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Rampur Bushahar News: बड़ागांव सीएचसी में स्टाफ की भारी कमी प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक, मरीज परेशान
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अस्पताल में रोजाना रहती है 100 ओपीडी, लोग झेल रहे परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कुमारसैन उपमंडल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़ागांव में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। सीएचसी में पहले ही चिकित्सकों की कमी है। वहीं जो चिकित्सक यहां तैनात है, उन्हें दूसरी जगह प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है। क्षेत्र की कई पंचायतें कांगल, कोटीघाट, जंजैली, मोगड़ा और आसपास के गांव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी तरह इसी केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन यहां नियमित चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ागांव स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र का एकमात्र ऐसा संस्थान है, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। यहां प्रतिदिन करीब 100 मरीजों की ओपीडी रहती है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद केंद्र में तैनात नियमित चिकित्सक को सप्ताह के अधिकांश दिनों में प्रतिनियुक्ति पर अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। इस कारण यहां स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई बार मरीजों को बिना इलाज के ही वापस जाना पड़ता है या फिर उन्हें दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। पूर्व प्रधान योधराज ठाकुर ने कहा कि बड़ागांव स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक को बार-बार प्रतिनियुक्ति पर भेजना पूरी तरह अनुचित है। आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से नियमित चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति करने की मांग उठाई है।
स्टाफ की कमी से आ रही समस्या
उधर, इस संबंध में बीएमओ कुमारसैन डॉ. अंकुश ठाकुर ने कहा कि चिकित्सकों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। स्टाफ की कमी के चलते सभी स्थानों पर पर्याप्त सेवाएं देना संभव नहीं हो पा रहा है। चिकित्सकों की कमी के कारण ही प्रतिनियुक्ति की स्थिति बनती है, जिससे कहीं न कहीं जनता प्रभावित होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)। कुमारसैन उपमंडल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़ागांव में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। सीएचसी में पहले ही चिकित्सकों की कमी है। वहीं जो चिकित्सक यहां तैनात है, उन्हें दूसरी जगह प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है। क्षेत्र की कई पंचायतें कांगल, कोटीघाट, जंजैली, मोगड़ा और आसपास के गांव स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी तरह इसी केंद्र पर निर्भर हैं, लेकिन यहां नियमित चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ागांव स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र का एकमात्र ऐसा संस्थान है, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। यहां प्रतिदिन करीब 100 मरीजों की ओपीडी रहती है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद केंद्र में तैनात नियमित चिकित्सक को सप्ताह के अधिकांश दिनों में प्रतिनियुक्ति पर अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। इस कारण यहां स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई बार मरीजों को बिना इलाज के ही वापस जाना पड़ता है या फिर उन्हें दूरदराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। पूर्व प्रधान योधराज ठाकुर ने कहा कि बड़ागांव स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक को बार-बार प्रतिनियुक्ति पर भेजना पूरी तरह अनुचित है। आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से नियमित चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति करने की मांग उठाई है।
स्टाफ की कमी से आ रही समस्या
उधर, इस संबंध में बीएमओ कुमारसैन डॉ. अंकुश ठाकुर ने कहा कि चिकित्सकों की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है। स्टाफ की कमी के चलते सभी स्थानों पर पर्याप्त सेवाएं देना संभव नहीं हो पा रहा है। चिकित्सकों की कमी के कारण ही प्रतिनियुक्ति की स्थिति बनती है, जिससे कहीं न कहीं जनता प्रभावित होती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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