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Sirmour News: ‘गोरा-गोरा मुखड़ा तेरा, देखियो जिवणा हुआ हराम’ पर जमकर झूमे दर्शक
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संगड़ाह में हरियाली मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते कलाकार सुरेश शर्मा। संवाद
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-लोक गायक सुरेश शर्मा के नाम रही संगड़ाह हरियाली मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या
-सूरत सिंह कंठ ने मेला कमेटी को दिए 1.11 लाख, स्थानीय कलाकारों ने भी बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में आयोजित बिजट महाराज हरियाली मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोक गायक सुरेश शर्मा के नाम रही। सुरेश शर्मा ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके गीतों पर पंडाल में मौजूद दर्शक जमकर नाचे और तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
सुरेश शर्मा ने सांस्कृतिक संध्या का आगाज मेरी मां, मां दे मंदिर जाना गीत से किया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई लोकप्रिय हिमाचली, सिरमौरी और लोकगीत प्रस्तुत किए। ‘गोरा-गोरा मुखड़ा तेरा, देखियो जिवणा हुआ हराम’ समेत अन्य गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। उनकी प्रस्तुतियों ने मेले के माहौल को पूरी तरह संगीतमय बना दिया।
स्थानीय लोक गायक हरिचंद चौहान ने भी पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। दीपक चौहान ने सूफी, हिंदी और पहाड़ी गीतों से खूब वाहवाही लूटी। वहीं सुरजन चौहान ने भी कई पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक संध्या में लोक संगीत के रंग बिखेरे। लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों के चलते सांस्कृतिक संध्या में देर रात तक दर्शकों की भीड़ जुटी रही। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर युवा और बुजुर्ग दर्शक भी तालियों और नृत्य के साथ उनका उत्साह बढ़ाते नजर आए।
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सांस्कृतिक संध्या में जलशक्ति विभाग के ठेकेदार एवं समाजसेवी सूरत सिंह कंठ ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से मेला कमेटी को एक लाख 11 हजार रुपये की राशि प्रदान की। इस दौरान रणवीर सिंह, ललित कंठ, मेला कमेटी अध्यक्ष तपेंद्र चौहान, संगड़ाह ग्रामीण पंचायत प्रधान तपेंद्र राणा, रामलाल शर्मा, जयगोपाल शर्मा, रणजीत सिंह, कुशल सिंह, सत्यानंद भारद्वाज सहित कई लोग मौजूद रहे।-- -- -- --
कोई बदलाव नहीं
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-सूरत सिंह कंठ ने मेला कमेटी को दिए 1.11 लाख, स्थानीय कलाकारों ने भी बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
संगड़ाह (सिरमौर)। उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में आयोजित बिजट महाराज हरियाली मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोक गायक सुरेश शर्मा के नाम रही। सुरेश शर्मा ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके गीतों पर पंडाल में मौजूद दर्शक जमकर नाचे और तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
सुरेश शर्मा ने सांस्कृतिक संध्या का आगाज मेरी मां, मां दे मंदिर जाना गीत से किया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक कई लोकप्रिय हिमाचली, सिरमौरी और लोकगीत प्रस्तुत किए। ‘गोरा-गोरा मुखड़ा तेरा, देखियो जिवणा हुआ हराम’ समेत अन्य गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। उनकी प्रस्तुतियों ने मेले के माहौल को पूरी तरह संगीतमय बना दिया।
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स्थानीय लोक गायक हरिचंद चौहान ने भी पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। दीपक चौहान ने सूफी, हिंदी और पहाड़ी गीतों से खूब वाहवाही लूटी। वहीं सुरजन चौहान ने भी कई पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर सांस्कृतिक संध्या में लोक संगीत के रंग बिखेरे। लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों के चलते सांस्कृतिक संध्या में देर रात तक दर्शकों की भीड़ जुटी रही। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर युवा और बुजुर्ग दर्शक भी तालियों और नृत्य के साथ उनका उत्साह बढ़ाते नजर आए।
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सांस्कृतिक संध्या में जलशक्ति विभाग के ठेकेदार एवं समाजसेवी सूरत सिंह कंठ ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से मेला कमेटी को एक लाख 11 हजार रुपये की राशि प्रदान की। इस दौरान रणवीर सिंह, ललित कंठ, मेला कमेटी अध्यक्ष तपेंद्र चौहान, संगड़ाह ग्रामीण पंचायत प्रधान तपेंद्र राणा, रामलाल शर्मा, जयगोपाल शर्मा, रणजीत सिंह, कुशल सिंह, सत्यानंद भारद्वाज सहित कई लोग मौजूद रहे।
कोई बदलाव नहीं

संगड़ाह में हरियाली मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते कलाकार सुरेश शर्मा। संवाद