Maharashtra: पुणे में कोचिंग क्लास में चाकू से हमला, छात्र की मौत; राज्य सरकार के कई विभागों पर CAG की टिप्पणी
महाराष्ट्र के पुणे जिले में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां राजगुरुनगर स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में 10वीं कक्षा के 16 वर्षीय छात्र पर उसके ही सहपाठी ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी छात्र भी 10वीं कक्षा में पढ़ता है और दोनों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद था। सोमवार सुबह क्लास के दौरान आरोपी छात्र चाकू लेकर आया और अचानक हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेने की प्रक्रिया चल रही है और हमले की असल वजह की जांच की जा रही है।
महाराष्ट्र सरकार के कई विभागों पर CAG की सख्त टिप्पणी
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में महाराष्ट्र सरकार के कई विभागों की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के अलग-अलग विभागों ने हजारों करोड़ रुपये की ग्रांट के उपयोग से जुड़े उपयोग प्रमाणपत्र जमा नहीं किए हैं। सीएजी के मुताबिक, 31 मार्च 2025 तक 1.77 लाख करोड़ रुपये से जुड़े करीब 52,876 मामलों में UCs लंबित थे। इनमें सबसे ज्यादा मामले शहरी विकास विभाग, योजना विभाग, जल संसाधन विभाग, आवास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग से जुड़े हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कई विभागों ने मार्च 2025 में अचानक भारी खर्च किया, जो वित्तीय नियमों के खिलाफ है। सबसे ज्यादा खर्च आवास विभाग ने किया, जिसने साल का 90 फीसदी बजट सिर्फ मार्च महीने में खर्च कर दिया। सीएजी ने चेतावनी दी है कि ऐसी अनियमितताओं से यह खतरा रहता है कि पैसा सही लाभार्थियों तक पहुंचा ही न हो।
मुंबई के चर्चित डॉक्टर आत्महत्या मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। महाराष्ट्र सरकार की मंत्री पंकजा मुंडे के निजी सहायक (पीए) अनंत गरजे को विशेष जांच दल ने तीन दिन की हिरासत में लिया है। उन पर अपनी पत्नी, डॉक्टर गौरी पालवे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
गौरी पालवे, जो केईएम अस्पताल में दंत चिकित्सक थीं, ने 22 नवंबर को वर्ली स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या के पीछे घरेलू विवाद कारण हो सकता है। मृतका के परिजनों की शिकायत के बाद गरजे और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। दोनों की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी।
अनंत गरजे को पहले आर्थर रोड जेल में रखा गया था। सोमवार को एसआईटी ने उन्हें जेल से हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया, जहां से तीन दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की गई। यह एसआईटी आठ सदस्यों की है और इसका गठन 5 दिसंबर को किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और हिरासत के दौरान आरोपी से पूछताछ कर कई अहम तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुंबई की एक अदालत ने ट्रेन फायरिंग मामले में आरोपी पूर्व रेलवे सुरक्षा बल कांस्टेबल चेतनसिंह चौधरी की मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया है। आरोपी ने जमानत याचिका दाखिल करते हुए मानसिक बीमारी का हवाला दिया है। कांस्टेबल पर आरोप है कि उसने 31 जुलाई 2023 को जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में गोलीबारी कर अपने वरिष्ठ अधिकारी समेत चार लोगों की हत्या कर दी थी। घटना पालघर के पास हुई थी। बाद में उसे हथियार समेत गिरफ्तार कर लिया गया था।
सोमवार को जमानत पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अदालत ने पहले मेडिकल रिपोर्ट मंगाने का फैसला किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने ठाणे जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि आरोपी की मानसिक और शारीरिक स्थिति की जांच कर 19 दिसंबर तक रिपोर्ट पेश की जाए। आरोपी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि वह व्हाइट मैटर डिजीज और भ्रम संबंधी मानसिक बीमारी से पीड़ित है, जिसके कारण उसे अपने कृत्य की जानकारी नहीं थी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर है और गवाहों पर असर पड़ सकता है। अब अदालत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी।
पुलिस ने बताया कि मुंबई पुलिस के जवानों की एक टीम पर उपनगरीय कांदिवली में हमला किया गया, जब वे दो ग्रुपों के बीच झड़प में दखल दे रहे थे, जिसके बाद सोमवार को एक महिला सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह घटना रविवार रात लालजीपाड़ा इलाके में हुई। आरोपियों की पहचान पप्पू झा, चंद्रकांत झा, गुड्डू झा, विक्की सिंह और सुमन झा के रूप में हुई है।
घटना वाले दिन, पुलिस को सूचना मिली कि खाड़ी इलाके में लड़ाई हो रही है। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि दो ग्रुप लाठियों और बांस के डंडों से लड़ रहे थे। उस समय, एक ग्रुप के सदस्य भीम कनौजिया को शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन भेजा गया। जब दूसरे ग्रुप के पप्पू झा को शिकायत दर्ज कराने के लिए स्टेशन ले जाने के लिए पुलिस मोबाइल वैन में बैठने को कहा गया, तो उसने कथित तौर पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से बहस की और उनमें से एक को धक्का दिया। बाद में, झा के पिता, मां, भाई और दोस्तों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को गाली दी और उन पर मुक्के बरसाए। आरोपियों ने कथित तौर पर तीन पुलिस अधिकारियों पर भी हमला किया और पत्थर फेंककर पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया।
घटना के बाद, अतिरिक्त पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर हमला और दंगा करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि आगे की जांच जारी है।