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Sirmour News: चूड़धार चोटी पर हल्की बर्फबारी से तापमान में आई गिरावट
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सिरमौर जिले की चूड़धार चोटी पर बर्फबारी के बाद का नजारा। संवाद
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-जिले में बारिश से किसानों-बागवानों को राहत, गर्मी से निजात मिली
-लहसुन, प्याज, मटर, गेहूं और फलों को बारिश से मिली संजीवनी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/हरिपुरधार/नौहराधार (सिरमौर)। सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी और भगवान शिरगुल महाराज की पवित्र धरती कही जाने वाली चूड़धार चोटी पर हल्की बर्फबारी हुई। इससे पूरे क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, जिले में हुई हल्की बारिश से किसानों और बागवानों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है।
लंबे अरसे से बारिश न होने के कारण फसलों के साथ-साथ पेयजल स्रोतों में भी जलस्तर लगातार घट रहा था। ऐसे में हुई बारिश को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। खासकर लहसुन, प्याज, मटर, गेहूं और गुठली फलों के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी साबित हुई है। हालांकि नकदी फसलों के लिए जरूरत अनुसार बारिश नहीं हुई, क्योंकि लहसुन और प्याज आदि के लिए इन दिनों माकूल पानी की जरूरत रहती है।
दरअसल, जिले के सैनधार, धारटीधार और गिरिपार क्षेत्र में बड़े स्तर पर लहसुन की खेती की जाती है, जो यहां के किसानों की प्रमुख नकदी फसल है। इसके अलावा प्याज की खेती भी कई गांवों में किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश फसलों की बढ़वार के लिए काफी फायदेमंद रहेगी। सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था न होने वाले कई इलाकों में किसान पूरी तरह प्राकृतिक वर्षा पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे क्षेत्रों में बारिश की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे फसलों का उत्पादन बढ़ेगा। किसान, राजेंद्र, रमेश, तपेंद्र, सुरजन का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह बना रहता है तो फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। बहरहाल, रविवार देर रात्रि हुई बारिश जिले में किसानों-बागवानों समेत आम आदमी को राहत मिली है। बारिश जहां फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई है, वहीं मैदान इलाकों, पांवटा साहिब, कालाअंब और नाहन में लोगों को गर्मी से निजात मिली है। संवाद
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-लहसुन, प्याज, मटर, गेहूं और फलों को बारिश से मिली संजीवनी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/हरिपुरधार/नौहराधार (सिरमौर)। सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी और भगवान शिरगुल महाराज की पवित्र धरती कही जाने वाली चूड़धार चोटी पर हल्की बर्फबारी हुई। इससे पूरे क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, जिले में हुई हल्की बारिश से किसानों और बागवानों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है।
लंबे अरसे से बारिश न होने के कारण फसलों के साथ-साथ पेयजल स्रोतों में भी जलस्तर लगातार घट रहा था। ऐसे में हुई बारिश को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा है। खासकर लहसुन, प्याज, मटर, गेहूं और गुठली फलों के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी साबित हुई है। हालांकि नकदी फसलों के लिए जरूरत अनुसार बारिश नहीं हुई, क्योंकि लहसुन और प्याज आदि के लिए इन दिनों माकूल पानी की जरूरत रहती है।
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दरअसल, जिले के सैनधार, धारटीधार और गिरिपार क्षेत्र में बड़े स्तर पर लहसुन की खेती की जाती है, जो यहां के किसानों की प्रमुख नकदी फसल है। इसके अलावा प्याज की खेती भी कई गांवों में किसानों की आय का महत्वपूर्ण साधन है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश फसलों की बढ़वार के लिए काफी फायदेमंद रहेगी। सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था न होने वाले कई इलाकों में किसान पूरी तरह प्राकृतिक वर्षा पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे क्षेत्रों में बारिश की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे फसलों का उत्पादन बढ़ेगा। किसान, राजेंद्र, रमेश, तपेंद्र, सुरजन का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह बना रहता है तो फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। बहरहाल, रविवार देर रात्रि हुई बारिश जिले में किसानों-बागवानों समेत आम आदमी को राहत मिली है। बारिश जहां फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई है, वहीं मैदान इलाकों, पांवटा साहिब, कालाअंब और नाहन में लोगों को गर्मी से निजात मिली है। संवाद