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किन क्षेत्रों में है भारत का भविष्य?: 2030 तक जर्मनी को छोड़ सकता है पीछे, लेकिन इन मुद्दों पर देना होगा जोर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Himanshu Singh Chandel Updated Wed, 18 Mar 2026 05:15 PM IST
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सार

एक रिपोर्ट के अनुसार भारत 2030 तक जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। लेकिन इसके लिए उत्पादन, रोजगार और एआई पर फोकस जरूरी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्पादन क्षेत्र की हिस्सेदारी घटी है और कृषि में भी खामियां हैं। आइए, विस्तार से समझते हैं।

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ये सेक्टर भारत के लिए अहम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

भारत तेजी से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इस दशक के अंत तक जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने और इसे बनाए रखने के लिए देश को उत्पादन, रोजगार और नई तकनीक पर खास ध्यान देना होगा।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जल्द ही जापान को भी पीछे छोड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। लेकिन इसके साथ ही कुछ बड़ी चुनौतियां भी सामने हैं। अगर इन चुनौतियों को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसलिए विकास के साथ संतुलन बनाना जरूरी बताया गया है।
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उत्पादन क्षेत्र क्यों बनी सबसे बड़ी चिंता?
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दस साल में भारत की जीडीपी में उत्पादन क्षेत्र की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत रह गई है। यह चिंता की बात है क्योंकि उत्पादन क्षेत्र ज्यादा रोजगार पैदा करता है। एक उत्पादन क्षेत्र की नौकरी से दो से ज्यादा नई नौकरियां बनती हैं, जबकि सर्विस क्षेत्र में यह असर काफी कम होता है।

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किन क्षेत्रों में है सबसे ज्यादा मौका?
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए जहां रोजगार भी बने और ऑटोमेशन का खतरा कम हो। इसमें प्रिसिजन इक्विपमेंट, स्पेशलिटी केमिकल्स, फार्मा इंटरमीडिएट, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली और टेक्सटाइल शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कम लागत में ज्यादा विस्तार संभव है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

कृषि और आय में क्या हैं बड़ी समस्याएं?
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कृषि क्षेत्र में बड़ी खामी है। किसान को उसकी उपज की कीमत का केवल 25 प्रतिशत ही मिल पाता है, जबकि बाकी हिस्सा सप्लाई चेन में चला जाता है। इससे गांवों में आय बढ़ने की रफ्तार धीमी रहती है। अगर इस व्यवस्था को सुधारा जाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है।

एआई और शहरों की भूमिका क्यों अहम है?
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनियों को इसे केवल प्रयोग तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अपने कामकाज में शामिल करना होगा। साथ ही, भारत को बड़े शहरों को बेहतर बनाना होगा। अच्छी सड़कें, सस्ती आवास व्यवस्था और मजबूत सार्वजनिक परिवहन से ही देश हाई-इनकम इकोनॉमी की ओर बढ़ सकता है।

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