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Solan News: आयुर्वेदिक अस्पताल नालागढ़ में लगेगा पैरा-सर्जिकल शिविर
Mon, 26 Oct 2026 12:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:50 AM IST
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शिविर में मरीजों को मिलेगा बवासीर जैसी बीमारी से दर्द रहित उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नालागढ़। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आयुर्वेदिक अस्पताल नालागढ़ में बुधवार, 28 अक्तूबर को पैरा-सर्जिकल शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में बवासीर, भगंदर और फिशर समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार और परामर्श दिया जाएगा।
अस्पताल में हर महीने के चौथे बुधवार को यह शिविर लगाया जाता है। इसमें क्षार कर्म, क्षारसूत्र, उत्तरबस्ति, अग्निकर्म, रक्तविस्रावन, सिरावेध और मर्म चिकित्सा जैसी आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं के माध्यम से उपचार किया जाता है।
प्रॉक्टोलॉजिस्ट एवं एनोरेक्टल सर्जन डॉ. जितेश बंसल ने बताया कि शिविर में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ पारंपरिक आयुर्वेदिक पैरा-सर्जिकल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य मरीजों को कम खर्च में उपचार उपलब्ध करवाना और जल्द स्वस्थ होने में मदद करना है। हालांकि, उपचार की प्रक्रिया और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत मरीज की बीमारी और उसकी गंभीरता पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की ओर से निशुल्क परामर्श, जांच और उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नालागढ़। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आयुर्वेदिक अस्पताल नालागढ़ में बुधवार, 28 अक्तूबर को पैरा-सर्जिकल शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में बवासीर, भगंदर और फिशर समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार और परामर्श दिया जाएगा।
अस्पताल में हर महीने के चौथे बुधवार को यह शिविर लगाया जाता है। इसमें क्षार कर्म, क्षारसूत्र, उत्तरबस्ति, अग्निकर्म, रक्तविस्रावन, सिरावेध और मर्म चिकित्सा जैसी आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं के माध्यम से उपचार किया जाता है।
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प्रॉक्टोलॉजिस्ट एवं एनोरेक्टल सर्जन डॉ. जितेश बंसल ने बताया कि शिविर में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ पारंपरिक आयुर्वेदिक पैरा-सर्जिकल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य मरीजों को कम खर्च में उपचार उपलब्ध करवाना और जल्द स्वस्थ होने में मदद करना है। हालांकि, उपचार की प्रक्रिया और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत मरीज की बीमारी और उसकी गंभीरता पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम की ओर से निशुल्क परामर्श, जांच और उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
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