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Sirmour News: पानी के फेर में फंसा नाहन, उपभोक्ताओं को लगेगा हजारों के बिल का करंट
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शमशेर ठाकुर, वरिष्ठ नागरिक। पानी के बिल से संबधित खबर के साथ। संवाद
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ग्राउंड रिपोर्ट-
सचित्र--
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन में जलशक्ति विभाग की भारी लापरवाही के चलते जनता पर एकमुश्त वित्तीय बोझ का बड़ा संकट मंडरा रहा है। विभाग ने पिछले एक साल से अधिकतर वार्डों में पीने के पानी के बिल ही जारी नहीं किए हैं, जिससे उपभोक्ताओं, विशेषकर बुजुर्गों और पेंशनभोगियों में भारी आक्रोश है। आखिरी बार अगस्त 2025 में बिल बांटे गए थे, जिसके बाद से अब (अगस्त 2026) पूरा एक साल बीत चुका है।
लोगों का सवाल है कि जब अचानक हजारों रुपये का भारी-भरकम बिल थमाया जाएगा, तो वे इसका भुगतान कैसे करेंगे..? जानकारी अनुसार, जलशक्ति विभाग अपने पूरे सिस्टम को ऑनलाइन कर रहा है और वार्ड के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। ऐसे में जहां-जहां सिस्टम ऑनलाइन हो रहा है, वहां-वहां लोगों को पानी के बिल दिए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि शहर के सभी 13 वार्ड पूरे करने में अभी और बहुत लंबा वक्त लगेगा। ऐसे में उनको जब एकमुश्त बिल थमाया जाएगा तो वो कैसे उसका भुगतान करेंगे।
शहर के वरिष्ठ नागरिक शमशेर सिंह ठाकुर और कमलेश पुंडीर ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर जलशक्ति विभाग के आला अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि विभाग अपने पूरे सिस्टम को ऑनलाइन कर रहा है और वार्ड के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग ने हमेशा की तरह स्टाफ की कमी की बात भी दोहराई। उन्होंने कहा कि एक साथ बिल आने से लोगों पर आर्थिक बम फूटेगा और बहुत से लोग एकमुश्त बिल दे भी नहीं पाएंगे।
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-- -बाक्स --
जलशक्ति विभाग की नाकामी की आम आदमी क्यों भुगते सजा
बड़ा सवाल यह है कि विभाग के इस सुस्त ऑनलाइन अपग्रेडेशन और स्टाफ न होने की प्रशासनिक नाकामी की सजा आम जनता अपनी जेब ढीली करके क्यों भुगते..। एक साल का समय बीत चुका है और न जाने विभाग की यह ऑनलाइन कछुआ चाल अभी कितना समय और लेगी। नाहन के मध्यमवर्गीय परिवारों और बुजुर्गों के लिए मासिक बजट बेहद सीमित होता है। जब भी ये बिल जारी होंगे, उनकी राशि हजारों रुपयों में होगी। ऐसे में एकमुश्त इतनी बड़ी रकम चुकाना हर किसी के बस की बात नहीं होगी। शहरवासियों ने विभाग से दो टूक मांग की है कि विभाग तुरंत इस ढर्रे को सुधारे और हर महीने या दो महीने में नियमित बिल देना शुरू करे।
-- -बाक्स
जलशक्ति विभाग नाहन के एसडीओ रोशन ने बताया कि ऑनलाइन बिल देने की प्रक्रिया चल रही है। स्टाफ की कमी और ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण पानी के बिल देने में समय लग रहा है। जहां-जहां ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी हो रही है, वहां बिल दिए जा रहे हैं।
-- -- संवाद-- -- -- --
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सचित्र
पंकज तन्हा
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन में जलशक्ति विभाग की भारी लापरवाही के चलते जनता पर एकमुश्त वित्तीय बोझ का बड़ा संकट मंडरा रहा है। विभाग ने पिछले एक साल से अधिकतर वार्डों में पीने के पानी के बिल ही जारी नहीं किए हैं, जिससे उपभोक्ताओं, विशेषकर बुजुर्गों और पेंशनभोगियों में भारी आक्रोश है। आखिरी बार अगस्त 2025 में बिल बांटे गए थे, जिसके बाद से अब (अगस्त 2026) पूरा एक साल बीत चुका है।
लोगों का सवाल है कि जब अचानक हजारों रुपये का भारी-भरकम बिल थमाया जाएगा, तो वे इसका भुगतान कैसे करेंगे..? जानकारी अनुसार, जलशक्ति विभाग अपने पूरे सिस्टम को ऑनलाइन कर रहा है और वार्ड के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। ऐसे में जहां-जहां सिस्टम ऑनलाइन हो रहा है, वहां-वहां लोगों को पानी के बिल दिए जा रहे हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि शहर के सभी 13 वार्ड पूरे करने में अभी और बहुत लंबा वक्त लगेगा। ऐसे में उनको जब एकमुश्त बिल थमाया जाएगा तो वो कैसे उसका भुगतान करेंगे।
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शहर के वरिष्ठ नागरिक शमशेर सिंह ठाकुर और कमलेश पुंडीर ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर जलशक्ति विभाग के आला अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने सफाई देते हुए कहा कि विभाग अपने पूरे सिस्टम को ऑनलाइन कर रहा है और वार्ड के अनुसार इस प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग ने हमेशा की तरह स्टाफ की कमी की बात भी दोहराई। उन्होंने कहा कि एक साथ बिल आने से लोगों पर आर्थिक बम फूटेगा और बहुत से लोग एकमुश्त बिल दे भी नहीं पाएंगे।
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जलशक्ति विभाग की नाकामी की आम आदमी क्यों भुगते सजा
बड़ा सवाल यह है कि विभाग के इस सुस्त ऑनलाइन अपग्रेडेशन और स्टाफ न होने की प्रशासनिक नाकामी की सजा आम जनता अपनी जेब ढीली करके क्यों भुगते..। एक साल का समय बीत चुका है और न जाने विभाग की यह ऑनलाइन कछुआ चाल अभी कितना समय और लेगी। नाहन के मध्यमवर्गीय परिवारों और बुजुर्गों के लिए मासिक बजट बेहद सीमित होता है। जब भी ये बिल जारी होंगे, उनकी राशि हजारों रुपयों में होगी। ऐसे में एकमुश्त इतनी बड़ी रकम चुकाना हर किसी के बस की बात नहीं होगी। शहरवासियों ने विभाग से दो टूक मांग की है कि विभाग तुरंत इस ढर्रे को सुधारे और हर महीने या दो महीने में नियमित बिल देना शुरू करे।
जलशक्ति विभाग नाहन के एसडीओ रोशन ने बताया कि ऑनलाइन बिल देने की प्रक्रिया चल रही है। स्टाफ की कमी और ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण पानी के बिल देने में समय लग रहा है। जहां-जहां ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी हो रही है, वहां बिल दिए जा रहे हैं।

शमशेर ठाकुर, वरिष्ठ नागरिक। पानी के बिल से संबधित खबर के साथ। संवाद