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Kathua News: 18 घंटे बाद खुला बनी-बसोहली मार्ग
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बनी। बनी-बसोहली मार्ग पर मंगलवार शाम करीब 10 बजे हुए भारी भूस्खलन के कारण यातायात लगभग 18 घंटे तक बाधित रहा। बुधवार को यह मार्ग बहाल हो गया। यह मार्ग बनी क्षेत्र को कठुआ और बसोहली से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है और बड़ी संख्या में लोग इसी सड़क के माध्यम से बनी, बसोहली, कठुआ तथा बनी-भद्रवाह-डोडा क्षेत्र की ओर आवागमन करते हैं। सड़क बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भूस्खलन की चपेट में आने से सड़क के साथ लगती जमीन को भी नुकसान पहुंचा जबकि एक परिवार का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बुधवार सुबह प्रभावित परिवार और स्थानीय लोगों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया। परिवार ने सड़क किनारे बैठकर प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध करवाने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना था कि लगातार भूस्खलन के चलते उनके घरों और जमीन को खतरा बना हुआ है।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। बसोहली प्रशासन की ओर से एडीसी ने बताया कि करीब एक-दो सप्ताह पहले भी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से 14 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है । उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खतरे वाले स्थान पर रहने से बचें। प्रभावित परिवारों की सहायता और पुनर्वास से संबंधित प्रक्रिया प्रशासन स्तर पर चल रही है तथा मौसम और स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क खोलने की अनुमति दी, जिसके बाद बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया। करीब 18 घंटे बाद बनी–बसोहली मार्ग पर यातायात फिर से शुरू हुआ, जिससे फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान पर भूस्खलन का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर सड़क किनारे चेतावनी साइन बोर्ड, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन लाइटों की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि रात के समय किसी बड़े हादसे की आशंका को कम किया जा सके।
अधिकारी जोगिंदर यादव ने बताया कि सुरक्षा संबंधी आवश्यक मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यहां सुरक्षा के लिए जरूरी प्रिकॉशनरी उपाय किए जाएंगे और इमरजेंसी लाइट्स सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की जाएंगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बनी क्षेत्र की बड़ी आबादी इस मार्ग पर निर्भर है। यह सड़क केवल बनी और बसोहली को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि बनी क्षेत्र से कठुआ तथा आगे भद्रवाह और डोडा की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में बार-बार होने वाले भूस्खलन और सड़क बंद होने से आम लोगों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।
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भूस्खलन की चपेट में आने से सड़क के साथ लगती जमीन को भी नुकसान पहुंचा जबकि एक परिवार का मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बुधवार सुबह प्रभावित परिवार और स्थानीय लोगों ने मौके पर विरोध प्रदर्शन किया। परिवार ने सड़क किनारे बैठकर प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध करवाने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना था कि लगातार भूस्खलन के चलते उनके घरों और जमीन को खतरा बना हुआ है।
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मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। बसोहली प्रशासन की ओर से एडीसी ने बताया कि करीब एक-दो सप्ताह पहले भी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से 14 लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है । उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खतरे वाले स्थान पर रहने से बचें। प्रभावित परिवारों की सहायता और पुनर्वास से संबंधित प्रक्रिया प्रशासन स्तर पर चल रही है तथा मौसम और स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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प्रशासन की ओर से मिले आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क खोलने की अनुमति दी, जिसके बाद बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया। करीब 18 घंटे बाद बनी–बसोहली मार्ग पर यातायात फिर से शुरू हुआ, जिससे फंसे यात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस स्थान पर भूस्खलन का स्थायी समाधान निकाला जाए। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर सड़क किनारे चेतावनी साइन बोर्ड, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन लाइटों की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि रात के समय किसी बड़े हादसे की आशंका को कम किया जा सके।
अधिकारी जोगिंदर यादव ने बताया कि सुरक्षा संबंधी आवश्यक मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यहां सुरक्षा के लिए जरूरी प्रिकॉशनरी उपाय किए जाएंगे और इमरजेंसी लाइट्स सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की जाएंगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बनी क्षेत्र की बड़ी आबादी इस मार्ग पर निर्भर है। यह सड़क केवल बनी और बसोहली को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि बनी क्षेत्र से कठुआ तथा आगे भद्रवाह और डोडा की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में बार-बार होने वाले भूस्खलन और सड़क बंद होने से आम लोगों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि समस्या का स्थायी समाधान कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।