{"_id":"6a528b33c5952359db01932e","slug":"villagers-took-matters-into-their-own-hands-amidst-administrative-neglect-una-news-c-93-1-una1026-198243-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: प्रशासन की अनदेखी के बीच ग्रामीणों ने खुद संभाली जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: प्रशासन की अनदेखी के बीच ग्रामीणों ने खुद संभाली जिम्मेदारी
Sun, 12 Jul 2026 08:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 12 Jul 2026 08:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंडोगा (ऊना)। हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गांव पंडोगा में श्मशानघाट को जाने वाला रास्ता लंबे समय से बदहाल होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार प्रशासन के समक्ष समस्या उठाने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं हुआ तो वार्ड पांच और छह के ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर रास्ते की मरम्मत का कार्य किया।
ग्रामीणों ने स्थानीय पंचायत के सहयोग से निजी ट्रैक्टरों व अन्य मशीनों की मदद से रास्ते में पत्थर और बजरी डालकर गड्ढों को भरा। इसके बाद कीचड़ से भरे मार्ग को समतल किया गया। ग्रामीणों ने श्रमदान और आपसी सहयोग से यह कार्य पूरा किया, जिससे श्मशान घाट तक आवागमन कुछ हद तक सुगम हो सके। स्थानीय मोती लाल, जतिंद्र, तरसेम और सतिंद्र सहित अन्य का कहना है कि बरसात के दिनों में इस मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो जाती थी कि अंतिम यात्रा ले जाने में भी भारी दिक्कतें आती थीं। अब आपसी सहयोग से इस रास्ते को अस्थायी रूप से ठीक कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग को स्थायी रूप से पक्का किया जाए ताकि भविष्य में लोगों को इस समस्या से हमेशा के लिए राहत मिल सके।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने स्थानीय पंचायत के सहयोग से निजी ट्रैक्टरों व अन्य मशीनों की मदद से रास्ते में पत्थर और बजरी डालकर गड्ढों को भरा। इसके बाद कीचड़ से भरे मार्ग को समतल किया गया। ग्रामीणों ने श्रमदान और आपसी सहयोग से यह कार्य पूरा किया, जिससे श्मशान घाट तक आवागमन कुछ हद तक सुगम हो सके। स्थानीय मोती लाल, जतिंद्र, तरसेम और सतिंद्र सहित अन्य का कहना है कि बरसात के दिनों में इस मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो जाती थी कि अंतिम यात्रा ले जाने में भी भारी दिक्कतें आती थीं। अब आपसी सहयोग से इस रास्ते को अस्थायी रूप से ठीक कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग को स्थायी रूप से पक्का किया जाए ताकि भविष्य में लोगों को इस समस्या से हमेशा के लिए राहत मिल सके।
विज्ञापन