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Una News: ऊना-एक स्कूल में अगले सत्र से होगी सीबीएसई पैटर्न से पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:33 AM IST
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ऊना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऊना-एक में आगामी शैक्षणिक सत्र से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश सरकार की अधिसूचना के बाद अब इस स्कूल में सीबीएसई पैटर्न पर आधारित शिक्षा शुरू की जा रही है। इसके तहत एक अप्रैल से नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया के साथ नियमित कक्षाएं भी आरंभ हो जाएंगी।
स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कौंडल ने बताया कि संस्थान को सीबीएसई की एफिलेशन प्राप्त हो चुकी है जिसके बाद अब विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का अवसर मिलेगा जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक तैयार हो सकेंगे। प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल में नर्सरी से लेकर जमा दो तक की कक्षाएं संचालित होंगी। विद्यार्थियों को कला के साथ कॉमर्स और विज्ञान संकाय की पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बावजूद स्कूल की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। गरीब और मध्य वर्ग के परिवारों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा को किफायती और सभी की पहुंच में रखा गया है।
पूरे वर्ष की पढ़ाई का खर्च 5 हजार रुपये से भी कम रहेगा जो निजी स्कूलों की तुलना में काफी कम है। इसके अलावा स्कूल में पहले की तरह मिड-डे मील की सुविधा भी जारी रहेगी जिससे छात्रों को पोषण युक्त भोजन मिलता रहेगा। वर्तमान समय में स्कूल में छठी से जमा दो तक करीब 500 जबकि नर्सरी से पांचवीं तक लगभग 265 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें सुसज्जित लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल की अपनी अटल टिंकरिंग लैब भी है। विद्यार्थियों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा से भी जोड़ा जा रहा है ताकि वे बदलते समय के साथ कदम से कदम मिला सकें। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों का दाखिला इस स्कूल में करवाएं और सरकारी संस्थान में कम खर्च में बेहतर शिक्षा का लाभ उठाएं। इस पहल से निश्चित रूप से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और अधिक सुदृढ़ होगा।
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स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कौंडल ने बताया कि संस्थान को सीबीएसई की एफिलेशन प्राप्त हो चुकी है जिसके बाद अब विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का अवसर मिलेगा जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक तैयार हो सकेंगे। प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल में नर्सरी से लेकर जमा दो तक की कक्षाएं संचालित होंगी। विद्यार्थियों को कला के साथ कॉमर्स और विज्ञान संकाय की पढ़ाई की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई पैटर्न लागू होने के बावजूद स्कूल की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। गरीब और मध्य वर्ग के परिवारों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा को किफायती और सभी की पहुंच में रखा गया है।
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पूरे वर्ष की पढ़ाई का खर्च 5 हजार रुपये से भी कम रहेगा जो निजी स्कूलों की तुलना में काफी कम है। इसके अलावा स्कूल में पहले की तरह मिड-डे मील की सुविधा भी जारी रहेगी जिससे छात्रों को पोषण युक्त भोजन मिलता रहेगा। वर्तमान समय में स्कूल में छठी से जमा दो तक करीब 500 जबकि नर्सरी से पांचवीं तक लगभग 265 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि स्कूल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें सुसज्जित लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल की अपनी अटल टिंकरिंग लैब भी है। विद्यार्थियों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा से भी जोड़ा जा रहा है ताकि वे बदलते समय के साथ कदम से कदम मिला सकें। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों का दाखिला इस स्कूल में करवाएं और सरकारी संस्थान में कम खर्च में बेहतर शिक्षा का लाभ उठाएं। इस पहल से निश्चित रूप से क्षेत्र में शिक्षा का स्तर और अधिक सुदृढ़ होगा।