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Rampur Bushahar News: अपने हाथ से सजाई हरियाली, अब उसपर लापरवाही की मिट्टी डाली
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कोटला में नियमों को धत्ता बता पौधरोपण क्षेत्र में फेंका मलबा। संवाद
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ज्यूरी से सराहन सड़क का मलबा लोक निर्माण विभाग ने पौधरोपण क्षेत्र में डलवा दिया
. मलबे की डंपिंग से 17 साल पुराने पेड़ों को पहुंचा नुकसान
2008-09 में लोक निर्माण विभाग के उद्यान विंग ने कराया था पौधरोपण
. अधिकारियों का तर्क, डंपिंग करने के बाद फिर से लगा देंगे पौधे
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
पहले अपने हाथ से हरियाली सजाई, इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने उसपर लापरवाही की मिट्टी डाल दी। यह कारनामा ज्यूरी-सराहन सड़क के चौड़ीकरण के कार्य के दौरान सामने आया है। ज्यूरी-सराहन सड़क के विस्तारीकरण का कार्य चला हुआ है। इस सड़क से निकल रहे मलबे को पौधरोपण क्षेत्र में डाला जा रहा है। मलबे के कारण पौधरोपण क्षेत्र में 17 साल के हो चुके पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि डंपिग साइट नहीं मिलने से इस क्षेत्र में मलबे को डाला जा रहा है। डंपिंग पूरी होने के बाद दोबारा पौधों को लगा दिया जाएगा। विभाग की इस कार्यप्रणाली से लोगों में रोष है। लोक निर्माण विभाग ज्यूरी से सराहन सड़क का नाबार्ड के तहत करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से विस्तारीकरण कर रहा है। विभाग ने पहाड़ की कटिंग करने से निकल रहे मलबे को डंप करने के लिए अपने ही पौधरोपण क्षेत्र को चुना है। वर्ष 2008-09 में लोक निर्माण विभाग मंडल रामपुर के उद्यान विंग ने कोटला के पास पौधरोपण करवाया था। इस कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन सचिव ने भी पौधरोपण किया था। अब विभाग ने करीब 17 साल बाद हरे-भरे इसी जंगल को डंपिंग क्षेत्र बनाकर बड़े पेड़ों को तोड़कर और दबाकर नष्ट कर दिया। जिस जंगल को 17 साल तक लोक निर्माण विभाग के उद्यान विंग ने इतना बड़ा बना लिया था, विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए हरे-भरे जंगल को ही उजाड़ दिया। संवाद
पेड़ काटने की अनुमति लेने को कहा था, डंप कर दिया मलबा
लोक निर्माण विभाग के स्वतंत्र उद्यान विंग की सहायक अभियंता कनुप्रिया ने बताया 2008-09 में कोटला के पास पौधरोपण किया गया था। पौधरोपण के दौरान कई पौधे लगाए गए। इस कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के सचिव खुद शामिल हुए और पौधरोपण भी किया। इसके बाद उनके मजदूरों ने पौधों की कई साल का देखभाल की। पौधों को आग और पशुओं से बचाया है। अब पौधे काफी बड़े हो गए, तो उनसे सड़क की कटिंग के लिए पेड़ को कटवाने की बात लोक निर्माण विभाग की ओर से कहा गया था। उन्होंने पेड़ कटवाने के लिए वन विभाग से मंजूरी लेने के लिए कहा था, लेकिन जब वह स्वयं मौके पर देखने गई, तो वहां तो मलबे के ढेर में तैयार जंगल को काफी नुकसान हुआ है। वह लोक निर्माण विभाग मंडल रामपुर को पत्र लिख कर 17 साल के हरे पेड़ों को डंपिंग में नष्ट करने का कारण पूछेंगी।
