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Solan News: चिकित्सा सुविधाओं व मृतक मजदूरों की पेंशन न मिलने पर भड़के कामगार नेता

Thu, 13 Aug 2026 12:38 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Thu, 13 Aug 2026 12:38 AM IST
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Labour leaders furious over the non-receipt of medical facilities and pensions for deceased workers.
पांवटा साहिब क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं व  मृतक मजदूरों की पेंशन न मिलने  पर भड़के कामगार नेत
बद्दी में मेडिकल काॅलेज खोलने की भी मांग गई उठाई
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2015 में मृतक कामगारों को अभी तक नहीं लगी पेंशन
ईएसआईसी का बद्दी में हुआ सुविधा समागम
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के मासिक सुविधा समागम में चिकित्सा सुविधाओं के अभाव पर चिंता जताई गई। कामगार नेताओं और उद्योगपतियों ने मृतक मजदूरों के आश्रितों को पेंशन में देरी पर भी रोष जताया। संयुक्त निदेशक ने सरकारी अस्पतालों में रेफर किए गए रोगियों के एस्टीमेट में कटौती न करने की मांग को स्वीकार कर लिया।
निगम के क्षेत्रीय कार्यालय में संयुक्त निदेशक धर्मवीर और उपनिदेशक जय सिंह की अध्यक्षता में यह समागम हुआ। चैंबर ऑफ कॉमर्स हिमाचल प्रदेश के सलाहकार देवव्रत यादव ने ईएसआई अधिकारियों पर पांवटा साहिब में बैठक आयोजित करने में आनाकानी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि हिमाचल में मात्र एक राज्य ईएसआई और एक ईएसआईसी अस्पताल है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में अधिक ईएसआई सुविधाएं उपलब्ध हैं। यादव ने पांवटा साहिब में 15000 से अधिक बीमित व्यक्तियों के लिए एक ईएसआईसी अस्पताल की मांग की। उन्होंने रामपुर बुशहर और कांगड़ा में भी एक-एक ईएसआईसी अस्पताल खोलने की बात कही। बद्दी में चार लाख से अधिक मजदूरों के लिए एक मेडिकल कॉलेज की भी मांग रखी गई। भारतीय मजदूर संघ के सदस्य मेला राम चंदेल ने 2015 में मृत रामरूप के आश्रितों को पेंशन न मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने ईएसआई अधिकारियों पर टालमटोल का आरोप लगाया। चंदेल ने कहा कि ईएसआई मजदूरों को चिंता से मुक्ति दिलाने के बजाय परेशानी में डाल रहा है।
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चंदेल ने बीमित गुड़िया के ऑपरेशन में देरी पर चिंता व्यक्त की। उसे तत्काल रेफर किया जाना चाहिए था। उन्होंने एक घायल मजदूर के इलाज में हो रही देरी का भी उल्लेख किया। मजदूर को अस्पताल बुलाकर वापस भेजा जा रहा है। मेला राम ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से सेकेंडरी केयर के लिए कोई निजी अस्पताल टाईअप नहीं किया गया है। इस कारण अल्ट्रासाउंड जैसे छोटे कामों के लिए भी मजदूरों को चंडीगढ़ रेफर किया जा रहा है।
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संयुक्त निदेशक धर्मवीर सिंह ने पांवटा साहिब में एक माह के भीतर बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने रामरूप के आश्रितों के हितलाभ का मामला तत्काल निपटाने के निर्देश दिए। गुड़िया का सुचारु उपचार तुरंत सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए गए। उन्होंने सरकारी अस्पताल में रेफर किए गए रोगियों के एस्टीमेट में कटौती न होने और अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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