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Una News: ऊना-दो में 1000 तक पहुंचा दाखिला, सुविधाएं नाकाफी

Mon, 17 Aug 2026 01:06 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Mon, 17 Aug 2026 01:06 AM IST
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Enrollment reaches 1,000 at Una-II; facilities inadequate.
ग्राउंड रिपोर्ट
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कॉ एजुकेशन व्यवस्था लागु होने के बाद 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई दूसरे परिसर में जुगाड़ के सहारे
9वीं से 12वीं तक बच्चों के दूसरे स्कूल के कॉप्लैक्स में चल रही जुगाड़ के सहारे व्यवस्था
रावमापा ऊना एक में दाखिले का ग्राफ तीन सौ भी नहीं हुआ क्रॉस

सीबीएसई पैटर्न में बदले स्कूल में नहीं दिखा बच्चों को रुझान
जसवीर ठाकुर
ऊना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना दो में विद्यार्थियों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है, लेकिन वर्तमान में सुविधाओं की दरकार है। सरकार ने कॉ-एजुकेशन व्यवस्था लागू करते हुए पुराने गर्ल्स स्कूल में स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत व्यवस्था लागू की है, तो पुराने बाल स्कूल में कॉ-एजुकेशन के तहत सीबीएसई की व्यवस्था लागू की है, लेकिन स्कूल ऊना दो में दाखिले का ग्राफ 1000 तक पहुंच गया है। लेकिन नौवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई करने के लिए दूसरे स्कूल के परिसर में जुगाड़ के सहारे व्यवस्था की जा रही है। जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना एक में दाखिले का ग्राफ 350 भी क्रॉस नहीं कर पाया है।
सीबीएसई पैटर्न में बदले स्कूल में बच्चों का कम रूझान इस सत्र में प्रवेश को लेकर देखने को नहीं मिला है और इसकी मार सीधे तौर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना दो के विद्यार्थियों से लेकर स्टाफ पर पड़ती नजर आई है। सबसे अव्यवस्थित परेशानियां बारिश के मौसम में और भी बढ़ जाती हैं। जब एक परिसर से शिक्षकों को दूसरे कांप्लेक्स तक पढ़ाई करवाने के लिए जाना पड़ रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षा विभाग और सरकार ने इस समस्या का समाधान करने के लिए आज दिन तक कोई भी पहल नहीं की है। जिसके चलते स्कूल का स्टाफ और विद्यार्थी अव्यवस्था के आलम के आगे पीसते नजर आए हैं, तो वहीं दूसरी ओर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव होने का का खामियाजा बच्चों के साथ-साथ शिक्षक भी भुगतने को विवश हैं। पूर्व विधायक सतपाल रायजादा का कहना है कि समस्या ध्यान में है। जल्द ही उपनिदेशक और जिला प्रशासन से आगामी दिनों में बैठक करके रणनीति बनाई जाएगी ताकि बच्चों और शिक्षकों को परेशानियां पेश न आ सकें।
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बाक्स
स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान सोनिका का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ ही सरकार और शिक्षा विभाग को बच्चों और शिक्षकों की सुविधा पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए ताकि पढ़ाई के दौर में बच्चे और शिक्षक प्रभावित न हो सके।
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स्कूल प्रबंधन समिति की पूर्व प्रधान गुरप्रीत कौर का कहना है कि इस समस्या का समाधान बच्चों और शिक्षकों के हित को मद्देनजर रखते हुए जल्द से जल्द करना चाहिए और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना एक में ज्यादा संख्या वाले स्कूल का संचालन करना चाहिए ताकि बच्चों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके।
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