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Sirmour News: बुकिंग अवधि 45 दिन किए जाने से उपभोक्ता परेशान

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:58 PM IST
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lpg booking after 45 days system making problem
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-औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में ईंधन जुटाना हुआ मुश्किल
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-कई परिवार जंगलों से लकड़ी इकट्ठा करने को मजबूर

संवाद न्यूज एजेंसी

कालाअंब (सिरमौर)। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में एलपीजी गैस की बुकिंग अवधि 30 दिन से बढ़ाकर 45 दिन किए जाने से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि एक सामान्य परिवार का सिलिंडर करीब 25 से 30 दिन में ही खत्म हो जाता है, ऐसे में अतिरिक्त 15 दिन का इंतजार करना उनके लिए बेहद कठिन हो रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले किसी तरह व्यवस्था बन जाती थी, लेकिन अब हालात ज्यादा बिगड़ गए हैं। गैस खत्म होने के बाद उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जो या तो महंगी है या फिर असुरक्षित है। बता दें कि कालाअंब क्षेत्र की करीब 70 प्रतिशत आबादी प्रवासी मजदूरों की है, जो फैक्ट्रियों और छोटे उद्योगों में काम करते हैं। इन मजदूर परिवारों की आय सीमित है, ऐसे में गैस की नियमित उपलब्धता उनके लिए बेहद जरूरी है।
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पहले कुछ लोग ब्लैक में गैस सिलिंडर खरीदकर काम चला लेते थे, लेकिन अब गैस की राशनिंग होने से एक सिलिंडर की कीमत 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई है, जिसके चलते यह विकल्प भी लगभग खत्म हो गया है। वर्तमान स्थिति यह बन गई है कि कई परिवार अब जंगलों से लकड़ी इकट्ठा कर खाना बनाने को मजबूर हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है, बल्कि जंगलों पर भी दबाव लगातार बढ़ रहा है।

स्थानीय लोगों में अनीश कुमार, संदीप, मोहित, प्रवीण, रोशन सिंह, गोपाल, रिंकू और केवल मोहन ने बताया कि यदि गैस की कमी इसी प्रकार रही तो हजारों परिवारों को खाना बनाने के लिए ईंधन जुटाने के लिए जंगलों की ओर रुख करना पड़ेगा। इससे आने वाले समय में अवैध कटान और जंगलों के नुकसान की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन और गैस एजेंसियों से मांग की है कि सरकार को क्षेत्र की इस गंभीर स्थिति के बारे में अवगत कराते हुए बुकिंग अवधि को फिर से 30 दिन किया जाए।

उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। बहरहाल, गैस की समस्या के चलते पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी गंभीर रूप लेता दिख रहा है। वहीं, गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि सरकार के आदेशानुसार ही गैस का वितरण किया जा रहा है। संवाद
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