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Kathua News: हाथन गांव में आग का कहर, छह घर प्रभावित, तीन पूरी तरह तबाह
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 28 Apr 2026 02:49 AM IST
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बनी के हाथन में आग को बुझाने का प्रयास करते ग्रामीण संवाद
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घरेलू सामान, कपड़े, अनाज, फर्नीचर और अन्य जरूरी वस्तुएं जलीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बनी। संदरूण के हाथन इलाके में सोमवार दोपहर 12 बजे भीषण आग ने छह घरों को चपेट में ले लिया। आग लगने से तीन घर पूरी तरह जल गए जबकि दो को गंभीर नुकसान पहुंचा और एक अन्य घर को आंशिक क्षति हुई है।
जानकारी के अनुसार सबसे पहले आग एक घर में लगी लेकिन तेज हवाओं और सूखी गर्मी के कारण कुछ ही देर में इसने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों तक फैल गई। देखते ही देखते छह घर इसकी चपेट में आ गए। आग इतनी भयानक थी कि घरों में रखा घरेलू सामान, कपड़े, अनाज, फर्नीचर और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो गए। आग की लपटें दूर से देखी जा सकती थीं। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रभावित परिवारों में महेंद्र सिंह पुत्र बलदेव ठाकुर, बंटू राम पुत्र महेंद्र सिंह, अंग्रेज सिंह पुत्र भीमराम, सुदेश कुमार पुत्र चेतराम, गंगाराम पुत्र मधु राम और चंगा राम पुत्र अमरनाथ हैं।
घटना के बाद विधायक ने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपये सीडीएफ में से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 29 अप्रैल को बनी पहुंच रहे हैं और पीड़ित परिवारों की मुलाकात उनसे करवाई जाएगी। विधायक ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाई जाए। विधायक ने बताया कि एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों के मामलों को एसडीआरएफ नियमों के तहत प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
चार किलोमीटर पैदल जाकर दी परिवार के सदस्यों को आग की सूचना
हाफिज कुरैशी
बनी। गांव में लगी आग ने मजदूर परिवारों की जिंदगी को पलभर में राख कर दिया। पीड़ित महेंद्र सिंह ने बताया कि जिस समय आग लगी उस समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था केवल छोटे बच्चे ही थे। आग लगने के सही कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की खराब हालत चिंता का विषय बनी हुई है।
महेंद्र सिंह ने कहा कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बड़ी मुश्किल से घर बनाया था लेकिन कुछ ही मिनटों में सब आग की भेंट चढ़ गया। चश्मदीद माया देवी ने बताया कि आग लगने के समय वह घर में थीं। आग भड़कते ही शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक सामान जल चुका था। माया देवी ने कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने के लिए गांव पहुंच जाते हैं और लोग आधी रात को भी दरवाजे खोल देते हैं। दुख की बात है कि आज तक गांव में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि आग की सूचना देने के लिए घर के सदस्य चार किलोमीटर दूर पर जाकर फोन करने के लिए मजबूर हुए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बनी। संदरूण के हाथन इलाके में सोमवार दोपहर 12 बजे भीषण आग ने छह घरों को चपेट में ले लिया। आग लगने से तीन घर पूरी तरह जल गए जबकि दो को गंभीर नुकसान पहुंचा और एक अन्य घर को आंशिक क्षति हुई है।
जानकारी के अनुसार सबसे पहले आग एक घर में लगी लेकिन तेज हवाओं और सूखी गर्मी के कारण कुछ ही देर में इसने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के घरों तक फैल गई। देखते ही देखते छह घर इसकी चपेट में आ गए। आग इतनी भयानक थी कि घरों में रखा घरेलू सामान, कपड़े, अनाज, फर्नीचर और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर राख हो गए। आग की लपटें दूर से देखी जा सकती थीं। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। ग्रामीणों ने एकजुट होकर मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रभावित परिवारों में महेंद्र सिंह पुत्र बलदेव ठाकुर, बंटू राम पुत्र महेंद्र सिंह, अंग्रेज सिंह पुत्र भीमराम, सुदेश कुमार पुत्र चेतराम, गंगाराम पुत्र मधु राम और चंगा राम पुत्र अमरनाथ हैं।
घटना के बाद विधायक ने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक परिवार को एक-एक लाख रुपये सीडीएफ में से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 29 अप्रैल को बनी पहुंच रहे हैं और पीड़ित परिवारों की मुलाकात उनसे करवाई जाएगी। विधायक ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि मुख्यमंत्री राहत कोष से भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाई जाए। विधायक ने बताया कि एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि पीड़ित परिवारों के मामलों को एसडीआरएफ नियमों के तहत प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
चार किलोमीटर पैदल जाकर दी परिवार के सदस्यों को आग की सूचना
हाफिज कुरैशी
बनी। गांव में लगी आग ने मजदूर परिवारों की जिंदगी को पलभर में राख कर दिया। पीड़ित महेंद्र सिंह ने बताया कि जिस समय आग लगी उस समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था केवल छोटे बच्चे ही थे। आग लगने के सही कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की खराब हालत चिंता का विषय बनी हुई है।
महेंद्र सिंह ने कहा कि वह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बड़ी मुश्किल से घर बनाया था लेकिन कुछ ही मिनटों में सब आग की भेंट चढ़ गया। चश्मदीद माया देवी ने बताया कि आग लगने के समय वह घर में थीं। आग भड़कते ही शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक सामान जल चुका था। माया देवी ने कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने के लिए गांव पहुंच जाते हैं और लोग आधी रात को भी दरवाजे खोल देते हैं। दुख की बात है कि आज तक गांव में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि आग की सूचना देने के लिए घर के सदस्य चार किलोमीटर दूर पर जाकर फोन करने के लिए मजबूर हुए।