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मिड डे मील वर्करों को नियमित करें : मोहित
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जिले के मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन के सदस्य बैठक में भाग लेते हुए। स्रोत यूनियन
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सोलन में बैठक कर एमडीएम कर्मियों ने बनाई रणनीति
12 फरवरी को करेंगे हड़ताल
केंद्र से सम्मानजनक वेतन की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले की मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक जिलाध्यक्ष रीता और जिला महासचिव सपना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विशेष रूप से सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सोलन जिले के सभी मिड-डे मील वर्कर्स 12 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों, मिड-डे मील कर्मियों की लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी तथा चार श्रम संहिताओं के खिलाफ आयोजित की जा रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों को अधिकार देने के बजाय उन्हें आधुनिक गुलाम बनाने की दिशा में काम कर रही है। पिछले 12 वर्षों से मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में एक बार भी बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें पक्का कर्मचारी (रेगुलर) घोषित किया जाए और सम्मानजनक वेतन दिया जाए।
मोहित वर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की जा रही चार श्रम संहिताएं वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा संहिता वास्तव में मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करती हैं। यूनियनों को निष्प्रभावी बनाती हैं और ठेका प्रथा को और मजबूत करती हैं। इन कानूनों के तहत मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा खत्म होती जा रही है और मालिकों को मनमानी करने की खुली छूट मिल रही है।
उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स बिना छुट्टी, बिना पेंशन, बिना चिकित्सा सुविधा और बिना नौकरी की गारंटी के कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, फिर भी सरकार उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन है। इसलिए 12 फरवरी की हड़ताल केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि मजदूरों के अस्तित्व की लड़ाई है।
बैठक में सभी वर्कर्स ने एकजुट होकर 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया और अपील की कि जिले के सभी मिड-डे मील कर्मी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लें।
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12 फरवरी को करेंगे हड़ताल
केंद्र से सम्मानजनक वेतन की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले की मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक जिलाध्यक्ष रीता और जिला महासचिव सपना की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विशेष रूप से सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सोलन जिले के सभी मिड-डे मील वर्कर्स 12 फरवरी को हड़ताल पर रहेंगे। यह हड़ताल केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों, मिड-डे मील कर्मियों की लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी तथा चार श्रम संहिताओं के खिलाफ आयोजित की जा रही है।
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बैठक को संबोधित करते हुए सीटू के जिला महासचिव मोहित वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों को अधिकार देने के बजाय उन्हें आधुनिक गुलाम बनाने की दिशा में काम कर रही है। पिछले 12 वर्षों से मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में एक बार भी बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें पक्का कर्मचारी (रेगुलर) घोषित किया जाए और सम्मानजनक वेतन दिया जाए।
मोहित वर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की जा रही चार श्रम संहिताएं वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा संहिता वास्तव में मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करती हैं। यूनियनों को निष्प्रभावी बनाती हैं और ठेका प्रथा को और मजबूत करती हैं। इन कानूनों के तहत मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा खत्म होती जा रही है और मालिकों को मनमानी करने की खुली छूट मिल रही है।
उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स बिना छुट्टी, बिना पेंशन, बिना चिकित्सा सुविधा और बिना नौकरी की गारंटी के कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, फिर भी सरकार उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन है। इसलिए 12 फरवरी की हड़ताल केवल एक प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि मजदूरों के अस्तित्व की लड़ाई है।
बैठक में सभी वर्कर्स ने एकजुट होकर 12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया और अपील की कि जिले के सभी मिड-डे मील कर्मी इस संघर्ष में बढ़-चढ़कर भाग लें।