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Sirmour News: चूड़धार में बढ़ी श्रद्धालुओं की आमद, रोजाना पहुंच रहे 400 से अधिक श्रद्धालु
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धार्मिक एवं पर्यटन स्थल चूड़धार पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : पर्यटक
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-चूड़ेश्वर सेवा समिति ने 15 मई से शुरू हुई भंडारे और ठहरने की व्यवस्था
-वीकेंड पर बढ़ी भीड़, मौसम को लेकर सतर्क रहने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
नौहराधार (सिरमौर)। मैदानी क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी और मौसम अनुकूल होने के चलते प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। जिला सिरमौर, शिमला और सोलन के आराध्य देव शिरगुल महाराज के दर्शन के लिए हिमाचल सहित बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मंदिर के कपाट खुलने के बाद नौहराधार मार्ग से प्रतिदिन करीब 400 से अधिक श्रद्धालु चूड़धार की यात्रा कर रहे हैं। सप्ताहांत पर श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक इजाफा देखने को मिल रहा है। मंदिर कमेटी और चूड़ेश्वर सेवा समिति श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं में जुटी हुई हैं। प्रशासन की ओर से मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं, जबकि 15 मई से भंडारे और ठहरने की व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है।
हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी बर्फ मौजूद है, लेकिन मौसम साफ रहने से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के इंचार्ज बाबूराम ने बताया कि श्रद्धालु सुबह से शाम तक शिरगुल महाराज के दर्शन कर सकते हैं। समिति की ओर से भंडारे और रात्रि विश्राम की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान बारिश, धुंध और मौसम में अचानक बदलाव को लेकर विशेष सावधानी बरतें।
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गौरतलब है कि करीब 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार की यात्रा प्रदेश की कठिनतम धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। नौहराधार से लगभग 14 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई, पथरीले रास्ते और दुर्गम मार्ग श्रद्धालुओं की परीक्षा लेते हैं। हर वर्ष कई श्रद्धालु रास्ता भटक जाते हैं और हादसों की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इसके बावजूद शिरगुल महाराज के प्रति अटूट आस्था लोगों को कठिन रास्तों से होकर चूड़धार तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है।
स्थानीय व्यापार मंडल प्रधान अशोक चौहान, जोगेंद्र सिंह, सुभाष, रणविजय, अजेंद्र पुंडीर और अन्य लोगों ने बताया कि वर्तमान समय यात्रा के लिए उपयुक्त है। बर्फ भी धीरे-धीरे पिघल रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और भक्तों की संख्या भी बढ़ रही है। संवाद
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-वीकेंड पर बढ़ी भीड़, मौसम को लेकर सतर्क रहने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
नौहराधार (सिरमौर)। मैदानी क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी और मौसम अनुकूल होने के चलते प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। जिला सिरमौर, शिमला और सोलन के आराध्य देव शिरगुल महाराज के दर्शन के लिए हिमाचल सहित बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मंदिर के कपाट खुलने के बाद नौहराधार मार्ग से प्रतिदिन करीब 400 से अधिक श्रद्धालु चूड़धार की यात्रा कर रहे हैं। सप्ताहांत पर श्रद्धालुओं की संख्या में और अधिक इजाफा देखने को मिल रहा है। मंदिर कमेटी और चूड़ेश्वर सेवा समिति श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाओं में जुटी हुई हैं। प्रशासन की ओर से मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं, जबकि 15 मई से भंडारे और ठहरने की व्यवस्था भी सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है।
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हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी बर्फ मौजूद है, लेकिन मौसम साफ रहने से श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के इंचार्ज बाबूराम ने बताया कि श्रद्धालु सुबह से शाम तक शिरगुल महाराज के दर्शन कर सकते हैं। समिति की ओर से भंडारे और रात्रि विश्राम की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान बारिश, धुंध और मौसम में अचानक बदलाव को लेकर विशेष सावधानी बरतें।
गौरतलब है कि करीब 11,965 फीट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार की यात्रा प्रदेश की कठिनतम धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। नौहराधार से लगभग 14 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई, पथरीले रास्ते और दुर्गम मार्ग श्रद्धालुओं की परीक्षा लेते हैं। हर वर्ष कई श्रद्धालु रास्ता भटक जाते हैं और हादसों की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इसके बावजूद शिरगुल महाराज के प्रति अटूट आस्था लोगों को कठिन रास्तों से होकर चूड़धार तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है।
स्थानीय व्यापार मंडल प्रधान अशोक चौहान, जोगेंद्र सिंह, सुभाष, रणविजय, अजेंद्र पुंडीर और अन्य लोगों ने बताया कि वर्तमान समय यात्रा के लिए उपयुक्त है। बर्फ भी धीरे-धीरे पिघल रही है। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और भक्तों की संख्या भी बढ़ रही है। संवाद