना पड़ रहा है, जिससे शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चलाना मुश्किल हो गया है।
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यह विद्यालय करीब नौ वर्षों तक कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के रूप में संचालित होता रहा। पिछले वर्ष सरकार की नई अधिसूचना के बाद इसे सहशिक्षा (को-एजुकेशन) विद्यालय बनाया गया। इसके बाद छात्र संख्या में तेजी से वृद्धि हुई और अब यह 400 से अधिक हो चुकी है। विद्यालय में केवल कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई हो रही है, जबकि भवन की कमी के कारण वर्षों से चली आ रही विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग आज भी अधूरी है।
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वर्ष 2022 में नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत किया गया था। इससे पहले पूर्व सरकार के कार्यकाल में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण की आधारशिला भी रखी गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया। परिणामस्वरूप विद्यालय आज भी अस्थायी व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है।
स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चमन शर्मा ने बताया कि भवन निर्माण की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री सुक्खू से भी मिल चुका है। इस विद्यालय में दूरदराज से बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसलिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन का निर्माण अब भविष्य की नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता बन चुका है। प्रधानाचार्य जवाहर ठाकुर ने बताया कि नए भवन निर्माण से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज विभाग के उच्च अधिकारियों को भेज दिए गए हैं।