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Sirmour News: शिलाई कॉलेज की बदहाली पर बरसी एसएफआई
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कैबिनेट मंत्री को सौंपा मांग पत्र, दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय शिलाई में व्याप्त अव्यवस्थाओं और सुविधाओं के अभाव को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की इकाई ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और कॉलेज की मूलभूत समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।
एसएफआई ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि कॉलेज प्रशासन और सरकार की अनदेखी के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से खेल शिक्षक का पद खाली होने से खिलाड़ियों की प्रतिभा दम तोड़ रही है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ट्रांसपोर्ट की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। बाहरी क्षेत्रों के छात्रों के लिए छात्रावास और कॉलेज में आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण अनिवार्य है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से ये मांगे पूरी करने की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो एसएफआई चुप नहीं बैठेगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे छात्रों को लामबंद कर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिलाई (सिरमौर)। राजकीय महाविद्यालय शिलाई में व्याप्त अव्यवस्थाओं और सुविधाओं के अभाव को लेकर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की इकाई ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और कॉलेज की मूलभूत समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।
एसएफआई ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि कॉलेज प्रशासन और सरकार की अनदेखी के कारण छात्रों का भविष्य दांव पर है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से खेल शिक्षक का पद खाली होने से खिलाड़ियों की प्रतिभा दम तोड़ रही है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ट्रांसपोर्ट की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। बाहरी क्षेत्रों के छात्रों के लिए छात्रावास और कॉलेज में आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण अनिवार्य है। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से ये मांगे पूरी करने की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो एसएफआई चुप नहीं बैठेगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे छात्रों को लामबंद कर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी।
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