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Solan News: आभा आईडी से निजी अस्पतालों को जोड़ने का काम अधूरा
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कई जिलों में अभी तक आभा आईडी से नहीं जोड़े गए हैं 50 अस्पताल
कर्मचारियों की कमी के कारण अटका पड़ा है काम
सभी अस्पतालों के जुड़ने के बाद एक क्लिक पर मिलेगी पूरी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश भर में आभा आईडी से निजी अस्पतालों को जोड़ने का कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत निजी अस्पताल भी इस प्रणाली से नहीं जुड़े हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की एक क्लिक पर मरीजों की जानकारी डॉक्टरों तक पहुंचाने की योजना ठप पड़ी है। स्थिति यह है कि जिले में कई अस्पतालों को अभी तक आभा आईडी से नहीं जोड़ा गया है।
इसका सबसे बड़ा कारण विभाग में कर्मचारियों की कमी बताया जा रहा है। इस आईडी के तहत निजी अस्पतालों के साथ-साथ दवा दुकानों और क्लीनिकों को भी जोड़ा जाना है, लेकिन मानव संसाधन की कमी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। अब तक जिला सोलन में लगभग 150 निजी अस्पतालों को इस प्रणाली से जोड़ा गया है।
अस्पतालों के आभा कार्ड से न जुड़ने के कारण योजना पूरी तरह से प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही है। विभाग इस योजना को पिछले लगभग पांच वर्षों से चला रहा है, लेकिन निजी अस्पतालों के पूर्ण रूप से न जुड़ पाने के कारण मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर लैब रिपोर्ट लेने तक के लिए कई बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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विभाग की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों में पहले ही आभा योजना लागू की जा चुकी है। सर्वर की खराबी के कारण अक्सर मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब स्थिति यह है कि कई अस्पतालों में आभा कार्ड से पर्ची बनना भी बंद हो गया है।
कर्मचारियों की कमी के कारण आभा कार्ड का कार्य रुका हुआ है। सभी सरकारी अस्पतालों को इससे जोड़ दिया गया है। लोगों को सुविधा देने के लिए जल्द ही निजी अस्पतालों को भी इससे जोड़ा जाएगा। कर्मचारियों की कमी पूरी करने के लिए आग्रह किया गया है।
-रविंद्र कुमार, आयुष्मान भारत जिला समन्वयक, सोलन
कर्मचारियों की कमी के कारण अटका पड़ा है काम
सभी अस्पतालों के जुड़ने के बाद एक क्लिक पर मिलेगी पूरी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश भर में आभा आईडी से निजी अस्पतालों को जोड़ने का कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। अब तक लगभग 50 प्रतिशत निजी अस्पताल भी इस प्रणाली से नहीं जुड़े हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की एक क्लिक पर मरीजों की जानकारी डॉक्टरों तक पहुंचाने की योजना ठप पड़ी है। स्थिति यह है कि जिले में कई अस्पतालों को अभी तक आभा आईडी से नहीं जोड़ा गया है।
इसका सबसे बड़ा कारण विभाग में कर्मचारियों की कमी बताया जा रहा है। इस आईडी के तहत निजी अस्पतालों के साथ-साथ दवा दुकानों और क्लीनिकों को भी जोड़ा जाना है, लेकिन मानव संसाधन की कमी विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। अब तक जिला सोलन में लगभग 150 निजी अस्पतालों को इस प्रणाली से जोड़ा गया है।
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अस्पतालों के आभा कार्ड से न जुड़ने के कारण योजना पूरी तरह से प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही है। विभाग इस योजना को पिछले लगभग पांच वर्षों से चला रहा है, लेकिन निजी अस्पतालों के पूर्ण रूप से न जुड़ पाने के कारण मरीजों को पर्ची बनवाने से लेकर लैब रिपोर्ट लेने तक के लिए कई बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
विभाग की ओर से सभी सरकारी अस्पतालों में पहले ही आभा योजना लागू की जा चुकी है। सर्वर की खराबी के कारण अक्सर मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब स्थिति यह है कि कई अस्पतालों में आभा कार्ड से पर्ची बनना भी बंद हो गया है।
कर्मचारियों की कमी के कारण आभा कार्ड का कार्य रुका हुआ है। सभी सरकारी अस्पतालों को इससे जोड़ दिया गया है। लोगों को सुविधा देने के लिए जल्द ही निजी अस्पतालों को भी इससे जोड़ा जाएगा। कर्मचारियों की कमी पूरी करने के लिए आग्रह किया गया है।
-रविंद्र कुमार, आयुष्मान भारत जिला समन्वयक, सोलन