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Sirmour News: अदालत 4
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जमीन विवाद : कोर्ट ने पड़ोसियों को दखल से रोका
नाहन (सिरमौर)। शहर में जमीन विवाद को लेकर चल रहे मामले में अदालत ने आवेदिका के पक्ष में अंतरिम राहत बरकरार रखी है। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश उपासना शर्मा की अदालत ने प्रतिवादियों को विवादित भूमि में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से रोक दिया है।
तहसील नाहन निवासी नीलम देवी ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी भूमि पर वैध रूप से मकान बनाया है, लेकिन पड़ोसी बार-बार जेसीबी मशीन लगाकर निर्माण को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, प्रतिवादियों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे अपनी भूमि पर ही कार्य कर रहे हैं और किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आवेदिका का मामला बनता है। अदालत ने माना कि यदि इस स्तर पर रोक नहीं लगाई गई तो आवेदिका को अपूरणीय क्षति हो सकती है, जिसकी भरपाई केवल पैसों से संभव नहीं होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल अंतरिम राहत के रूप में है और अंतिम निर्णय साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई के बाद लिया जाएगा।
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नाहन (सिरमौर)। शहर में जमीन विवाद को लेकर चल रहे मामले में अदालत ने आवेदिका के पक्ष में अंतरिम राहत बरकरार रखी है। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश उपासना शर्मा की अदालत ने प्रतिवादियों को विवादित भूमि में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से रोक दिया है।
तहसील नाहन निवासी नीलम देवी ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी भूमि पर वैध रूप से मकान बनाया है, लेकिन पड़ोसी बार-बार जेसीबी मशीन लगाकर निर्माण को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, प्रतिवादियों ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे अपनी भूमि पर ही कार्य कर रहे हैं और किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं किया गया है।
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आवेदिका का मामला बनता है। अदालत ने माना कि यदि इस स्तर पर रोक नहीं लगाई गई तो आवेदिका को अपूरणीय क्षति हो सकती है, जिसकी भरपाई केवल पैसों से संभव नहीं होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल अंतरिम राहत के रूप में है और अंतिम निर्णय साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई के बाद लिया जाएगा।
