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Solan News: आयुर्वेदिक अस्पताल में लगेगा पैरा-सर्जिकल शिविर
Sun, 09 Aug 2026 12:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:02 AM IST
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मरीजों का किया जाएगा दर्द रहित उपचार, कई प्रकियाओं से होगा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पंडीत दीनदयान उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में बुधवार को पैरा-सर्जिकल शिविर का आयोजन किया जाएगा। इससे कई माह से उपचार का इंतजार कर रहे मरीजों को पैरा-सर्जिकल शिविर में दर्द रहित उपचार मिलेेगा। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में हर दूसरे बुधवार और सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल नालागढ़ और हर चौथे बुधवार को पैरासर्जिकल शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य विभिन्न बीमारियों के लिए विशेष आयुर्वेदिक उपचार प्रदान करना है।
शिविर में क्षार कर्म, क्षार सूत्र प्रक्रिया, उत्तरबस्ति, अग्निकर्म प्रक्रिया, रक्तविस्रावन, सिरावेध और मर्म चिकित्सा का उपयोग कर उपचार किया जाता है। प्रॉक्टोलॉजिस्ट एवं एनोरेक्टल सर्जन डॉ. जितेश बंसल ने बताया कि इस बार भी यह शिविर आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में 12 अगस्त को लगेगा। कहा कि इस दौरान शिविर में बवासीर, भगंदर और फिशर आदि से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जाएगा। इस शिविर में आधुनिक एलोपैथी के साथ आयुर्वेद की प्राचीन पैरा-सर्जिकल तकनीकों का समन्वय किया गया है। क्षारसूत्र चिकित्सा व अग्निकर्म जैसी कई विधियों से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इन तकनीकों की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें न तो चीरा लगता है, न टांके और न ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। डॉ. जितेश बंसल ने बताया कि हमारा उद्देश्य मरीजों को कम खर्च में, कम दर्द में और जल्दी रिकवरी वाला उपचार देना है। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा निशुल्क परामर्श, जांच और उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
कोट
मरीजों को मिल रही राहत
विभाग की ओर से आयोजित किए जा रहे पैरा-सर्जिकल शिविर से कई मरीजों को राहत मिली है। ऐसे में मरीजों के लिए विभाग की ओर से प्रतिमाह आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन व नालागढ़ में शिविर लगाया जा रहा है। इसमें बिना दर्द के मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
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- डॉ. निशा वर्मा पंवर, जिला आयुष अधिकारी, सोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पंडीत दीनदयान उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में बुधवार को पैरा-सर्जिकल शिविर का आयोजन किया जाएगा। इससे कई माह से उपचार का इंतजार कर रहे मरीजों को पैरा-सर्जिकल शिविर में दर्द रहित उपचार मिलेेगा। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में हर दूसरे बुधवार और सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल नालागढ़ और हर चौथे बुधवार को पैरासर्जिकल शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य विभिन्न बीमारियों के लिए विशेष आयुर्वेदिक उपचार प्रदान करना है।
शिविर में क्षार कर्म, क्षार सूत्र प्रक्रिया, उत्तरबस्ति, अग्निकर्म प्रक्रिया, रक्तविस्रावन, सिरावेध और मर्म चिकित्सा का उपयोग कर उपचार किया जाता है। प्रॉक्टोलॉजिस्ट एवं एनोरेक्टल सर्जन डॉ. जितेश बंसल ने बताया कि इस बार भी यह शिविर आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में 12 अगस्त को लगेगा। कहा कि इस दौरान शिविर में बवासीर, भगंदर और फिशर आदि से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जाएगा। इस शिविर में आधुनिक एलोपैथी के साथ आयुर्वेद की प्राचीन पैरा-सर्जिकल तकनीकों का समन्वय किया गया है। क्षारसूत्र चिकित्सा व अग्निकर्म जैसी कई विधियों से मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इन तकनीकों की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें न तो चीरा लगता है, न टांके और न ही अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। डॉ. जितेश बंसल ने बताया कि हमारा उद्देश्य मरीजों को कम खर्च में, कम दर्द में और जल्दी रिकवरी वाला उपचार देना है। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा निशुल्क परामर्श, जांच और उचित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
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मरीजों को मिल रही राहत
विभाग की ओर से आयोजित किए जा रहे पैरा-सर्जिकल शिविर से कई मरीजों को राहत मिली है। ऐसे में मरीजों के लिए विभाग की ओर से प्रतिमाह आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन व नालागढ़ में शिविर लगाया जा रहा है। इसमें बिना दर्द के मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
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- डॉ. निशा वर्मा पंवर, जिला आयुष अधिकारी, सोलन