{"_id":"69bae665efce34ecb40865c8","slug":"skills-learned-from-mother-became-a-support-demand-for-kalihar-made-by-raksha-devi-increased-una-news-c-93-1-una1002-185111-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: मां से सीखा हुनर बना सहारा, रक्षा देवी के हाथों से बने कलिहर की बढ़ी मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: मां से सीखा हुनर बना सहारा, रक्षा देवी के हाथों से बने कलिहर की बढ़ी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 19 Mar 2026 07:21 AM IST
विज्ञापन
रक्षा देवी के हाथों से कलिहरे।संवाद
विज्ञापन
चकसराय (ऊना)। मेहनत और लगन से सीखा हुआ हुनर जीवन में कभी भी काम आ सकता है। चिंतपूर्णी क्षेत्र की पंचायत मावा लोहारा अपर के गांव मावा में पली-बढ़ी रक्षा देवी ने इसे सच कर दिखाया है। उन्होंने अपनी मां से कलिहर बनाने का हुनर सीखा जो शादी के समय दुल्हन की कलाई पर बांधे जाते हैं। आज यही हुनर उनके लिए आय का जरिया बन गया है। रक्षा देवी की शादी तहसील रक्कड़ के गांव बंढा में हुई है। उन्होंने बताया कि एक दिन वह नजदीकी बाजार रक्कड़ में एक मनियारी की दुकान पर खड़ी थी। वहां दुकानदार और कुछ लोग इस बात पर चर्चा कर रहे थे कि आजकल बाजार में ज्यादातर रेडिमेड कलिहर ही मिल रहे हैं, जिनकी गुणवत्ता पहले जैसी नहीं होती। पहले गांव की महिलाएं हाथों से कलिहर बनाकर दुकानदारों को देती थीं लेकिन अब यह परंपरा लगभग खत्म हो चुकी है। रक्षा देवी ने बताया कि बातों-बातों में उन्होंने दुकानदार से कहा कि यदि वह हाथों से कलिहर बनाकर दे तो क्या वह उन्हें खरीदेंगे। दुकानदार ने हामी भर दी। इसके बाद उन्होंने घर पर ही कलिहर बनाना शुरू कर दिया। शुरुआत में उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कलिहर बनाने के लिए जरूरी छोटा-छोटा सामान इकट्ठा करना भी उनके लिए चुनौती था। हालांकि उन्होंने धीरे-धीरे सभी जरूरी सामग्री जुटा ली और काम को आगे बढ़ाया। समय के साथ उनके बनाए कलिहर की मांग बढ़ने लगी। आज उनके बनाए कलिहर पठानकोट, नादौन सहित कई स्थानों तक पहुंच रहे हैं और उन्हें इससे अच्छी आय भी हो रही है। रक्षा देवी अब अपने गांव की लड़कियों और महिलाओं को भी यह हुनर सीखा रही हैं ताकि वे भी घर बैठे कुछ आय कमा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
गांव की रेखा देवी का कहना है कि रक्षा देवी से कलिहर बनाना सीख रही हैं। इससे उन्हें घर बैठे कुछ कमाई होने लगी है। मधु बाला का कहना है कि गांव में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित होते हैं। ऐसे में रक्षा देवी की पहल से कई महिलाओं को नया हुनर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। रक्षा देवी का कहना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे घर बैठे भी अच्छा काम कर सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
Trending Videos
गांव की रेखा देवी का कहना है कि रक्षा देवी से कलिहर बनाना सीख रही हैं। इससे उन्हें घर बैठे कुछ कमाई होने लगी है। मधु बाला का कहना है कि गांव में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित होते हैं। ऐसे में रक्षा देवी की पहल से कई महिलाओं को नया हुनर सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। रक्षा देवी का कहना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे घर बैठे भी अच्छा काम कर सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन