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Solan News: कैंसर से बचाव के लिए स्कूलों में भी किशोरियों को लगाई जाएगी वैक्सीन
Sat, 11 Jul 2026 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:35 PM IST
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टीकाकरण में जिला सोलन सबसे पीछे, अब तक केवल 950 को लगा टीका
स्वास्थ्य विभाग के पास 7,503 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का बड़ा लक्ष्य
विभाग ने डॉक्टरों की अध्यक्षता में स्कूलों के लिए विशेष स्वास्थ्य टीमें की गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू किए गए ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को अब रफ्तार दी जाएगी। अस्पतालों में सुस्त रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब स्कूलों में ही कैंप लगाकर वैक्सीन लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग की ओर से बाकायदा सूचना पत्र जारी कर दिया गया है। डॉक्टरों की अध्यक्षता में विशेष स्वास्थ्य टीमें गठित की गई हैं, जो स्कूलों में जाकर टीकाकरण करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन माह पहले इस अभियान की शुरुआत की थी। शुरुआती चरण में जिले के 22 चयनित अस्पतालों में यह वैक्सीन लगाई जा रही थी। हालांकि, सोलन जिला इस अभियान में प्रदेश में सबसे पीछे चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती तीन महीनों में 7,503 किशोरियों को टीका लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा था। वर्तमान स्थिति में तीन महीने बीत जाने के बाद भी लक्ष्य का 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाया है। अन्य जिलों में जहां 1000 से 1500 किशोरियों को टीके लग चुके हैं, वहीं सोलन में अब तक केवल 950 किशोरियों ने ही अस्पताल पहुंचकर टीका लगवाया है। विभाग के अधिकारियों और टीमों ने लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों और घर-घर जाकर भी प्रयास किए, लेकिन फिर भी अभियान को आगे बढ़ाने में मुश्किलें आ रही हैं। इसी वजह से अब सीधे स्कूलों में जाकर समय तय कर टीका लगाने की योजना बनाई गई है। इन टीमों में डॉक्टरों के साथ स्टाफ नर्स भी शामिल रहेंगी।
इनसेट
डब्ल्यूएचओ से प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस एचपीवी वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सुरक्षा का प्रमाण पत्र मिला हुआ है। दुनिया के कई देशों में पिछले 10 सालों से किशोरियों को यह वैक्सीन दी जा रही है। इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स न के बराबर हैं। इससे किशोरियों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि वे सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से सुरक्षित हो सकेंगी।
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इनसेट
निजी अस्पतालों में महंगी, सरकारी तंत्र में बिल्कुल मुफ्त
यह वैक्सीन निजी अस्पतालों में काफी महंगी है, जहां इसके लिए 10,000 से 15,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग इस अभियान के तहत सभी किशोरियों को यह वैक्सीन बिल्कुल निशुल्क लगा रहा है। इससे उन गरीब परिवारों की किशोरियों को सीधा लाभ मिलेगा जो निजी अस्पतालों का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
कोट
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाना बेहद जरूरी हो गया है। इसे लेकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ अब स्कूलों में भी कैंप लगाने की योजना है। यह वैक्सीन किशोरियों को उनके अभिभावकों की अनुमति के बाद ही लगाई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि इस अभियान को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि हर किशोरी को इसका लाभ मिल सके। - डॉ. अजय पाठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य विभाग सोलन
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स्वास्थ्य विभाग के पास 7,503 किशोरियों को वैक्सीन लगाने का बड़ा लक्ष्य
विभाग ने डॉक्टरों की अध्यक्षता में स्कूलों के लिए विशेष स्वास्थ्य टीमें की गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला सोलन में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए शुरू किए गए ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को अब रफ्तार दी जाएगी। अस्पतालों में सुस्त रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अब स्कूलों में ही कैंप लगाकर वैक्सीन लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभाग की ओर से बाकायदा सूचना पत्र जारी कर दिया गया है। डॉक्टरों की अध्यक्षता में विशेष स्वास्थ्य टीमें गठित की गई हैं, जो स्कूलों में जाकर टीकाकरण करेंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने करीब तीन माह पहले इस अभियान की शुरुआत की थी। शुरुआती चरण में जिले के 22 चयनित अस्पतालों में यह वैक्सीन लगाई जा रही थी। हालांकि, सोलन जिला इस अभियान में प्रदेश में सबसे पीछे चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती तीन महीनों में 7,503 किशोरियों को टीका लगाने का बड़ा लक्ष्य रखा था। वर्तमान स्थिति में तीन महीने बीत जाने के बाद भी लक्ष्य का 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाया है। अन्य जिलों में जहां 1000 से 1500 किशोरियों को टीके लग चुके हैं, वहीं सोलन में अब तक केवल 950 किशोरियों ने ही अस्पताल पहुंचकर टीका लगवाया है। विभाग के अधिकारियों और टीमों ने लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों और घर-घर जाकर भी प्रयास किए, लेकिन फिर भी अभियान को आगे बढ़ाने में मुश्किलें आ रही हैं। इसी वजह से अब सीधे स्कूलों में जाकर समय तय कर टीका लगाने की योजना बनाई गई है। इन टीमों में डॉक्टरों के साथ स्टाफ नर्स भी शामिल रहेंगी।
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डब्ल्यूएचओ से प्रमाणित और पूरी तरह सुरक्षित है वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस एचपीवी वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सुरक्षा का प्रमाण पत्र मिला हुआ है। दुनिया के कई देशों में पिछले 10 सालों से किशोरियों को यह वैक्सीन दी जा रही है। इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स न के बराबर हैं। इससे किशोरियों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि वे सर्वाइकल कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से सुरक्षित हो सकेंगी।
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निजी अस्पतालों में महंगी, सरकारी तंत्र में बिल्कुल मुफ्त
यह वैक्सीन निजी अस्पतालों में काफी महंगी है, जहां इसके लिए 10,000 से 15,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग इस अभियान के तहत सभी किशोरियों को यह वैक्सीन बिल्कुल निशुल्क लगा रहा है। इससे उन गरीब परिवारों की किशोरियों को सीधा लाभ मिलेगा जो निजी अस्पतालों का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
कोट
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाना बेहद जरूरी हो गया है। इसे लेकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ अब स्कूलों में भी कैंप लगाने की योजना है। यह वैक्सीन किशोरियों को उनके अभिभावकों की अनुमति के बाद ही लगाई जाएगी। विभाग का प्रयास है कि इस अभियान को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि हर किशोरी को इसका लाभ मिल सके। - डॉ. अजय पाठक मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य विभाग सोलन