कोटला में पौधे उनके ही विभाग ने लगाए थे। अभी डंपिंग के लिए स्थान न मिलने के कारण यहीं डंपिंग करवा रहे हैं। डंपिंग पूरी होने के बाद दोबारा पौधे लगा देंगे।-- अंकुश जम्वाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल रामपुर
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. मलबे की डंपिंग से 17 साल पुराने पेड़ों को पहुंचा नुकसान
2008-09 में लोक निर्माण विभाग के उद्यान विंग ने कराया था पौधरोपण
. अधिकारियों का तर्क, डंपिंग करने के बाद फिर से लगा देंगे पौधे
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
पहले अपने हाथ से हरियाली सजाई, इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने उसपर लापरवाही की मिट्टी डाल दी। यह कारनामा ज्यूरी-सराहन सड़क के चौड़ीकरण के कार्य के दौरान सामने आया है। ज्यूरी-सराहन सड़क के विस्तारीकरण का कार्य चला हुआ है। इस सड़क से निकल रहे मलबे को पौधरोपण क्षेत्र में डाला जा रहा है। मलबे के कारण पौधरोपण क्षेत्र में 17 साल के हो चुके पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि डंपिग साइट नहीं मिलने से इस क्षेत्र में मलबे को डाला जा रहा है। डंपिंग पूरी होने के बाद दोबारा पौधों को लगा दिया जाएगा। विभाग की इस कार्यप्रणाली से लोगों में रोष है। लोक निर्माण विभाग ज्यूरी से सराहन सड़क का नाबार्ड के तहत करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से विस्तारीकरण कर रहा है। विभाग ने पहाड़ की कटिंग करने से निकल रहे मलबे को डंप करने के लिए अपने ही पौधरोपण क्षेत्र को चुना है। वर्ष 2008-09 में लोक निर्माण विभाग मंडल रामपुर के उद्यान विंग ने कोटला के पास पौधरोपण करवाया था। इस कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन सचिव ने भी पौधरोपण किया था। अब विभाग ने करीब 17 साल बाद हरे-भरे इसी जंगल को डंपिंग क्षेत्र बनाकर बड़े पेड़ों को तोड़कर और दबाकर नष्ट कर दिया। जिस जंगल को 17 साल तक लोक निर्माण विभाग के उद्यान विंग ने इतना बड़ा बना लिया था, विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए हरे-भरे जंगल को ही उजाड़ दिया। संवाद
पेड़ काटने की अनुमति लेने को कहा था, डंप कर दिया मलबा
लोक निर्माण विभाग के स्वतंत्र उद्यान विंग की सहायक अभियंता कनुप्रिया ने बताया 2008-09 में कोटला के पास पौधरोपण किया गया था। पौधरोपण के दौरान कई पौधे लगाए गए। इस कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग के सचिव खुद शामिल हुए और पौधरोपण भी किया। इसके बाद उनके मजदूरों ने पौधों की कई साल का देखभाल की। पौधों को आग और पशुओं से बचाया है। अब पौधे काफी बड़े हो गए, तो उनसे सड़क की कटिंग के लिए पेड़ को कटवाने की बात लोक निर्माण विभाग की ओर से कहा गया था। उन्होंने पेड़ कटवाने के लिए वन विभाग से मंजूरी लेने के लिए कहा था, लेकिन जब वह स्वयं मौके पर देखने गई, तो वहां तो मलबे के ढेर में तैयार जंगल को काफी नुकसान हुआ है। वह लोक निर्माण विभाग मंडल रामपुर को पत्र लिख कर 17 साल के हरे पेड़ों को डंपिंग में नष्ट करने का कारण पूछेंगी।
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कोटला में पौधे उनके ही विभाग ने लगाए थे। अभी डंपिंग के लिए स्थान न मिलने के कारण यहीं डंपिंग करवा रहे हैं। डंपिंग पूरी होने के बाद दोबारा पौधे लगा देंगे।

कोटला में नियमों को धत्ता बता पौधरोपण क्षेत्र में फेंका मलबा। संवाद